आज फिर खुलेगी गैंगस्टर सतीश भाऊ और गुर्गों की जालसाजी की कुंडली: दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ दोपहर को होंगे जालसाजी के शिकार राहुल यादव के बयान
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट के हाथ लगी तीसरी रिकॉर्डिंग, इसमें गुर्गा रोहित बनासिया हर बात पर ले रहा है हिस्ट्रीशीटर बॉस का नाम
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
कुख्यात हिस्ट्रीशीटर सतीश भाऊ, उसके गुर्गे रोहित बनासिया (सैनी) और रवि चिकलिस के पापों की कुंडली आज एसीपी क्राइम ब्रांच के सामने खुलेगी। सांवेर में उलझी अपनी जमीन और दोस्त के मकान का मामला निपटवाने के चक्कर में तीनों डिजाइनरों के झांसे में आकर लाखों रुपए की ठगी के शिकार राहुल यादव के आज फिर बयान होने हैं।
राहुल को दोपहर को दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ क्राइम ब्रांच ने बुलवाया है। वहीं, कल राहुल यादव और रोहित बनासिया के बीच बातचीत की दो रिकॉर्डिंग का खुलासा कर चुके खुलासा फर्स्ट के हाथ तीसरी रिकॉर्डिंग भी लगी है। खास बात यह इसमें रोहित बनासिया (सैनी) बार- बार भैया, बॉस के रूप में गैंगस्टर सतीश भाऊ का जिक्र कर रहा है।
गैंगस्टर सतीश भाऊ के गुर्गे रोहित बनासिया (सैनी) की फरियादी राहुल यादव से बातचीत की तीसरी रिकॉर्डिंग...।
रोहित : हैलो, मैंने तेरे को बोला था, भैया (गैंगस्टर सतीश भाऊ) को समझा देना। भैया को क्या समझाना है? क्या समझा? उनसे जब बोला कि भैया, वो जमीन-वमीन का तुम कर देना। मैंने बोला था उनको। तूने क्या बोला था उनको कि तुम बोल देना। छोटे वाले भाई से ऐसी बात चल रही है। अब उन्होंने जमीन का उनके सामने बोल दिया है। हरि भैया से बोले हैं 5-6 महीने लगेंगे बिकने में...।
राहुल : अरे वो तो वैसे ही बोल के आया, वो तो…
रोहित : अरे मैंने बोल दिया उनको समझा। अभी समझा ना मेरे को, जब तू खुद समझता है सब चीजें यार। अभी बोलना था ना उनको...।
राहुल : अरे तो उनको समझाना पड़ता है। बॉस (गैंगस्टर सतीश भाऊ) मान जाएंगे तो... 3 महीने तुमने भी तो लगा दिए 1 महीने के काम के।
रोहित : अरे मेरे भाई, मेरे...भाई। अरे, एक बात बोलूं? एक बात बोलूं? बॉस (गैंगस्टर सतीश भाऊ) ने मेरे को एक चीज पहले ही बोल दी थी कि 'देख भाई, तू ना समय बढ़ा के बताना। वो तो मैंने तेरे को इसलिए बोल दिया समय का। तेरे को सारी चीजें इसलिए क्लियर कर दी कि तू भाई है अपना। इसलिए तेरे को सारी चीजें क्लियर कर दी। बॉस ने मेरे को पहले ही मना किया था। तू अपने वाले के चक्कर में रहना मत, उनको समय बढ़ा के बताना, लेकिन गलती हुई समय थोड़ा कम बताया मैंने...।
राहुल : तो वो भी कितना जल्दी बताया, 3 महीने तो अपन ने वैसे भी निकाल दिए, तू भी तो जानता है...।
रोहित : अरे मेरे भाई, भाई, मेरे... तू अब जो कह रहा है, मैंने काम करा। उसके बाद भी तू ऐसी बात कर रहा है यार भाई मेरे।
राहुल : अरे तो वही तो बोल रहा हूं काम करे तो...।
रोहित : हाथ जोड़ के बोलता हूं। काम करने में समय लगता है कि नहीं? बता मेरे को?
राहुल : उतने में तो जुबान भी चलती है ना फिर।
रोहित : अरे तो जुबान चलती है...। जुबान कौन सी बिगड़ गई, बता? बस यही है ना, काम आगे-पीछे हो गया ना, काम तो हो गया ना अपना।
राहुल : अच्छा, अभी बोल रहा हूं अब आगे-पीछे हो गया तो उन्होंने भी बोला... उन्होंने यह थोड़ी बोला कि 4 महीने बाद ही पैसे...देना। कसम खा के थोड़ी बोला 4 महीने बाद...का।
रोहित : अरे लेकिन अपने को नहीं बोला ना भाई मेरे! मेरी कितनी बारह (गाली देते हुए) बज रही है बीच में रह के, मेरे को पता है। तेरे को भी समझाऊं और उनको (गैंगस्टर सतीश भाऊ) भी समझाऊं...। दोनों तरफ से मेरी (गाली देते हुए) मरती है।
राहुल : और वो तो बोलना... वो तुम बोलना, अब तुम्हारा कौन सा अधिकारी सेट कर रहे हो, अंगूठा... रीडिंग कराऊंगा, यह कराऊंगा, वह कराऊंगा... दो-दो बार हमारे आदमी को बुला के बयान दिलवा रहे हो... तो मतलब फिर तुम क्या फ्री-फोकट में काम करवा रहे हो...। तुम्हारे से पैसे लेके तुम्हारे से अधिकारी इतनी बात कर रहा है?
