टैक्स चोर वाधवानी गैंग: चार्ज फ्रेमिंग से पहले सक्रिय गुटखा माफिया; फिर से मिला कोर्ट में राहत का मौका
KHULASA FIRST
संवाददाता

अखबार के फर्जी सर्कुलेशन और विज्ञापन के आंकड़ों का इस्तेमाल
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
गुटखा कारोबार, फर्जी अखबारी सर्कुलेशन और करोड़ों रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में गुटखा माफिया टैक्स चोर किशोर वाधवानी, उसके भतीजे नितेश वाधवानी और पंकज मजेपुरिया एक बार फिर कानूनी दांव-पेंच के जरिए राहत पाने की कोशिश करते नजर आए।
विशेष अदालत में कल हुई सुनवाई के दौरान तीनों आरोपियों के खिलाफ चार्ज तय नहीं हो सके। इसकी मुख्य वजह यह रही कि मामले के जांच अधिकारी अदालत में पेश नहीं हो पाए, जिसके चलते सुनवाई आगे बढ़ा दी गई।
मामले में पहले से ही आरोप तय करने की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन आरोपी पक्ष लगातार कानूनी आवेदन और तकनीकी आपत्तियां लगाकर कार्रवाई को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है।
कल अदालत में आरोप तय होने की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन जांच अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। अब अगली तारीख 12 मई पर इस मामले में दोबारा बहस होगी।
सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष के वकीलों ने अदालत से आग्रह किया कि आरोप तय करने से पहले उन्हें अपने पक्ष में विस्तृत बहस का एक और अवसर दिया जाए। बचाव पक्ष का कहना था कि मामले के कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अभी विस्तार से सुनवाई होना बाकी है और न्याय के हित में उन्हें पूरी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए।
अदालत ने इस आग्रह को स्वीकार करते हुए दोबारा बहस की अनुमति दी है। कानूनी जानकारों का मानना है कि मामला अब बेहद महत्वपूर्ण चरण में पहुंच चुका है।
अदालत यह तय करने की स्थिति में है कि आरोपियों के खिलाफ औपचारिक रूप से चार्ज फ्रेम किए जाएं या नहीं। ऐसे में बार-बार आवेदन और बहस की मांग यह संकेत देती है कि आरोपी पक्ष चार्ज लगने से पहले ही अपने खिलाफ मौजूद साक्ष्यों को कमजोर करने की रणनीति पर काम कर रहा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, चार्ज फ्रेम होने के बाद केस ट्रायल की दिशा में तेजी से आगे बढ़ता है। इसलिए आरोपी पक्ष की कोशिश यही रहती है कि किसी भी तरह से आरोप तय होने की प्रक्रिया को टाला जाए या फिर आरोपों को तकनीकी आधार पर कमजोर किया जाए। अदालत में दोबारा बहस की अनुमति मिलना इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
अदालत में अब क्या होगा?
अब अगली सुनवाई में अदालत के सामने दो प्रमुख सवाल होंगे। पहला, क्या आरोपी पक्ष द्वारा दिए गए तर्क इतने मजबूत हैं कि आरोपों को खारिज किया जा सके? और दूसरा, क्या जांच एजेंसियों के पास मौजूद दस्तावेज और सबूत इतने पर्याप्त हैं कि टैक्स चोर किशोर वाधवानी, नितेश वाधवानी और पंकज मजेपुरिया के खिलाफ चार्ज तय किए जा सकें?
यदि अदालत को जांच एजेंसियों के साक्ष्य पर्याप्त लगते हैं, तो तीनों आरोपियों के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय किए जा सकते हैं और मामला ट्रायल की ओर बढ़ जाएगा। वहीं, अगर आरोपी पक्ष कुछ बिंदुओं पर अदालत को संतुष्ट करने में सफल रहता है, तो उन्हें आंशिक राहत भी मिल सकती है।
2002 करोड़ के टैक्स नोटिस से खुलासा
इस पूरे मामले की शुरुआत, उस समय हुई जब सेंट्रल जीएसटी और एक्साइज कमिश्नरेट ने करीब 2002 करोड़ रुपए की टैक्स डिमांड का नोटिस जारी किया। यह कार्रवाई प्रदेश की सबसे बड़ी टैक्स जांच कार्रवाइयों में गिनी जा रही है।
इसके बाद मामले में आर्थिक अनियमितताओं, फर्जी बिलिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की परतें खुलती चली गईं। कल हुई सुनवाई के बाद यह साफ हो गया है कि आरोपी पक्ष अभी भी चार्ज तय होने से पहले हरसंभव कानूनी विकल्प का इस्तेमाल कर रहा है।
हालांकि, जांच अधिकारी के अदालत में पेश नहीं होने के कारण फिलहाल चार्ज की कार्रवाई टल गई, लेकिन अगली सुनवाई इस मामले के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।
अब सभी की नजरें अदालत की अगली तारीख पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि टैक्स चोर किशोर वाधवानी, नितेश वाधवानी और पंकज मजेपुरिया को राहत मिलती है या फिर उनके खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय कर मामला ट्रायल की दिशा में आगे बढ़ता है।
क्या है पूरा मामला?
जांच एजेंसियों के अनुसार, यह मामला गुटखा कारोबार से जुड़े करोड़ों रुपए के कथित काले धन को वैध बनाने से संबंधित है। आरोप है कि इस पूरे नेटवर्क में अखबार के फर्जी सर्कुलेशन और विज्ञापन के आंकड़ों का इस्तेमाल किया गया।
जांच में सामने आया कि दबंग दुनिया अखबार के सर्कुलेशन को कागजों में वास्तविकता से कई गुना अधिक दर्शाया गया। एजेंसियों का दावा है कि जहां अखबार की वास्तविक बिक्री प्रतिदिन करीब 5 से 8 हजार प्रतियां थी, वहीं दस्तावेजों में इसे 60 हजार से एक लाख प्रतियों तक दिखाया गया। इसी फर्जी सर्कुलेशन के आधार पर विज्ञापन और आय का बड़ा आंकड़ा तैयार किया गया।
फर्जी विज्ञापनों से करोड़ों की एंट्री
जांच में यह भी सामने आया कि कई ऐसे विज्ञापन दर्शाए गए जो वास्तविक रूप से प्रकाशित ही नहीं हुए थे। इन कथित फर्जी विज्ञापनों के नाम पर करोड़ों रुपए के बिल तैयार किए गए और उन्हें वैध आय के रूप में दर्शाया गया।
जांच एजेंसियों का कहना है कि यह पूरा सिस्टम कथित रूप से मनी लॉन्ड्रिंग के उद्देश्य से तैयार किया गया था। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के अनुसार वर्ष 2017-18 से 2019-20 के बीच लगभग 11.66 करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग का मामला सामने आया।
इस दौरान अखबार की करीब 2.80 करोड़ प्रतियों की बिक्री दर्शाकर आर्थिक लेनदेन को वैध रूप देने की कोशिश की गई।
संबंधित समाचार

