यह चर्चित आयोजन खटाई में: जानिये कौन नहीं होगा शामिल; महापौर भी कहां नहीं जाएंगे
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर में रंगपंचमी की पूर्व संध्या पर होने वाला चर्चित ‘बजरबट्टू’ हास्य कवि सम्मेलन इस बार मुश्किल में नजर आ रहा है। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इसमें शामिल नहीं होने की खबरों के बाद आयोजन पर संशय के बादल छा गए हैं। वहीं महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भी इस बार गेर में शामिल न होने का फैसला लिया है।
कैलाश विजयवर्गीय की भूमिका पर टिका रहता है आयोजन
हर साल 7 मार्च को आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम मंत्री विजयवर्गीय के अलग-अलग वेशभूषा में मंच पर आने के कारण खास पहचान रखता है। वे कभी चाणक्य, कभी नेताजी सुभाषचंद्र बोस, तो कभी पॉप स्टार या चाचा चौधरी जैसे किरदारों में नजर आ चुके हैं। उनका नया गेटअप हमेशा गोपनीय रखा जाता है और सही अनुमान लगाने वाले को इनाम भी दिया जाता है।
आयोजक का यह कहना है
आयोजक अशोक चौहान उर्फ चांदू का कहना है कि यह आयोजन मंत्री विजयवर्गीय की वजह से ही शुरू हुआ था। यदि वे शामिल नहीं होते, तो कार्यक्रम आयोजित करना मुश्किल है।
भागीरथपुरा कांड के बाद बदला रुख
सूत्रों के मुताबिक, भागीरथपुरा कांड को देखते हुए इस बार मंत्री विजयवर्गीय किसी भी नए रूप में मंच पर आने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने आयोजकों से सुझाव दिया है कि किसी अन्य को मौका दिया जाए। माना जा रहा है कि वे अपने पुत्र आकाश विजयवर्गीय को जिम्मेदारी सौंपना चाहते थे, लेकिन इस पर सहमति नहीं बन सकी। फिलहाल आयोजन को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
महापौर ने भी रद्द किए कार्यक्रम
भागीरथपुरा की घटना के मद्देनजर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने अपने निवास पर होने वाला होली मिलन समारोह निरस्त कर दिया है। उन्होंने साफ किया कि इस बार वे रंगपंचमी की गेर में भी शामिल नहीं होंगे। हालांकि नगर निगम की पारंपरिक टीम और वाहन गेर में शामिल रहेंगे।
पानी सप्लाई और जांच पर फोकस
महापौर ने बताया कि भागीरथपुरा क्षेत्र में 30% हिस्से में नर्मदा जल सप्लाई शुरू हो चुकी है। 55% क्षेत्र में नई पाइपलाइन डाली जा चुकी है, जबकि शेष 20% में कार्य जारी है। जहां लाइन नहीं पहुंची है, वहां टैंकर से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। पानी के सैंपल की लगातार जांच की जा रही है।उन्होंने दावा किया कि इस बार शहर में 20 एमएलडी अतिरिक्त पानी सप्लाई करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे स्थिति में सुधार होगा।
चैंबर हादसे पर जांच
चैंबर में दम घुटने से दो कर्मचारियों की मौत के मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं। महापौर के मुताबिक, कर्मचारियों को चैंबर में उतरने की अनुमति नहीं थी। वे पाइप का टुकड़ा निकालने नीचे गए थे। इस संबंध में जिम्मेदारी तय की जाएगी। इस मामले में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव
ने सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के तहत दोनों मृतकों के परिजनों को 30-30 लाख रुपए मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं।
विधानसभा में भी उठा था मुद्दा
बजट सत्र के दौरान मप्र विधानसभा में भी बजरबट्टू कार्यक्रम का जिक्र हुआ था। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और विधायक भंवर सिंह शेखावत के बीच चर्चा के दौरान स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर ने भी इसका उल्लेख किया था।
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