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हॉस्टल में उत्पात मचाना पड़ गया भारी: अभिभावकों को किया तलब; दोषी छात्रों का परिणाम फिलहाल रोका, मिली ऐसी सजा

KHULASA FIRST

संवाददाता

01 जून 2026, 11:19 am
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हॉस्टल में उत्पात मचाना पड़ गया भारी

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (IET) के रामानुजन छात्रावास में अर्धनग्न होकर डांस करने और जमकर तोड़फोड़ करने वाले छात्रों के खिलाफ विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। प्रबंधन ने स्पष्ट कर दिया है कि दोषी छात्रों को 25 हजार रुपए की पेनाल्टी जमा करने के बाद ही उनका परीक्षा परिणाम जारी किया जाएगा।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले में चिन्हित किए गए 17 छात्रों के अभिभावकों को भी बुलाया है। अब तक पांच छात्रों के माता-पिता प्रशासन से मुलाकात कर चुके हैं, जबकि केवल एक छात्र ने निर्धारित 25 हजार रुपए का जुर्माना जमा किया है।

पेनाल्टी जमा करने के बाद ही मिलेगा रिजल्ट
IET के डायरेक्टर डॉ. प्रतोष बंसल ने बताया कि छात्रावास में हुई घटना को बेहद गंभीरता से लिया गया है। जांच समिति की सिफारिशों के आधार पर दोषी छात्रों का परिणाम फिलहाल रोक दिया गया है। उन्होंने कहा कि जब तक छात्र निर्धारित जुर्माना राशि जमा नहीं करेंगे, तब तक उनका रिजल्ट जारी नहीं किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि यह कदम अनुशासन बनाए रखने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।

जून में कराई जाएगी शेष परीक्षा
घटना में शामिल अधिकांश छात्र अंतिम वर्ष के हैं। उत्पात के बाद इन छात्रों को कुछ विषयों की परीक्षा देने से भी रोक दिया गया था। अब विश्वविद्यालय प्रबंधन जून के मध्य, यानी 15 जून के आसपास इन छात्रों की शेष परीक्षाएं आयोजित करने की तैयारी कर रहा है।

परीक्षा आयोजन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। विश्वविद्यालय अधिकारियों के अनुसार जुर्माना, परिणाम रोकने और परीक्षा स्थगित करने जैसे सभी निर्णय जांच समिति की अनुशंसा पर लिए गए हैं।

हॉस्टल में मचाया था जमकर उत्पात
गौरतलब है कि IET के रामानुजन छात्रावास में रहने वाले फाइनल ईयर के कुछ छात्रों ने कुछ दिन पहले जमकर हंगामा किया था। वायरल वीडियो में छात्र अर्धनग्न अवस्था में डांस करते दिखाई दिए थे। इसके अलावा उन्होंने छात्रावास की संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचाया था।

छात्रों ने हॉस्टल की टेबल-कुर्सियां, पानी की टंकियां और खिड़कियों के कांच तोड़ दिए थे। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए, जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आया और वीडियो के आधार पर 17 छात्रों की पहचान कर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई।

माफी मांग चुके हैं छात्र
घटना के वीडियो वायरल होने के बाद छात्रावास के कुछ छात्रों ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए एक वीडियो भी जारी किया था। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अनुशासनहीनता और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे मामलों में नियमों के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

अनुशासन और जिम्मेदारी का संदेश
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि उच्च शिक्षण संस्थानों में अनुशासन और जिम्मेदारी बनाए रखना आवश्यक है। इसलिए छात्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई केवल दंडात्मक नहीं, बल्कि अन्य विद्यार्थियों के लिए एक संदेश भी है कि संस्थान की गरिमा और सार्वजनिक संपत्ति के साथ किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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