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ये होल शटर में नहीं सिस्टम में है: दुकान बंद होने के बाद शराब मंगाते पुलिसकर्मी भी वीडियो में कैद; क्यूआर कोड से पेमेंट लेकर खुलेआम नियमों की धज्जियां

KHULASA FIRST

संवाददाता

12 मई 2026, 1:09 pm
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ये होल शटर में नहीं सिस्टम में है

बंद दुकान के छेद से बिक रही शराब; अग्रसेन चौराहा शराब दुकान पर रातभर चलता रहा अवैध कारोबार

शटर के होल से शराब लेते हुए लोग...

आधी रात को बेखौफ होकर शराब खरीदती युवतियां

बंद दुकान से शराब खरीदकर पुलिसकर्मी को देते हुए...

शराब ठेकेदार खड़े होकर खुद करवा रहा शटर में छेद...

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शराब माफियाओं और जिम्मेदार विभागों की मिलीभगत का चौंकाने वाला खेल सामने आया है। निर्धारित समय पर दुकान बंद होने के बावजूद अग्रसेन चौराहा स्थित शराब दुकान से देर रात तक खुलेआम अवैध शराब बेची जा रही है। हैरानी की बात यह कि इस पूरे गोरखधंधे का वीडियो सामने आया, जिसमें बंद शटर में बनाए गए एक छोटे-से होल से ग्राहकों को शराब दी जा रही है।

खुलासा फर्स्ट को एक जागरूक पाठक द्वारा उपलब्ध कराए गए इस वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि रात में दुकान बंद होने के बाद भी बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंचकर आसानी से शराब खरीद रहे हैं।

शराब बेचने का यह तरीका इतना सेट और संगठित है कि ग्राहकों से सिर्फ नकद ही नहीं, बल्कि क्यूआर कोड स्कैन करवाकर ऑनलाइन पेमेंट भी लिया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि सुबह तय समय से पहले और रात में दुकान बंद होने के बाद अवैध शराब बेचने के लिए खुद ठेकेदार ने शटर में विशेष रूप से होल बनवाया है, ताकि बाहर से दुकान बंद दिखे और अंदर से धंधा चलता रहे।

वीडियो में पुलिस की रात्रि गश्त का भी खुलासा हो रहा है। एक पुलिसकर्मी बाइक पर मौके पर पहुंचा और बाइक से उतरे बिना ही एक व्यक्ति को इशारा किया।

इसके बाद वह व्यक्ति दुकान के शटर में बने होल तक जाकर देसी शराब के दो क्वार्टर लेकर पुलिसकर्मी को देता नजर आ रहा है।

सूत्रों के मुताबिक उक्त शराब दुकान का ठेका हिमालय ट्रेडर्स के नाम से संचालित हो रहा है। इलाके में चर्चा है कि दुकान पर देर रात तक अवैध शराब बिक्री कोई नई बात नहीं है, बल्कि यह रोज का खेल बन चुका है।

आबकारी विभाग और पुलिस की भूमिका पर सवाल
सबसे बड़ा सवाल आबकारी विभाग की भूमिका पर खड़ा हो रहा है। अवैध शराब बिक्री रोकने और नियमों का पालन करवाने का दावा करने वाला आबकारी विभाग आखिर इस पूरे खेल से अनजान कैसे बना हुआ है?

स्थानीय लोगों का आरोप है कि थाना पुलिस भी इस पूरे मामले से पूरी तरह वाकिफ है, लेकिन कार्रवाई के बजाय आंखें मूंदे बैठी है। क्षेत्र में चर्चा यह भी है कि इसके एवज में थाने तक हर महीने मोटी बंदी पहुंचाई जाती है।

इसीलिए अवैध शराब बिक्री पर कोई सख्ती नहीं होती। शटर में छेद कर शराब बेचने का यह खेल अब सिर्फ नियमों की धज्जियां उड़ाने तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि यह सीधे-सीधे पुलिस और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

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