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गुरुवार और वास्तु शास्त्र: घर में समृद्धि लाने के लिए आज अपनाएं ये खास उपाय

KHULASA FIRST

संवाददाता

19 फ़रवरी 2026, 11:20 am
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गुरुवार और वास्तु शास्त्र

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
गुरुवार का दिन ज्योतिष और वास्तु शास्त्र दोनों ही दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन का स्वामी ग्रह बृहस्पति (गुरु) है, जो ज्ञान, समृद्धि, संतुलन और पारिवारिक सुख का कारक माना जाता है। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार यदि गुरुवार को कुछ विशेष दिशाओं और तत्वों का ध्यान रखा जाए तो घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ सकता है।

ईशान कोण को रखें स्वच्छ और पवित्र
वास्तु शास्त्र में उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को देवस्थान माना गया है। गुरुवार को इस दिशा की विशेष सफाई करें और यहां दीपक या पीले फूल अर्पित करें। मान्यता है कि इससे घर में मानसिक शांति और आर्थिक स्थिरता आती है।

पीले रंग का महत्व
गुरुवार को पीला रंग शुभ माना जाता है। वास्तु के अनुसार घर में पीले रंग के परदे, कुशन या हल्दी का छोटा सा पात्र रसोई में रखना सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है। यह बृहस्पति तत्व को मजबूत करता है और परिवार में आपसी सामंजस्य बढ़ाता है।

रसोई और अनाज भंडार पर ध्यान
वास्तु विशेषज्ञ बताते हैं कि गुरुवार को रसोई की साफ-सफाई और अनाज के भंडार को व्यवस्थित रखना विशेष फलदायी होता है। इस दिन चने की दाल या बेसन से बने व्यंजन बनाना शुभ संकेत माना जाता है। इससे घर में अन्न और धन की कमी नहीं होती।

गुरुजनों का सम्मान
वास्तु और ज्योतिष दोनों में गुरुवार को गुरु, शिक्षक और बुजुर्गों का सम्मान करने की परंपरा है। घर के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेना और उन्हें पीले वस्त्र या फल भेंट करना शुभ माना गया है।

किन बातों से बचें
गुरुवार को घर में बेकार पड़ी टूटी-फूटी वस्तुएं या कबाड़ जमा न रखें। विशेष रूप से उत्तर-पूर्व दिशा में भारी सामान रखने से बचें। इससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बाधित हो सकता है।

घर में संतुलन और समृद्धि लाने का अवसर
गुरुवार का दिन केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि वास्तु के अनुसार यह घर में संतुलन और समृद्धि लाने का अवसर भी है। छोटी-छोटी सावधानियां और सकारात्मक सोच मिलकर घर के वातावरण को सुखद और उन्नत बना सकती हैं।

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