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नौतपा में तपा उत्तराखंड: 6 जिलों में भीषण लू का अलर्ट; पहाड़ों में बारिश और बर्फबारी

KHULASA FIRST

संवाददाता

27 मई 2026, 5:36 pm
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नौतपा में तपा उत्तराखंड

चारधाम यात्रा पर बढ़ा ईंधन संकट, कई पेट्रोल पंप सूखे

आंध्र प्रदेश के 22 यात्रियों से 2.65 लाख रुपए की ठगी

यात्रा पंजीकरण में भगदड़ जैसे हालात, घंटों लाइन में लगे यात्री

खुलासा फर्स्ट, देहरादून।
उत्तराखंड में नौतपा के दौरान मौसम के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी और लू से लोग परेशान हैं, तो दूसरी ओर पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी का दौर जारी है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के देहरादून केंद्र ने देहरादून, हरिद्वार, उधम सिंह नगर, पौड़ी, नैनीताल और चंपावत समेत छह जिलों में भीषण लू का अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार अगले दो से तीन दिनों तक मैदानी इलाकों में तापमान से राहत मिलने की संभावना नहीं है। बीते 24 घंटों में राज्य का सबसे अधिक तापमान हरिद्वार के रूड़की में दर्ज किया गया, जहां पारा 41.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान नैनीताल जिले के मुक्तेश्वर में 15.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि पश्चिमी विक्षोभ के असर के बाद अगले कुछ दिनों में तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है।

फिलहाल शासन और प्रशासन ने मैदानी जिलों में हाई अलर्ट जारी कर लोगों से दोपहर के समय घरों से कम निकलने और सावधानी बरतने की अपील की है। इसके उलट उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में हल्की बारिश और गर्जना के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है।

ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम अचानक बदलने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। सिखों के पवित्र तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब और बद्रीनाथ धाम में सोमवार को ताजा बर्फबारी हुई।

बर्फबारी के बाद वहां एक बार फिर कड़ाके की ठंड लौट आई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तराखंड में इस समय मैदानी और हिमालयी क्षेत्रों के मौसम में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है।

एक ओर जहां मैदान भीषण गर्मी से तप रहे हैं, वहीं ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और ठंडी हवाओं का असर बना हुआ है।

हरिद्वार छोड़ प्रदेशभर में पेट्रोल 100 के पार
चार धाम यात्रा  के बीच उत्तराखंड में पेट्रोल और डीजल का संकट गहराने लगा है। बद्रीनाथ-केदारनाथ यात्रा मार्ग पर कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म होने की स्थिति बन गई है, जबकि कई जगह सीमित मात्रा में ही पेट्रोल-डीजल दिया जा रहा है।

इस बीच राज्य में हरिद्वार को छोड़ लगभग सभी जिलों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपए प्रति लीटर के पार पहुंच गई है। देहरादून में पेट्रोल की कीमत 100.50 रु. व डीजल 95.90 रुपए प्रति लीटर पहुंच गई है। बीते 11 दिनों में यह चौथी बार है जब ईंधन कीमतों में वृद्धि की गई है।

बताया जा रहा है कि 15 मई से शुरू हुए मूल्य संशोधन के बाद अब तक पेट्रोल और डीजल करीब 7.5 रुपए प्रति लीटर महंगे हो चुके हैं। इसके बावजूद तेल कंपनियां घाटे का हवाला दे रही हैं और आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

उधर, बद्रीनाथ मंदिर और केदारनाथ मंदिर यात्रा मार्ग पर ईंधन संकट यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। ज्योतिर्मठ के एकमात्र पेट्रोल पंप पर पेट्रोल खत्म होने से नाराज यात्रियों ने पुलिस के सामने नारेबाजी की।

स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने चमोली जिले में चारपहिया वाहनों के लिए ईंधन की सीमा तय कर दी है। बद्रीनाथ स्थित जीएमवीएन पेट्रोल पंप पर एक वाहन को केवल 800 रुपए का पेट्रोल और 1000 रुपए का डीजल ही दिया जा रहा है। वहीं श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, पीपलकोटी और ज्योतिर्मठ समेत कई स्थानों पर यात्रियों को या तो ईंधन नहीं मिल रहा या सीमित मात्रा में दिया जा रहा है।

केदारनाथ हेली िकट फ्रॉड
केदारनाथ यात्रा पर आंध्र प्रदेश के 22 यात्रियों के साथ हेलिकॉप्टर टिकट के नाम पर 2.65 लाख की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यात्रियों को फर्जी हेली टिकट दे दिए गए, जिसका खुलासा केदारघाटी पहुंचने पर हुआ।

जानकारी के अनुसार आंध्र प्रदेश के चित्तूर-तिरुपति ग्रामीण क्षेत्र से आए श्रद्धालुओं के दल ने ऑनलाइन केदारनाथ हेली सेवा का एक विज्ञापन देखा था। विज्ञापन में दिए गए नंबर पर संपर्क करने पर एक व्यक्ति ने खुद को हेली कंपनी का कर्मचारी बताया और टिकट बुकिंग कराने का भरोसा दिलाया।

आरोपी ने 22 लोगों के लिए हेलिकॉप्टर टिकट बुक करने के नाम पर अलग-अलग किस्तों में कुल 2.65 लाख रुपए जमा करा लिए। श्रद्धालुओं ने बताए गए खाते में रकम ट्रांसफर कर दी।

सोमवार को जब यात्री केदारघाटी स्थित हेलीपैड पहुंचे, तब उन्हें पता चला कि उनके टिकट फर्जी हैं और किसी भी कंपनी के रिकॉर्ड में उनका नाम दर्ज नहीं है।

इसके बाद यात्रियों ने संबंधित व्यक्ति से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसका मोबाइल नंबर बंद मिला।

चार धाम यात्रा के लिए बढ़ती भीड़ के बीच ऋषिकेश में पंजीकरण व्यवस्था पूरी तरह चरमराती नजर आई। ट्रांजिट कैंप और आईएसबीटी स्थित पंजीकरण केंद्रों पर भारी भीड़ के चलते धक्कामुक्की और मारपीट जैसी स्थिति बन गई।

कई यात्री रात 12 बजे से लेकर अगले दिन दोपहर 2 बजे तक लाइन में लगे रहे, लेकिन उनका पंजीकरण नहीं हो पाया।

दोपहर करीब एक बजे ट्रांजिट कैंप स्थित पंजीकरण काउंटर नंबर-1 के बाहर यात्रियों के बीच विवाद बढ़ गया और मारपीट की स्थिति बन गई। मौके पर मौजूद पैरामिलिट्री फोर्स और पुलिस जवानों ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया।

वहीं धक्कामुक्की के दौरान एक महिला श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई। यात्रियों का कहना है कि चारधाम यात्रा के लिए स्लॉट तेजी से फुल हो रहे हैं, जबकि पंजीकरण काउंटरों पर पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। कई श्रद्धालु लगातार चौथे और पांचवें दिन भी पंजीकरण के लिए लाइन में लगे रहे, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली।

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