बेटा तो हत्यारा है ही... बाप भी कुछ कम नहीं: मां की रहस्यमय मौत, मृत अंजुम के बच्चों से मिलने नहीं दे रहा अजहर
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट…इंदौर।
खजराना क्षेत्र का कुख्यात भूमाफिया इस्लाम पटेल वाघेला तो बेटे से भी दो कदम आगे है। बेटे अजहर ने पत्नी की हत्या की तो बाप ने भी ऐसा ही कुछ किया। उसकी पत्नी, यानी अजहर की मां की चार साल पहले पीपल्याहाना के गार्डन में रहस्यमय मौत हो गई थी। अजहर के ससुर मोहम्मद पटेल का आरोप है कि उसकी हत्या में भी इस्लाम पटेल का हाथ है। अब उसने बुुढ़ापे में इसी गार्डन में एक अन्य महिला को रख रखा है।
खुद को वाघेला एक्सप्रेस का संपादक बताकर फर्जी पत्रकार बन घूमने, ब्लैकमेलिंग करने और हिंदू लड़कियों को फंसाने के मामलों में चर्चित अजहर पटेल वाघेला के कारनामों का खुलासा अपनी प्रतिबद्ध पत्रकारिता से खुलासा फर्स्ट लगातार कर रहा है।
अजहर ने अपनी मुंहबोली बहन को भी लिवइन में रख रखा है, जबकि कई अन्य हिंदू लड़कियों को भी निशाना बनाकर शोषण कर रहा है। उसकी रंगीनमिजाजी का ही विरोध पत्नी अंजुम बी करती थी, जिस पर अजहर उससे न केवल मारपीट करता था, बल्कि 14 जनवरी 2025 को उसने उसकी हत्या करके आत्महत्या का रूप देने के लिए फांसी पर लटका दिया था।
पिता मोहम्मद पटेल के अनुसार अजहर आए दिन उनकी बेटी को मारता-पीटता और जलील करता था। घटना वाले दिन भी उसने सुबह उसे मारा-पीटा। इसके एक दिन पूर्व ही वो उसे मायके से लिवा ले गया था। देपालपुर के रुदराख्या गांव से उसके खजराना स्थित घर तक चार घंटे में पहुंचा और रास्तेभर उसने अंजुम से बदतमीजी की, डराया-धमकाया। दूसरे दिन सुबह से ही वह उससे इसलिए मारपीट कर रहा था कि उसके हिंदू लड़कियों से प्रेम संबंध को लेकर कुछ न बोले, कोई विरोध न करे।
घटना वाले दिन शाम को अजहर ने मारपीट की, जिससे बचने के लिए वह भागकर जेठ इरफान के कमरे में चली गई तो अजहर वहां भी पहुंच गया और उसका गला घोंटकर आत्महत्या का रूप देने के लिए उसे फंदे पर लटका दिया। इसके पहले अजहर की मां की भी रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई थी।
वो अंजुम के पिता मोहम्मद पटेल के साले की बेटी थी। करीब चार साल पहले जब वो पीपल्याहाना के समीप उनके गार्डन पर थी, अचानक मृत्यु हो गई। उनका आरोप है कि उसका भी पति यानी अजहर के बाप इस्लाम से उसकी रंगीनमिजाजी को लेकर झगड़ा चल रहा था। इस्लाम ने गार्डन में ही एक महिला को रख लिया था, जिसका वो विरोध कर रही थी। उसकी अचानक मौत नहीं हुई, बल्कि इस्लाम ने उसकी हत्या की थी, क्योंकि मौत के तुरंत बाद वो उसे अस्पताल लेकर नहीं गया और कई घंटों तक शव गार्डन में ही पड़ा रहा।
इसके बाद उसने सभी को सूचना दी और दफनाने ले गया। इस्लाम ने गार्डन में ही एक महिला को रख रखा है जो पति और बच्चों के साथ रहती है। यहां इस्लाम जब चाहे आता है और घंटों तक रुकता है। अजहर की दादी की मानसिक अवस्था ठीक नहीं है, लेकिन न तो बेटा इस्लाम और न पोता अजहर उसका ध्यान रखते हैं। वो बदहाली में जीवन गुजार रही है। जेठ इरफान भी अजहर से कम नहीं है। उसकी पत्नी तैयबा भाजपा पार्षद रहे उस्मान पटेल के भाई इस्माईल की बेटी है। अंजुम की हत्या के बाद इस्माईल ने ही रात्रि 10 बजे उन्हें फोन पर खबर दी थी। कहा था कि वो गंभीर बीमार है और उसे अस्पताल लाए हैं।
बच्चों को डराकर कहलवाया दादा-पिता के साथ रहना चाहते हैं... अजहर बड़ा शैतान है। उससे बेटी अंजुम का रिश्ता कासमपुर के एक रिश्तेदार ने करवाया था। वे तब मावे का धंधा करते थे और बाद में खेती करने लगे। जब अंजुम की हत्या हुई तो उसने उसके दोनों बच्चों अफ्सां और अर्श को संचार नगर में कहीं छिपा दिया था, जिन्हें एक माह बाद ढूंढ़ा जा सका।
इस दौरान अजहर ने उन्हें डरा-धमकाकर वीडियो बनवाए और कहलवाया कि वे दादा-पिता के साथ रहना चाहते हैं। पुलिस ने व्यवस्था करवाई थी कि हम 6 माह मेें एक बार बच्चों से मिलने घर जा सकते हैं। हमने शर्त रखी कि बच्चों को थाने पर बुलवाया जाए, वहीं मुलाकात करेंगे, लेकिन अजहर उन्हें मिलने नहीं दे रहा। फोन पर बात तक नहीं करवाता है। यदि बच्चे चोरी-छिपे बात कर लें तो उन्हें बेरहमी से पीटता है।
सोलसिंदा गया था परिवार... अंजुम के पिता मोहम्मद पटेल ने बताया कि 14 जनवरी 2025 की शाम को जब अंजुम की हत्या हुई, इस्लाम का परिवार सोलसिंदा में किसी कार्यक्रम में शामिल होने गया था। अजहर घर पर ही था। प्लानिंग थी कि अंजुम की मौत का इल्जाम उन पर न आए, लेकिन हत्या की घटना शाम को उस वक्त हुई, जब पूरा परिवार सोलसिंदा से लौट आया था। फिर सबने मिलकर बेटी को मारा।
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