यहां जा रहा टैंकरों का पानी: पूरा शहर प्यासा और एक वाटर प्लांट पर खाली हो रहे टैंकर; संचालक ने आसपास के बोरिंग सुखा दिए
KHULASA FIRST
संवाददाता

राजेंद्र खंडेलवाल 98931-90781 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
कितने शर्म की बात है कि एक ओर पूरा शहर प्यास से कराह रहा है और नगर निगम के टैंकर एक चिल्ड वॉटर प्लांट पर खाली किए जा रहे हैं। इसके संचालक ने केवल ये ही खेल नहीं किया, अपने घर में बोरिंग करवा रखा है, जिससे पानी का इतना दोहन किया कि आसपास के बोरिंगों को सुखा दिया है, जहां से पानी नहीं आ रहा है।
इस संचालक ने हाऊसिंग बोर्ड पर कब्जा कर एक और मकान बना रखा है जहां भी वाटर प्लांट डाल रखा है। यहां भी निगम के टैंकरों को खाली करवाकर ये बेशर्म पानी भरकर खुलेआम बेच रहा है।
ये प्लांट 540/7 नेहरू नगर में स्थित है और इसका संचालक है दीपेश गुप्ता। गुप्ता कई वर्षों से इस घर में रेवा एक्वा चील्ड वाटर प्लांट डालकर बैठा है और लोगों को पानी बेच रहा है। इसने घर में बोरिंग भी खुदवा रखा है जिसकी कोई अनुमति नहीं ली थी।
इस बोरिंग से उसने पानी खींच लिया है कि आसपास के घरों में बोरिंग का पानी ही सूख गया है। इस भीषण गर्मी में जबकि पूरा शहर पानी से त्राहि-त्राहि कर रहा है, बेशर्म गुप्ता पैसों की हवस पूरी करने के लिए पानी का बाजार लगाकर अवैध रूप से लगाकर बैठा है।
खुलासा फर्स्ट को रहवासियों द्वारा उपलब्ध कराए गए वीडियो-फोटो में साफ देखा जा सकता है कि गुप्ता ने नगर निगम के टैंकर चालकों से सेटिंग करके अपने प्लांट पर पानी खाली करवाना शुरू कर दिया है।
यानी एक ओर जनता प्यासी मर रही है, पानी के लिए सडक़ पर उतरकर आंदोलन कर रही है, विधायक के घर का घेराव कर रही है वहीं दूसरी ओर ये पानी का कालाबाजारी व्यापारी पानी को अवैध रूप से खरीदकर अपना घर भर रहा है।
उसके नेहरू नगर स्थित घर पर दिन में ही कई बार निगम के टैंकर आते हैं और पानी खाली कर जाते हैं। बाद में वो ये पानी बाटलों-केन में भरकर दूसरे लोगों को बेचता है। इसके यहां तीन-चार बाइक सवार सेल्समैन हैं जो पानी की बाटलें-केन रखकर दूसरी जगह देने जाता है।
वो ये काम कमीशन पर करवाता है। यानी एक ओर तो वो पानी की खुलेआम चोरी और अवैध रूप से खरीदी कर रहा है वहीं दूसरी ओर अपने एजेंट्स को भी पर्याप्त पैसा न देकर उनका शोषण कर रहा है। पानी की कालाबाजारी करके उसने करोड़ों का साम्राज्य खड़ा कर लिया है।
जनता क्वार्टर में भी डाल रखा है वाटर प्लांट... गुप्ता ने नंदानगर चौराहा के समीप जनता क्वार्टर में बनी पानी के टंकी के सामने ही हाऊसिंग बोर्ड की जमीन पर कब्जा कर एक बिल्डिंग बना रखी है जहां भी वाटर प्लॉंट डाल रखा है।
यहां भी दिनभर निगम के टैंकर खाली होते हैं और वहां से पानी भरकर वो फिर लोगों को बेच रहा है। बताते हैं कि गुप्ता ने टंकी कर्मचारियों से साठगांठ कर सीधा कनेक्शन ले रखा है यानी जो पानी जनता के हक का है, उस पर डाका डालकर वो पानी अपने प्लांट पर बुलवा रहा है और फिर खुलेआम बेच रहा है।
यहां भी उसने अपने एजेंट्स रख रखे हैं जो बाइक पर पांच से छह बाटले-केन रखकर बेचने जाते हैं।
क्या कहता है गुप्ता ... मामले में रेवा एक्वा चिल्ड वाटर प्लांट के संचालक दीपेश गुप्ता का कहना है कि वो पानी की चोरी नहीं कर रहा। उसे पानी ही नहीं मिल रहा है जिससे वो अपना कारोबार नहीं चला पा रहा है।
जनता क्वार्टर का प्लांट बंद पड़ा है। हालांकि हकीकत ये है कि उसका कारोबार धड़ल्ले से चालू है क्योंकि नगर निगम के टैंकर उसके दोनों प्लांट पर खाली हो रहे हैं। जनता क्वार्टर का प्लांट भी चालू है।
रहवासियों ने की है शिकायत
गत 18 मई को ही रहवासियों ने शिकायत की, जिसमें उसकी करतूतों को उजागर किया है। पीयूष चौधरी, दिलीप कुशवाह, राजसिंह ठाकुर, सुनील रघुवंशी आदि ने शिकायत में कहा है कि मकान नंबर 540/7 नेहरू नगर में रहने वाले दीपेश गुप्ता का रेवा एक्वा चिल्ड वाटर प्लांट स्थित है जो कि घर के बाहर सरकारी जगह पर लगा है और यहां बड़ा बोर (6 इंच) किया गया है। ये प्लांट 2019 से यहां चल रहा है।
इस बोरिंग का व्यावसायिक दोहन कर प्रतिदिन अनुमानत: 60 हजार लीटर पानी निकाला जा रहा है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यहां प्रतिदिन 6 हजार लीटर वाले 10 टैंकर भरकर जाते हैं।
गुप्ता के बोरिंग से करीब 60 फीट दूर सरकारी बोरिंग है, जिससे एक बूंद पानी भी नहीं आ रहा है। आसपास में अन्य बोरिंग भी हंै जो गुप्ता द्वारा पानी का दोहर कर लेने के कारण सूख गए हैं।
हमने जब गुप्ता से इस बारे में बात की तो उसने लापरवाहीपूर्वक टाल दिया कि सब ठीक हो जाएगा। इस वाटर प्लांट द्वारा पानी के अत्यधिक दोहन से आसपास के लोगों को पानी नहीं मिल रहा है।
रहवासियों ने मांग की है कि इसे तत्काल प्रभाव से बंद कराया जाए ताकि लोगों को पानी मिल सके। हाल ही में पास में ही नर्मदा के वॉल्व को लेकर अच्छा-खासा विवाद हो चुका है।
संबंधित समाचार

