दुष्कर्म मामले में घिरे उत्तमस्वामी ने कृषि भूमि पर बनाया अवैध आश्रम: खसरे में खेती; जमीन पर पक्का निर्माण
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, जबलपुर।
दुष्कर्म केस में घिरे उत्तमस्वामी के जबलपुर स्थित आश्रम को लेकर नया खुलासा हुआ है। जानकारी के अनुसार हीरापुर बंधा गांव में नेशनल हाईवे से सटी जमीन पर बना आश्रम कृषि भूमि पर है। डायवर्शन नहीं कराया गया। भवन निर्माण की अनुमति भी नहीं ली गई।
मंगलवार को लोकसेवा केंद्र से जारी खसरे की प्रति में भूमि का मद कृषि दर्ज है। राजस्व नियमों के अनुसार जमीन कृषि मद में है तो डायवर्शन और निर्माण अनुमति के बिना पक्का निर्माण अवैध है। एसडीएम शहपुरा मदनसिंह रघुवंशी ने भी पुष्टि की कृषि भूमि पर बिना डायवर्शन निर्माण नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा मामले की जांच कर आगे कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन जांच करेगा डायवर्शन हुआ या नहीं और निर्माण की अनुमति ली थी या नहीं।
तीन से पांच हजार वर्गफीट में पक्का निर्माण
खसरा नंबर 46/1 में दर्ज भूमि 21 अगस्त 2025 को ‘मां नर्मदा श्री उत्तम शांतिनाथ’ के नाम रजिस्टर्ड हुई। कुल रकबा एक एकड़ से अधिक (करीब 67 हजार वर्गफीट) है। करीब 3 से 5 हजार वर्गफीट में पक्का आश्रम बना है। ग्रामीणों के अनुसार पिछले एक साल में नया निर्माण भी हुआ है जबकि खसरे के कॉलम नंबर 10 में अब भी फसल के रूप में उड़द की खेती दर्ज है। जानकारी के मुताबिक भूमि संत शांतिनाथ ने उत्तमस्वामी को दी थी। शांतिनाथ का आश्रम कुंडलपुर में है।
सटी जमीन पर दूसरे स्वामी का नाम
आश्रम से सटी जमीन मंगलनाथ स्वामी के नाम दर्ज है। दोनों को संत शांतिनाथ का शिष्य बताया जाता है। 15 से 19 फरवरी तक आयोजित भागवत कथा का पंडाल मंगलनाथ की भूमि पर था।
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