वीडियो देखिये, देवास पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट के बाद अब क्या हालात: इंदौर में जिंदगी की जंग लड़ रहे घायल: 3 की हालत नाजुक, जांच तेज
KHULASA FIRST
संवाददाता
खुलासा फर्स्ट, देवास/इंदौर।
मध्य प्रदेश के देवास जिले के टोंक कलां इलाके में गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के बाद घायलों का इलाज इंदौर समेत अलग-अलग अस्पतालों में जारी है। हादसे में धीरज, सनी और सुमित नाम के तीन मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 25 लोग घायल हुए हैं। इनमें से 13 गंभीर घायलों को रेफर किया गया था।
इंदौर के एमवाय अस्पताल के सुपरिटेंडेंट डॉ. अशोक यादव ने बताया कि तीन गंभीर घायल यहां भर्ती किए गए हैं, जिनकी हालत नाजुक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि सभी मरीज 80 से 90 प्रतिशत तक झुलसे हुए हैं और उनकी हालत चिंताजनक है। घायलों के इलाज के लिए पूरी मेडिकल टीम मुस्तैद है, जबकि सर्जरी विभाग के डॉक्टर लगातार निगरानी कर रहे हैं। जरूरत के अनुसार अन्य मरीजों को भी यहां रेफर किया जा रहा है।
मंत्री और अफसर पहुंचे अस्पताल, इलाज के निर्देश
हादसे के बाद मंत्री तुलसी सिलावट, उज्जैन कमिश्नर आशीष सिंह और एडीजी राकेश गुप्ता MY अस्पताल पहुंचे और घायलों का हाल जाना। मंत्री सिलावट ने इसे बेहद दुखद घटना बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर वह स्थिति का जायजा लेने पहुंचे हैं। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए।
बताया जा रहा है कि झुलसे मरीजों का इलाज इंदौर के अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। तीन मरीज MY अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि दो अन्य को चोइथराम अस्पताल में एडमिट किया गया है। भर्ती मरीजों में से तीन की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है।
वैज्ञानिक जांच शुरू, FSL टीम जुटी
घटना के बाद प्रशासन ने फैक्ट्री को सील कर दिया है और मौके पर पुलिस बल तैनात है। एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। टीम ने मौके से केमिकल के सैंपल और अन्य साक्ष्य एकत्र किए हैं, जिनकी वैज्ञानिक जांच की जा रही है। जांच के लिए डॉ. रश्मि भी मौके पर पहुंचीं और तकनीकी पहलुओं का निरीक्षण किया।
धमाके के बाद बिखरा मंजर
धमाके की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि फैक्ट्री परिसर के अंदर और आसपास का सामान बुरी तरह बिखरा मिला। जांच टीम पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
हादसे की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि इस हादसे में 3 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हुए। ब्लास्ट इतना तेज था कि शवों के टुकड़े 20-25 फीट दूर तक जा गिरे और फैक्ट्री की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं। घटना के बाद पुलिस ने फैक्ट्री मालिक अनिल मालवीय को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच जारी है।
देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने मीडिया को बताया पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में 28 लोग हताहत हुए हैं। इनमें तीन की मौत हुई है। 25 लोग घायल हैं। 12 घायल देवास जिला अस्पताल में भर्ती हैं, जिनकी हालत ठीक है। 6 लोग देवास के अमलतास अस्पताल में भर्ती हैं। इंदौर एमवाय में 3 और चोइथराम में 4 घायलों का इलाज चल रहा है।
पता चला है कि 23 दिसंबर को इन्हें लाइसेंस जारी किया गया और 6 मई को ही लाइसेंस रिन्यू हुआ है। दो लाइसेंस थे। एक पटाखा बनाने और दूसरा पटाखा बेचने का था। अलग-अगल टीमें जांच कर रही हैं। चार नाम चिह्नित किए गए हैं। इन पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सोनकच्छ विधायक राजेश सोनकर ने इसे बेहद दुखद घटना बताया है। उन्होंने कहा कि सुबह फैक्ट्री में आग लगने से कई लोग घायल हुए, जिनकी स्थिति जानने और इलाज की व्यवस्था देखने के लिए वे मौके पर पहुंचे।
घायलों में से पांच को इंदौर रेफर किया गया है, जिनमें तीन की हालत गंभीर बनी हुई है। उन्होंने कहा कि उनकी मुख्यमंत्री से इस संबंध में चर्चा हुई है, जिसके बाद सभी घायलों के मुफ्त और त्वरित इलाज के निर्देश दिए गए हैं। सोनकर ने कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि सभी घायलों को बेहतर और समय पर उपचार मिले। प्रशासन और मेडिकल टीम पूरी तरह मुस्तैद है।
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