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महापाप का खुलासा: काले साम्राज्य का अंत; महू में मंदिर के पीछे ‘अवैध गर्भपात’ के

KHULASA FIRST

संवाददाता

27 फ़रवरी 2026, 1:03 pm
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खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
महू के सुप्रसिद्ध काली माता मंदिर के ठीक पीछे, घनी बस्ती में चल रहे कथित क्लिनिक में नन्हीं जानों के सौदे किए जा रहे थे। अवैध गर्भपात के काले साम्राज्य का सनसनीखेज खुलासा उस वक्त हुआ, जब एक सफेद बलेनो कार एमपी 09 जेडवाय 3215, जिस पर ‘पुलिस’ का स्टिकर लगा था, बदहवास नाबालिग बच्ची को लेकर इस संदिग्ध ठिकाने पर पहुंची। रहवासियों की सजगता ने तब इस नेटवर्क का खुलासा कर दिया, जब पूछताछ के दौरान कार सवार संदिग्धों ने कानून का डर दिखाते हुए भागने का प्रयास किया।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसडीएम राकेश परमार ने तत्काल मोर्चा संभाला और स्वयं मौके पर पहुंचकर जांच का नेतृत्व किया। एसडीएम के कड़े निर्देश पर पुलिस ने फर्जी कंपाउंडर अमीषा पति जाहिद खान उर्फ भय्यू को अपनी गिरफ्त में ले लिया। जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए वे किसी के भी रोंगटे खड़े करने के लिए पर्याप्त थे।

यह पूरा केंद्र बिना किसी वैधानिक अनुमति, बिना चिकित्सक और बिना चिकित्सीय मापदंड के संचालित था। गुरुवार की इस बड़ी कार्रवाई में बीएमओ डॉ. योगेश सिंगारे की उपस्थिति में एसआई दीपक राठौर ने अवैध क्लीनिक को सील कर दिया।

मिले गंदे बिस्तर और प्रतिबंधित दवाइयां
भीतर की तलाशी के दौरान जो भयावह मंजर सामने आया, उसने जांच दल के अनुभवी अधिकारियों को भी स्तब्ध कर दिया। एक कमरे दो गंदे बिस्तर, सलाइन की बोतलें, जंग लगे शल्य चिकित्सा उपकरण और भारी मात्रा में गर्भपात में उपयोग होने वाली ऐसी घातक दवाइयां बरामद हुईं, जिनका विक्रय और उपयोग प्रतिबंधित है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अवैध गर्भपात कराने आए संदिग्ध कार से फरार हो गए। आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से टिटनेस के इंजेक्शन का सफेद झूठ बोलकर गुमराह करने की कोशिश की लेकिन लोगों का दबाव बढ़ा तो नाबालिग को बैठाकर कार को जानलेवा रफ्तार से भगा ले गए।

इसका वीडियो भी सामने आया है। पुलिस की प्रारंभिक तफ्तीश और मौके से बरामद मोबाइल डेटा के विश्लेषण से डॉ. दीपक खन्ना नामक संदिग्ध का नाम प्रमुखता से उभरा है, जिसे इस पूरे संगठित अपराध का मुख्य सूत्रधार माना जा रहा है।

घटनास्थल से बरामद हर सुराग, दवाइयों के रैपर और उपकरणों को प्रशासन ने जब्त कर लिया है ताकि विधि विज्ञान प्रयोगशाला में जांच कराई जा सके।

कठोरतम कार्रवाई बनेगी नजीर: एसडीएम राकेश परमार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रूपेश द्विवेदी ने कहा मामला केवल अवैध क्लीनिक का नहीं, बल्कि एक नाबालिग की जिंदगी के साथ किए गए जघन्य अपराध का है।

नाबालिग के साथ अनैतिक या अवैध कृत्य की पुष्टि होती है, तो संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध ऐसी कठोरतम कार्रवाई की जाएगी जो समूचे प्रदेश के लिए नजीर साबित होगी।

पुलिस की आधा दर्जन टीमें फरार मुख्य आरोपी और उस पुलिस लिखी कार के मालिक की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं।

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