मंदिर शिफ्टिंग के विरोध में प्रदर्शन:विहिप-बजरंग दल ने किया चक्काजाम; प्रशासन के आश्वासन पर आंदोलन खत्म

व्यापारियों का महामंथन:स्वदेशी उत्पाद; डिजिटल कारोबार और ग्लोबल मार्केट पर चर्चा

आतंकियों का नया डिजिटल जाल:पोर्न-डेटिंग साइट्स के चैट फीचर से भेज रहे सीक्रेट मैसेज; सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

स्नान के दौरान श्रद्धालु की डूबने से मौत:उत्तराखंड के 45 वर्षीय व्यक्ति ने तोड़ा दम; परिजन ने अस्पताल की सुविधाओं पर उठाए सवाल

मटकी पर निशाना और बंदूकों से फायरिंग:तालाब किनारे जुटी हथियारबंद भीड़; पुलिस जांच में जुटी

सूनी कॉलोनी में घुसे बदमाश:दो घरों को बनाया निशाना; रहवासी जागे तो पत्थर फेंककर भागे, एफआईआर दर्ज

दूषित पानी, भू-माफिया और रोजगार पर सरकार को घेरा:नेता प्रतिपक्ष ने की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग

तेज रफ्तार ट्रक ने दर्जनभर गोवंश को मारी टक्कर:5 की मौत; कई घायल; गुस्साए ग्रामीणों ने हाईवे किया जाम

फोटो कॉपी सेंटर में चल रहा था फर्जी प्रमाण पत्र का खेल:नकली सील के साथ संचालक गिरफ्तार; लैपटॉप में मिले 27 दस्तावेज

10 दिन भूखे रहे, अब खून से लिखी गुहार:वर्ग-2 और वर्ग-3 अभ्यर्थियों का सरकार के खिलाफ प्रदर्शन; मुख्यमंत्री से कहा- पद बढ़ाइए

बैग, मोबाइल और ड्रोन मिले:अद्वैत नहीं; 22 दिन बाद भी शिवगंगे पहाड़ियों में लापता इंजीनियर का सुराग नहीं

बिजली चोरी के माल का बड़ा खुलासा:कई लीटर बिजली तेल और दो क्विंटल एल्युमिनियम के तार बरामद; तीन आरोपी गिरफ्तार

तीन बहनों की मौत का रहस्य गहराया:पानी-खाने के सैंपल FSL भेजे; डॉक्टर से भी होगी पूछताछ, बिसरा रिपोर्ट का इंतजार

‘रामराजा आपको CM बना दें…’:पूर्व मंत्री के बयान से सियासी हलचल; मंत्री मुस्कुराकर आगे बढ़ीं

रिश्ते का भाई ही निकला दरिंदा:12 साल की बच्ची से रेप; पॉक्सो एक्ट में आरोपी गिरफ्तार

खजराना में चोक हुई ड्रेनेज घरों में भरा सीवेज का पानी:रहवासियों ने खुद ही फावड़ा-डंडा उठाकर साफ की लाइन

रक्षाबंधन मनाने गए ठेकेदार के घर लाखों की चोरी:सोने-चांदी के जेवर, कैश सहित 60 लाख का माल ले गए बदमाश

पशु शवदाह गृह तैयार:अब मृत पशुओं का होगा वैज्ञानिक तरीके से अंतिम संस्कार

मंत्री-विधायक के इलाके में रहवासी परेशान:निगम अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप, बिना जांच शिकायतें बंद करने का दावा; एसडीएम और पुलिस से कार्रवाई की मांग

आवासीय मकान तय सीमा बीत जाने के बाद भी अधूरे:प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़ा खेल
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!