राजघराना संपत्ति विवाद:इनकी आपत्ति पर सुनवाई; इस तारीख को पेश करने होंगे सबूत

चर्चित हत्याकांड में फैसला:प्रेमी और प्रेमिका को मिली फांसी की सजा; कोर्ट में आरोपी बोली- मेरी बच्चियों का ध्यान रखना

मेन रोड पर बिना अनुमति पंडाल लगाने पर हाईकोर्ट सख्त:डीसीपी को किया तलब; अदालत ने पूछा- जब मंजूरी नहीं ली तो सड़क कैसे ब्लॉक हुई?

चार महीने से ज्वाइनिंग का इंतजार:अपर कलेक्टर को संभागायुक्त का नोटिस; तीन दिन में जवाब देने के निर्देश

देखिए वीडियो, शराब पीकर गाली-गलौज और महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी करने का आरोप:रहवासियों ने थाने में की शिकायत

आईडीए की इस स्कीम से मुक्त होंगे इतने हजार प्लॉटधारक!:मुख्यमंत्री से होगी जल्द चर्चा, विधायक की पीड़ितों के साथ बेैठक के बाद आंदोलन स्थगित

नए नल कनेक्शन पर रोक:कॉलोनियों को भी नहीं मिलेगा नर्मदा का बल्क कनेक्शन; कम बारिश के बीच नगर निगम का फैसला

देखिए वीडियो, दीपावली से पहले लाड़ली बहनों को तोहफा:सीएम डाॅ. मोहन यादव ने जारी की योजना की किस्त

करोड़पति हेड कांस्टेबल बेनकाब:लोकायुक्त इंदौर-उज्जैन पुलिस की छापेमारी

प्लॉट और फ्लैट के नाम पर 72 लाख की चपत:एरोड्रम में रजिस्ट्री के नाम पर धोखाधड़ी; दोस्त का दिया चेक हो गया बाउंस, फेसबुक लिंक से भी ठगी

12.33 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ पकड़े गए तस्कर का साथी भी हुआ गिरफ्तार:रिषभ से पूछताछ में मयंक उर्फ कृष्णा के नाम का खुलासा

सज्जन वर्मा ने नशे के धंधे पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को दी नसीहत:पद से इस्तीफा दे दो; दोनों मिलकर लड़ेंगे जनता की लड़ाई

सिंधिया राजघराने की 41 हजार करोड़ की संपत्ति का विवाद फिर उलझ गया

मेट्रोपॉलिटन सिटी में बदल रहा है मालवा:मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- सिंहस्थ 2028 के लिहाज से इंदौर-उज्जैन में होटल सुविधाएं जरूरी

माता और महाकाल के जयघोष के साथ महाप्रसादी का वितरण:नवरात्रि महापर्व के पावन अवसर पर 10 दिवसीय महोत्सव

राजस्थानी संस्कृति की झलक:बालिकाओं ने गरबा और नृत्य से दिखाई

इस योजना में जुड़ सकते हैं नए नाम:फिर खुल सकता है पोर्टल; मंत्री ने दिया बड़ा बयान, छूटी हुई महिलाओं की संख्या का आकलन करने के निर्देश

‘खम्मा रे खम्मा’ की धुन पर झूमे गरबा प्रेमी

मां कूष्मांडा:एक मुस्कान; जो अंधकार को सृष्टि में बदल देती है

स्कूली बालिकाओं का किया गया निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण:शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय संयोगितागंज में फैमिली प्लानिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया का आयोजन
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!