शहर में जल संकट के बीच सख्ती: इन कार्यों में ट्रीटेड पानी अनिवार्य; नगर निगम ने दिए स्पष्ट निर्देश
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर में बढ़ती गर्मी और गहराते जल संकट को देखते हुए नगर निगम ने सख्त कदम उठाए हैं। महापौर पुष्यमित्र भार्गव और निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए शहर में निर्माण कार्यों, ऑटोमोबाइल सर्विस सेंटरों और गार्डनों में ट्रीटेड (रीसायकल) पानी का उपयोग अनिवार्य करने के निर्देश जारी किए हैं।
अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश
नगर निगम ने सभी बिल्डिंग ऑफिसर, बिल्डिंग इंस्पेक्टर और जोनल अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्थापित हाइड्रेंट के माध्यम से ट्रीटेड पानी के उपयोग को सुनिश्चित कराएं। साथ ही निजी व्यक्ति और संस्थाएं भी संबंधित जोनल कार्यालय में निर्धारित शुल्क जमा कर यह पानी प्राप्त कर सकेंगी और उसका उपयोग निर्धारित कार्यों में कर सकेंगी।
35 स्थानों पर ट्रीटेड वॉटर हाइड्रेंट
नगर निगम के अनुसार शहर में 35 स्थानों पर ट्रीटेड वॉटर हाइड्रेंट स्थापित किए गए हैं। सिरपुर एसटीपी के रीयूज नेटवर्क के तहत पश्चिम क्षेत्र के जोन 14, 15, 16 और 21 में आई माता मंदिर, अहिल्या उद्यान, स्कीम नंबर-71, दस्तूर गार्डन रोड, गुमाश्ता नगर शासकीय क्वार्टर, विश्राम बाग सर्विस रोड और उषा नगर गार्डन सहित कई प्रमुख स्थानों पर यह व्यवस्था शुरू की गई है। इन हाइड्रेंट से उद्यान विभाग के टैंकर और जेटिंग मशीनें पानी भर सकेंगी। ट्रीटेड पानी लेने का समय सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक निर्धारित किया गया है।
नर्मदा और बोरिंग के पानी पर रोक
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्यों और ऑटोमोबाइल सर्विस सेंटरों में नर्मदा जल या बोरिंग के पानी का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। निगम आयुक्त ने चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति या संस्था इन नियमों का उल्लंघन करती पाई गई, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम का मानना है कि ट्रीटेड पानी के उपयोग को बढ़ावा देने से न केवल जल संरक्षण को मजबूती मिलेगी, बल्कि गर्मी के मौसम में पेयजल संकट को भी काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
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