प्यासी जनता का फूटा गुस्सा: नाले में फेंके मटके; नगर निगम के खिलाफ खोला मोर्चा
KHULASA FIRST
संवाददाता
वोट लेकर गायब हुए जनप्रतिनिधि, बूंद-बूंद को तरसते वार्ड 46 के रहवासी बदबूदार पानी पीने को मजबूर
गंदे नाले में उतरकर पानी के लिए प्रदर्शन, शर्म करो नगर निगम के जिम्मेदारो, जनता को पिला रहे हो जहर
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
नगर निगम की घोर लापरवाही और कुंभकर्णी नींद ने आम जनता का जीना मुहाल कर दिया है। शहर के वार्ड क्रमांक 46 (जोन 09) के अंतर्गत आने वाले रुस्तम का बगीचा और आसपास के इलाकों में जल संकट ने विकराल रूप धारण कर लिया है।
नगर निगम की हठधर्मिता और अफसरों की तानाशाही से त्रस्त होकर कल सैकड़ों की संख्या में रहवासी सड़कों पर उतर आए। आक्रोश का आलम यह था कि खाली मटके और बर्तन लेकर प्रदर्शन कर रही महिलाओं और पुरुषों ने नगर निगम मुर्दाबाद और प्रशासन हाय-हाय के नारों के बीच अपने बर्तन नाले में फेंक दिए।
व्यवस्था से हताश लोग खुद गंदे नाले में उतरकर प्रदर्शन करने लगे, जो प्रशासन के मुंह पर करारा तमाचा है। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे दीपक यादव ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस भीषण गर्मी में जब पानी की मांग चरम पर है, तब नगर निगम मात्र 30 मिनट नल चला रहा है।
त्रासदी यह है कि इन 30 मिनटों में से शुरुआती 10 मिनट तक इतना गंदा और बदबूदार पानी आता है कि उसे छुआ भी नहीं जा सकता। जनता की सुध लेने वाला कोई नहीं है। जिन जनप्रतिनिधियों ने हाथ जोड़कर वोट मांगे थे वे कुर्सी मिलते ही क्षेत्र से ऐसे गायब हुए कि आज जनता उन्हें ढूंढ रही है। हजारों की आबादी वाले इस क्षेत्र में महज एक-दो टैंकर भेजकर नगर निगम अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ रहा है, जो जनता के साथ भद्दा मजाक है।
...तो उग्र आंदोलन करेंगे
इस व्यापक जन-आक्रोश और प्रदर्शन में दीपक यादव, दिनेश बनपुरे, जगदीश भंडारी, बृजलाल बीसे, पंकज कपूर, पप्पू जाटव, कैलाश भदोरिया, आशा पटेल, लकी सेरोने, दुर्गा कासोटे, भगवती खंडेराव, सुशीला मंडलोई, आशा कैरो, हेमंत बिजोरे, आकाश सिसोदिया, प्रकाश रसीले, दिनेश कुशवाहा, उषा मंडलोई, निर्मला जाटव, बरखा कासोटै सहित बड़ी संख्या में रुस्तम का बगीचा, कबीट मोहल्ला, रविदास मंदिर, रविदास भवन नई बस्ती, माता की मडिया और काजी की चाल के निवासी शामिल थे।
जनता ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही शुद्ध और पर्याप्त पानी की व्यवस्था नहीं की गई तो यह आंदोलन उग्र रूप लेगा जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह नगर निगम प्रशासन और संवेदनहीन जनप्रतिनिधियों की होगी।
आरओ का महंगा पानी कैसे खरीदें... रहवासी आशा पटेल ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि गरीब बस्तियों के लोग आरओ का महंगा पानी खरीदने में सक्षम नहीं हैं। नलों से जो दूषित और बदबूदार जहर सप्लाई किया जा रहा है, उसे पीने से लोग बीमार हो रहे हैं।
उन्होंने सीधा सवाल किया कि अगर इस दूषित पानी से कोई बड़ी महामारी फैलती है, तो क्या नगर निगम के अफसर इलाज का खर्च उठाएंगे? प्रदर्शन के दौरान आक्रोश तब और बढ़ गया जब दीपक यादव नलों से आने वाले गंदे पानी की बोतल भरकर लाए और मौके पर मौजूद नगर निगम के उपयंत्री वसीम खान और वाल्वमैन महेंद्र रघुवंशी को पीने की चुनौती दी।
दोनों अधिकारियों ने उस पानी को हाथ तक लगाने से मना कर दिया, जिससे यह साबित हो गया कि विभाग जानबूझकर जनता को जहर दिया जा रहा है।
मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है...
मैं अभी प्रभारी के तौर पर आया हूं। सफाई एजेंसी एलएनटी को चेंबर सफाई के निर्देश दिए हैं। पानी की समस्या को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया है। सफाई एजेंसी पर कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारी स्तर पर ही होती है, मुझे इस संबंध में जानकारी नहीं है। - वसीम खान, प्रभारी उप यंत्री, जोन 09, नगर निगम इंदौर
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