विधवा का गांव ने किया बहिष्कार: मंदिर के नाम खेत दान करने का बना रहे दबाव
KHULASA FIRST
संवाददाता
खुलासा फर्स्ट, खरगोन।
जिले के ऊन थाना क्षेत्र के ग्राम जमोठी में एक बुजुर्ग विधवा महिला के सामाजिक बहिष्कार का मामला सामने आने से इलाके में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि महिला ने अपनी पुश्तैनी जमीन मंदिर को दान करने से इनकार किया तो गांव के प्रभावशाली लोगों ने उसके खिलाफ माहौल खड़ा कर दिया।
80 वर्षों से जमीन पर खेती करती आ रही
अब स्थिति यह है कि गांव के लोग उससे दूरी बना रहे हैं और मजदूरों को भी उसके खेत पर काम करने से रोका जा रहा है। पीड़िता अवंता बाई चौहान ने बताया कि वह पिछले करीब 80 वर्षों से अपने बुजुर्गों की जमीन पर खेती करती आ रही हैं। यह जमीन उनके परिवार की पुश्तैनी संपत्ति है और उसी के सहारे उनका जीवन चल रहा है।
रसूखदार लोगों ने उन पर दबाव बनाया
अवंता बाई के अनुसार वर्ष 2024 में गांव के कुछ रसूखदार लोगों ने उन पर दबाव बनाना शुरू किया कि वह अपनी जमीन गांव के राधा-कृष्ण मंदिर के नाम दान कर दें। महिला का आरोप है कि गांव के सरपंच रामकरण निगवाल, भूतपूर्व सरपंच दशरथ चौहान, जगदीश मंडलोई, शेर सिंह बघेल, शंकर मुजाल्दे और संतोष मुजाल्दे सहित अन्य लोगों ने उनसे कहा कि अब यह जमीन मंदिर की मानी जाएगी और वह इस पर खेती नहीं कर सकतीं। जब उन्होंने जमीन देने से साफ इनकार कर दिया तो गांव में उनके खिलाफ सामाजिक बहिष्कार जैसा माहौल बना दिया गया।
बात की तो 5000 का लगाया दंड
अवंता बाई ने आरोप लगाया कि गांव में लोगों को चेतावनी दी गई है कि यदि किसी ने भी उनके साथ किसी प्रकार का व्यवहार रखा या उनके खेत पर मजदूरी की तो उस पर पांच हजार रुपए का दंड लगाया जाएगा।
इसके बाद से गांव के लोग उनसे दूरी बनाने लगे हैं। यहां तक कि मजदूर भी डर के कारण उनके खेत पर काम करने नहीं पहुंच रहे हैं।पीड़िता ने बताया कि जब भी वह मजदूरों को लेकर खेत पर जाती हैं तो उन्हें वहां से भगा दिया जाता है।
कई मजदूरों को गांव में अपमानित करने और बहिष्कार की धमकी भी दी गई। इसके कारण उनकी खेती प्रभावित हो रही है और उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।महिला का कहना है कि जमीन को लेकर विवाद पहले से चल रहा है, लेकिन अब दबाव बनाकर उन्हें उनकी ही जमीन से दूर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा और न्याय की मांग की है।
यह कहना है जिम्मेदारों का
इधर मामले को लेकर ऊन थाना प्रभारी दिनेश सिंह सोलंकी ने बताया कि महिला की शिकायत प्राप्त हुई है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि गांव के अधिकांश लोग महिला के खिलाफ हैं। मामले में संबंधित लोगों के बयान ले लिए गए हैं और पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गांव में इस विवाद को लेकर तनाव का माहौल बना हुआ है। एक ओर बुजुर्ग महिला अपने पुश्तैनी अधिकार बचाने की लड़ाई लड़ रही है, वहीं दूसरी ओर सामाजिक बहिष्कार जैसे आरोपों ने प्रशासन की चिंता भी बढ़ा दी है। अब सभी की नजर पुलिस और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।
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