विधानसभा अध्यक्ष की सादगी ने जीत लिए दिल: भीषण गर्मी में पेड़ के नीचे खड़े होकर किया भोजन; न कोई तामझाम, न वीआईपी इंतजाम
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, मुरैना।
'बड़े नेता केवल ऐसी कमरों में बैठकर फैसले लेते हैं और उनका जमीनी हकीकत से कोई वास्ता नहीं होता ' अक्सर राजनीति और राजनेताओं को लेकर जनता के बीच यह धारणा देखने को मिलती है, लेकिन मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने शुक्रवार को इस मिथक को पूरी तरह से झुठला दिया।
भीषण गर्मी और 45 डिग्री सेल्सियस के रिकोर्ड तोड़ते पारे के बीच, उन्होंने सड़क किनारे एक पेड़ की छांव में खड़े होकर भोजन किया। विधानसभा अध्यक्ष की इस सादगी और जमीनी जुड़ाव को देखकर उनके साथ चल रहे प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय नेता भी हैरान रह गए।
मिली जानकारी के अनुसार, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर शुक्रवार को ग्वालियर से रवाना हुए थे। वे मुरैना-सबलगढ़ मार्ग और विजयपुर-टेटरा होते हुए श्योपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में जा रहे थे। इस यात्रा के दौरान दोपहर में जब सूर्य देव अपने कड़े तेवर दिखा रहे थे और तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच चुका था, तब दोपहर के भोजन का समय हुआ।
विजयपुर-टेटरा के बीच रास्ते में जब भोजन की बात आई, तो बिना किसी विशेष वीआईपी इंतजाम या वातानुकूलित (एसी) व्यवस्था का इंतजार किए, नरेंद्र सिंह तोमर ने सड़क के किनारे लगे एक पेड़ के नीचे ही रूकने का निर्णय लिया।
उन्होंने चिलचिलाती धूप के बीच पेड़ की छांव में खड़े-खड़े ही अपने साथियों और कार्यकर्ताओं के साथ भोजन ग्रहण किया। 'कार्यकर्ताओं के बीच रहकर, एक सच्चे सेवक की तरह मैदान में डटे रहना ही उनकी असली पहचान है।
वहां मौजूद नेताओं ने कहा कि राजनीति के पुरोधा और भाजपा के कर्मठ सिपाही नरेंद्र सिंह तोमर ने आज एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि वे चाहे शासन-प्रशासन के कितने भी ऊंचे और महत्वपूर्ण पद पर हों, लेकिन सादगी भरा जीवन ही उनकी पहचान है।
संबंधित समाचार

चर्चित अभि तोमर हत्याकांड की आग भिंड तक जा पहुंची:इंदौर की गैंगवार का बदला लेने चली गोलियां

शौक पूरे करने के लिए करता था चोरी:दो ऑटो किए बरामद; रात के अंधेरे में उड़ाता था वाहन, पुलिस ने किया गिरफ्तार

सिंहस्थ की जमीन से हटाया अतिक्रमण:20 अवैध मकान ध्वस्त 3 हेक्टेयर जमीन को कब्जा मुक्त; पुलिस बल की मौजूदगी में अभियान चलाया

इस अधिकारी ने बढ़ाया देवी अहिल्या की नगरी का गौरव:ओडिशा के राज्यपाल की एडीसी बनी; ऐसा करने वाली पहली महिला ऑफिसर भी
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!