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शहर के इतने वार्डों का पानी पीने योग्य नहीं: प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जारी की इतने नमूनों की जांच रिपोर्ट, हुआ चौंकाने वाला खुलासा

KHULASA FIRST

संवाददाता

29 मई 2026, 11:56 am
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शहर के इतने वार्डों का पानी पीने योग्य नहीं

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इंदौर अलग-अलग वार्डो से लिए पानी के सैंपल और उसकी रिपोर्ट जारी कर दी है। कमेटी ने इंदौर की सात विधानसभा क्षेत्रों के 29 वार्डों में इंदौर नगर निगम (IMC) और जल निगम द्वारा आपूर्ति किए जा रहे पेयजल की प्रयोगशाला जांच कराई है, जिसके नतीजों से चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।

कुल 240 जल सैंपलों में से 98 प्रतिशत को अनुपयोगी घोषित किया गया है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पानी में E.Coli, कोलीफार्म बैक्टीरिया तथा क्लोराइड, सल्फेट और कैल्शियम कार्बोनेट जैसे खनिज तत्व निर्धारित मानकों से कई गुना अधिक मात्रा में पाए गए हैं।

भागीरथपुरा में 22 मौतों के बाद शुरू हुई जांच
यह जांच अभियान एमपीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देश पर और राहुल गांधी की इंदौर यात्रा के दौरान भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 22 लोगों की मौत की घटना के संदर्भ में शुरू किया गया था। एमपीसीसी के महासचिव एवं इंदौर प्रभारी इंजीनियर संजीव सक्सेना के नेतृत्व में यह कार्य संपन्न हुआ।

कैसे हुई जांच
3 फरवरी से 28 फरवरी 2026 के बीच कुल 26 दिनों तक चले इस अभियान में ISO 9001:2051 प्रमाणित सरकार-स्वीकृत प्रयोगशाला यूनीग्लोब एनालिटिका प्राइवेट लिमिटेड के तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने एक मोबाइल जल रथ के जरिए सैंपल संग्रह किया।

सुबह 6:30 बजे और शाम 8:00 बजे यानी जब IMC/जल बोर्ड पानी की आपूर्ति करता है उस समय स्थानीय निवासियों की उपस्थिति में वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ सैंपल लिए गए। TDS जैसे बुनियादी परीक्षण मौके पर ही किए गए, जबकि अन्य जटिल परीक्षणों के लिए सैंपल दिल्ली स्थित प्रयोगशाला भेजे गए।

रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष
जांच रिपोर्ट के अनुसार इंदौर के सातों विधानसभा क्षेत्रों सुदामा नगर, विजय नगर, इंदौर-3, इंदौर-4, इंदौर-5 (लालबाग क्षेत्र), महू और देपालपुर के अधिकांश वार्डों में आपूर्ति किया जा रहा पानी मानकों पर खरा नहीं उतरा।

जांच में पाया गया कि पानी में E.Coli और कोलीफार्म बैक्टीरिया की उपस्थिति पाई गई, जो हैजा, टाइफाइड, पीलिया (हेपेटाइटिस A व E), डायरिया और पेचिश जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि गंभीर मामलों में यह पानी मृत्यु का कारण भी बन सकता है। इसके अलावा पानी में क्लोराइड, सल्फेट और कैल्शियम कार्बोनेट जैसे खनिज तत्व भी BIS (IS:10500:2012) मानकों से कई गुना अधिक पाए गए।

कांग्रेस का आरोप- बीजेपी सरकार जिम्मेदार
इंजीनियर संजीव सक्सेना ने पटवारी को सौंपी रिपोर्ट में लिखा है कि जांच दल को स्थानीय प्रशासन, पुलिस और जल बोर्ड के अधिकारियों की धमकियों तथा स्थानीय बीजेपी नेताओं की बाधाओं का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि स्वच्छ पानी संविधान के अनुच्छेद-21 (जीने का अधिकार) के अंतर्गत प्रत्येक नागरिक का मूल अधिकार है, और भाजपा सरकार इस मूलभूत जिम्मेदारी में पूरी तरह विफल रही है।

निगम प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं
इस संदर्भ में इंदौर नगर निगम और जल निगम प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी तक नहीं आई है। समाचार लिखे जाने तक दोनों पक्षों से कोई बयान जारी नहीं किया गया। रिपोर्ट एमपीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी के साथ-साथ प्रभारी हरीश चौधरी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार एवं AICC राष्ट्रीय सचिव उषा नायडू को भी प्रेषित की गई है।

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