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सरकारी जमीन को लेकर बवाल: निजी बताकर भाजपा विधायक ने खरीदा; मामला लोकायुक्त-ईओडब्ल्यू और हाईकोर्ट तक पहुंचा

KHULASA FIRST

संवाददाता

19 मई 2026, 1:28 pm
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सरकारी जमीन को लेकर बवाल

खुलासा फर्स्ट, उज्जैन।
श्री महाकालेश्वर मंदिर के पास स्थित जमीन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज भूमि को निजी बताकर करोड़ों रुपये में बेच दिया गया और अब वहां फाइव स्टार होटल बनाने की तैयारी की जा रही है। मामला लोकायुक्त, ईओडब्ल्यू और हाईकोर्ट तक पहुंच गया है।

भाजपा विधायक ने खरीदा
विवाद करीब 45 हजार वर्गफीट जमीन से जुड़ा है, जिसे 2 मार्च 2026 को यूटोपिया बोटल एंड रिसॉर्ट प्राइवेट लिमिटेड ने 3.82 करोड़ रुपये में खरीदा। कंपनी से जुड़े नामों में भाजपा विधायक चिंतामणि मालवीय और इकबाल सिंह गांधी का उल्लेख किया गया है।

पार्किंग के रूप में उपयोग हो रही
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि सौदे में शामिल कुछ खसरा नंबरों की जमीन वर्तमान में महाकाल मंदिर की पार्किंग के रूप में उपयोग हो रही है। दावा किया गया है कि यह भूमि पहले राजस्व रिकॉर्ड में शासकीय जमीन के रूप में दर्ज थी, लेकिन बाद में कथित मिलीभगत से इसे निजी खातों में दर्ज कर दिया गया।

जांच की मांग की
उज्जैन निवासी कांग्रेस पार्षद राजेंद्र कुवाल ने मुख्य सचिव, मध्य प्रदेश लोकायुक्त और ईओडब्ल्यू से शिकायत कर मामले की जांच की मांग की है। साथ ही मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में जनहित याचिका भी दायर की गई है।

जमीन की कीमत अधिक बताई जा रही
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जमीन को कृषि भूमि बताकर कम कीमत पर रजिस्ट्री कराई गई, जबकि उसका वास्तविक उपयोग व्यावसायिक है। कलेक्टर गाइडलाइन के अनुसार जमीन की कीमत कहीं अधिक बताई जा रही है।

सरकार को हुआ करोड़ों का नुकसान
आरोप है कि इससे सरकार को करोड़ों रुपये के स्टांप शुल्क और पंजीयन शुल्क का नुकसान हुआ। वहीं महाकालेश्वर मंदिर के प्रशासक प्रथम कौशिक ने कहा कि हरि फाटक और कल्प क्षेत्र की पार्किंग नगर निगम के अधीन है और जमीन उपयोग से जुड़ी जानकारी नगर निगम से प्राप्त की जा सकती है।

आरोपों को निराधार बताया
इधर भाजपा विधायक चिंतामणि मालवीय ने सभी आरोपों को निराधार और राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया है। उनका कहना है कि जमीन की रजिस्ट्री पूरी तरह वैध दस्तावेजों और नियमानुसार जमा शुल्क के आधार पर की गई है।

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