चोर गैंग का वार: रंग की आड़ में इस बार नहीं होगा
KHULASA FIRST
संवाददाता

गेर में जेवर चुराने वाली गैंग पर क्राइम ब्रांच का जाल, सादी वर्दी में तैनात रहेंगे टीमें
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
देशभर में प्रसिद्ध रंगपंचमी की गेर इस बार भी पूरे उत्साह के साथ निकलने वाली है, लेकिन इसके साथ ही पुलिस के सामने एक बड़ी चुनौती भी खड़ी रहती है। हर साल हजारों की भीड़ में कुछ संगठित गिरोह सक्रिय होकर महिलाओं और श्रद्धालुओं को निशाना बनाते हैं। ये गिरोह रंग और भीड़ का फायदा उठाकर चंद सेकंड में महिलाओं के गले से सोने की चेन, मंगलसूत्र और कीमती जेवर गायब कर देते हैं।
इसी खतरे को देखते हुए इस बार इंदौर क्राइम ब्रांच ने विशेष रणनीति बनाई है। पुलिस ने सादी वर्दी में कई टीमें तैयार की हैं, जिन्हें गेर के प्रमुख मार्गों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर तैनात किया जाएगा। इन टीमों का काम संदिग्ध लोगों पर नजर रखना और मौका मिलते ही ऐसे गिरोहों के सदस्यों को रंगे हाथ पकड़ना होगा।
सीसीटीवी के अलावा ड्रोन से की जाएगी निगरानी
पुलिस ने इस बार तकनीक का भी सहारा लिया है। गेर के प्रमुख मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की जाएगी। ड्रोन से भीड़ के ऊपर से नजर रखी जाएगी ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत पहचाना जा सके।कंट्रोल रूम में बैठी टीम लगातार इन कैमरों की निगरानी करेगी और जरूरत पड़ने पर तुरंत मौके पर मौजूद पुलिस को सूचना दी जाएगी। इसके बाद मौजूदा टीम घटना स्थल पर पहुंच हुडदंग करने वाले या वारदातों को अंजाम देने वाले कथाकथित को गिरफ्तार कर सख्त से सख्त कार्रवाई करेगी।
भीड़ का फायदा उठाकर वारदात
रंगपंचमी की गेर में हजारों लोग एक साथ रंग खेलते हुए निकलते हैं। राजवाड़ा, सराफा, टोरी कॉर्नर, मालगंज, मारोठिया बाजार और आसपास के इलाके में इतनी भीड़ होती है कि कई बार लोगों को चलना भी मुश्किल हो जाता है।यही भीड़ इन गिरोहों के लिए सबसे बड़ा मौका बन जाती है।
गिरोह के सदस्य पहले भीड़ में घुल-मिल जाते हैं और फिर महिलाओं या बुजुर्गों को निशाना बनाते हैं। रंग लगाने या धक्का-मुक्की के दौरान एक सदस्य चेन काटता है, दूसरा उसे तुरंत अपने साथी को दे देता है और तीसरा व्यक्ति भीड़ में गायब हो जाता है।
कई बार पीड़ित को कुछ देर तक पता ही नहीं चलता कि उसके गले से जेवर गायब हो चुका है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इन गिरोहों के सदस्य पहले से इलाके की रेकी करते हैं और गेर के मार्ग तथा भीड़ का आकलन कर योजना बनाते हैं।
दूसरे राज्यों से भी पहुंचते हैं गिरोह
पुलिस जांच में सामने आया है कि कई बार ये गिरोह स्थानीय नहीं होते, बल्कि दूसरे राज्यों से भी आते हैं। पिछले साल की गेर के दौरान पुलिस ने हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली से आए कई संदिग्धों को पकड़ा था।रंगपंचमी की गेर के दौरान भीड़ का फायदा उठाकर जेवर चोरी करने के आरोप में करीब 40 लोगों को हिरासत में लिया गया था, जिनमें कई महिलाएं भी शामिल थीं।
पुलिस के मुताबिक इनमें से कई महिलाएं रंग लगाने की आड़ में महिलाओं के गले की चेन और मंगलसूत्र काटने की कोशिश कर रही थीं। उनके पास छोटे कटर और ब्लेड भी बरामद किए गए थे।
पिछले साल गेर में दर्ज हुई थीं कई शिकायतें
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक पिछले साल रंगपंचमी के दौरान गेर में चेन स्नैचिंग और जेवर चोरी की करीब 17 शिकायतें दर्ज हुई थीं। हालांकि पुलिस की सक्रियता के कारण कई संदिग्धों को मौके से ही पकड़ लिया गया था और कुछ चोरी का सामान भी बरामद किया गया था।इसके अलावा गेर के दौरान महिलाओं से छेड़छाड़ और असामाजिक गतिविधियों में शामिल करीब 40 लोगों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया था।
सादी वर्दी में रहेंगी क्राइम ब्रांच की टीमें
इस बार पुलिस ने पहले से ज्यादा सतर्कता बरतने का फैसला किया है। क्राइम ब्रांच और शहर पुलिस की कई टीमें सादी वर्दी में भीड़ में मौजूद रहेंगी।
ये टीमें गेर के प्रमुख मार्गों—राजवाड़ा, मालगंज, सराफा, बड़ा गणपति और टोरी कॉर्नर—पर अलग-अलग स्थानों पर तैनात रहेंगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत नजर रखी जाएगी। अगर कोई व्यक्ति महिलाओं के आसपास संदिग्ध तरीके से घूमता या जेवर काटने की कोशिश करता दिखाई देगा तो उसे तुरंत पकड़ लिया जाएगा।इसके अलावा महिला पुलिसकर्मियों की भी विशेष टीम बनाई गई है, ताकि महिलाओं से जुड़े मामलों में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
पुलिस की लोगों से अपील
पुलिस ने गेर में सतर्क रहने की अपील की है। खासकर महिलाओं से कहा गया है कि भारी आभूषण पहनकर गेर में न आएं और अपने सामान का ध्यान रखें।अगर किसी को भीड़ में कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखाई देता है या किसी तरह की चोरी की कोशिश होती है तो तुरंत पास में मौजूद पुलिसकर्मी को सूचना दें।
पुलिस का कहना है कि रंगपंचमी की गेर शहर की सांस्कृतिक पहचान है और इसमें असामाजिक तत्वों को माहौल खराब नहीं करने दिया जाएगा।
गेर की परंपरा और चुनौती
इंदौर की रंगपंचमी गेर पूरे देश में प्रसिद्ध है। हर साल हजारों लोग राजवाड़ा और आसपास शामिल होते हैं। पिछले कुछ वर्षों से भीड़ का फायदा उठाकर जेवर चोरी, चेन स्नेचिंग और छेड़छाड़ जैसी घटनाएं भी हो रही हैं। यही कारण है पुलिस विशेष सुरक्षा व्यवस्था करती है। इस बार सादी वर्दी की टीमें, सीसीटीवी निगरानी और ड्रोन से कड़ी नजर रखी जाएगी। कोई गिरोह वारदात की कोशिश करेगा तो उसे तुरंत गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विशेष निगरानी होगी
क्राइम ब्रांच की टीमें सादे कपड़ों में तैनात रहेंगी और ड्रोन के जरिए भी निगरानी की जाएगी। वारदात करने वालों को तुरंत पकड़कर कार्रवाई की जाएगी। -राजेश त्रिपाठी, डीसीपी क्राइम ब्रांच
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