रोहित : मतलब क्या कर रहा है?
राहुल : वो बोल रहे थे ना, बोले... मैं तो अभी रीडर से चेक कराता हूं, अंगूठा चेक कराऊंगा, फिर उसके बाद बताऊंगा, और यह करूंगा, वो करूंगा...।
रोहित : अरे यार! भाई मेरे यार, क्या दिमाग की (गाली देते हुए) करते हो तुम यार। वो उनका हेडेक है, उनको जाने देना, अपने को क्या करना उससे? उनको जो कराना है, कराने दो।
राहुल : अरे तो कराना, कराने दे ना, तो परेशान तो अपने आदमी को ही कर रहा है ना। बार-बार बुला के... अपनी क्या बात हुई थी। एक बार जाना है बस। अब तीसरी बार फिर बुलाएगा, फिर बुलाएगा वहां पे।
रोहित : क्या करना बता तो... क्या करना बता मेरे को?
राहुल : तू ही तो बता ना। अपनी क्या बात हुई थी, शुरू बार में कि मतलब एक बार ही जाना पड़ेगा...।
रोहित : हां, सुन अभी... क्या करें मेरे को बता अभी? उन्होंने (गैंगस्टर सतीश भाऊ ने) मेरे को जिस हिसाब से तेरे को बोलेने को बोला, उन्होंने मेरे को बोला... मैंने तेरे को सारी बात बता दी। और भैया (गैंगस्टर सतीश भाऊ) से ही मेरी बात हुई थी, उन्होंने ही बोला था एक-आध बार उसको बुला लेना, और एक-आध बार बुलाने के बाद में अपना काम हो जाएगा। अब ऐसी की ऐसी बात तेरे को मैंने बोल दी...।
राहुल : एक-दो बार का अपन... देख सुन...। एक-दो बार की बात थी, उस दिन भी जब साथ बैठे थे अपन, तो उन्होंने (गैंगस्टर सतीश भाऊ) क्या बोला था कि एक बार इनको भेजना पड़ेगा बस।
रोहित : मेरी बात तो सुन... अब तेरे को, उन्होंने जैसा मेरे को बोला, बोल दिया ना। तेरे से मैं कुछ झूठ-सच थोड़ी कर रहा हूं...।
राहुल : हां तो, वही तो कह रहा हूं। तू उनको (गैंगस्टर सतीश भाऊ) भी तो यह बोल कि 'भैया, अपन ने भी शुरू में जो बात करी थी। उसके बाद भी सामने वाला अपने आदमी को परेशान कर रहा हैं, पैसे देने के बाद भी।
रोहित : क्या करें अब बता? तू बता दे, क्या करना बता मेरे को?
राहुल : तू बता ना, तू...। वही तो बोल रहा हूं... अब अपना समय पे समय बढ़ते जा रहा है और उसके बाद में अपना आदमी भी परेशान हो रहा है।
रोहित : तो फिर काम को कैंसिल कर दे? काम कैंसिल करवा दे?
राहुल : करा दो... बोलना, जितना पेमेंट था... खत्म करो, क्या है? कैंसिल करवा दे काम, छुट्टी कर...।
रोहित : मैं क्या बोलूं अब, मैं भी खुद बीच में उलझ गया हूं...। तेरे को भी समझा रिया, उनको भी समझा रिया...।
राहुल : और क्या?, क्योंकि... आज अपन... भी देख उसको मिलाने के लिए 15 दिन से, आज जा रहे, कल जा रहे, आज जा रहे, कल जा रहे करते रहे।
रोहित : अरे तेरी कसम भाई मेरे, तू इतना समझ! सब चीजें कर चुका है, उसके बाद भी... तू नया आदमी जैसा बात करेगा? जिसे तेरे को कोई नॉलेज ही नहीं, कुछ...।
राहुल : मैं कोई नया आदमी जैसी बात ही नहीं कर रहा हूं। यह बात कर रहा हूं जब अपन हर चीज समझ रहे हैं तो सामने वाले को भी समझना चाहिए कि सामने वाला हर चीज समझ रहा है।
रोहित (झुंझलाते हुए) : मेरे भाई... मेरे भाई, मेरी बात सुन, वो दो नंबर का काम करने वाला कोई ठोला-वोला नहीं है, कि उसको सब समझा दें अपन...।
राहुल : अरे तो दो नंबर का नहीं लेकिन, कितना भी बड़ा अधिकारी हो, पैसे लेता है, तो पैसे लेने वाले का तो काम करता है ना, उसके फेवर में बोलता है...।
रोहित : भाई तू तो वकालत पर उतर आया... मेरे से ही वकील, जज बन के बात कर रहा है...।
राहुल : अरे तेरी...।
रोहित : तू रुक जा यार, मैं अब तेरे से मिल के बात करूंगा, अभी मेरे को काम करने दे... गाड़ी चलाने दे... मेरे को गुस्सा आ रहा तेरे पे...।
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