गुंडों का आतंक: घर में घुसकर महिलाओं से की मारपीट और तोड़फोड़; पीड़ित परिवार ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, डीजीपी से लगाई गुहार
KHULASA FIRST
संवाददाता
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
महू के पासीपुरा क्षेत्र में कथित गुंडागर्दी और पुलिस की निष्क्रियता का सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र के कथित बदमाश दिलीप वर्मा उर्फ भंडारी, राजेंद्र वर्मा और उनके 40-50 साथियों ने घर में घुसकर महिलाओं से मारपीट की, जानलेवा हमला किया, पथराव और तोड़फोड़ की, लेकिन पुलिस तमाशबीन बनी रही।
इतना ही नहीं, पीड़ित परिवार का आरोप है कि जब वे मदद मांगने थाने पहुंचे तो पुलिस ने उल्टा “मोहल्ला छोड़कर भाग जाने” की सलाह दे डाली।
यहां वही होगा जो हम चाहेंगे
पीड़िता कृष्णा पति प्रेम बोरासी निवासी पासीपुरा, महू ने पुलिस महानिदेशक भोपाल, पुलिस कमिश्नर इंदौर, आईजी ग्रामीण महू, एसपी महू और एसीपी महू को लिखित शिकायत भेजकर बताया कि आरोपी आए दिन उनके परिवार को निशाना बना रहे हैं।
शिकायत के अनुसार 10 और 11 अप्रैल 2026 को सड़क निर्माण और गंदे पानी की समस्या को लेकर विवाद हुआ। आरोप है कि इसी दौरान दिलीप भंडारी ने उनके बेटे ऋतिक बोरासी के साथ मारपीट की और धमकी देते हुए कहा- “तुम अपनी औकात में रहा करो, यहां वही होगा जो हम चाहेंगे।”
30-40 गुंडों के साथ घर में घुसकर हमला
पीड़ित परिवार का आरोप है कि विवाद के बाद दिलीप वर्मा और राजेंद्र वर्मा अपने 30-40 साथियों को लेकर घर पहुंचे और घर में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की। बीच-बचाव करने आई बहू श्रद्धा के साथ भी मारपीट की गई। हथियारों से लैस बदमाशों ने पूरे घर में आतंक मचाया और परिवार पर जानलेवा हमला किया।
परिवार के सदस्यों को जान बचाने के लिए घर छोड़कर भागना पड़ा, जबकि आरोपी घर का सामान तहस-नहस करते रहे।
पूरे खानदान को मार डालेंगे
पीड़िता ने शिकायत में बताया कि 17 अप्रैल की शाम करीब 6 बजे आरोपी फिर 40-50 लोगों के साथ पहुंचे और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि बदमाशों ने घर पर पथराव किया और बालू फेंकी, जिससे परिवार दहशत में दरवाजे बंद कर घर के अंदर छिपा रहा।
परिवार का कहना है कि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन बदमाशों ने पुलिसकर्मियों पर भी पथराव कर दिया। करीब डेढ़ घंटे तक इलाके में हंगामा चलता रहा।
हमें भी नहीं छोड़ रहे, तुम क्या कर लोगे
सबसे गंभीर आरोप पुलिस के रवैये को लेकर लगाए गए हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि जब वे सुरक्षा की मांग लेकर थाने पहुंचे तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने कहा-“मोहल्ला छोड़कर भाग जाओ… उन गुंडों की पकड़ बहुत है, हमें भी नहीं छोड़ रहे तो समझ जाओ तुम्हारा क्या हाल करेंगे।”
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी कोई एफआईआर दर्ज नहीं की। सीसीटीवी फुटेज और वीडियो दिखाने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई।
लिस्टेड गुंडों को संरक्षण?
शिकायत में दावा किया गया है कि दिलीप वर्मा उर्फ भंडारी और उसका परिवार आपराधिक प्रवृत्ति का है तथा हत्या सहित कई गंभीर मामलों में नामजद रह चुका है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस दबाव में काम कर रही है और खुलेआम गुंडों को संरक्षण दिया जा रहा है।
दहशत में परिवार, घर छोड़ने की नौबत
पीड़ित परिवार ने कहा कि महिलाएं और बच्चे भय के साये में जी रहे हैं। परिवार का कोई सदस्य घर आने-जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है और पूरा परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।
वरिष्ठ अधिकारियों से कार्रवाई की मांग
पीड़ित परिवार ने डीजीपी सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए तथा स्थानीय पुलिस की भूमिका की भी जांच कराई जाए।
संबंधित समाचार

चर्चित अभि तोमर हत्याकांड की आग भिंड तक जा पहुंची:इंदौर की गैंगवार का बदला लेने चली गोलियां

शौक पूरे करने के लिए करता था चोरी:दो ऑटो किए बरामद; रात के अंधेरे में उड़ाता था वाहन, पुलिस ने किया गिरफ्तार

सिंहस्थ की जमीन से हटाया अतिक्रमण:20 अवैध मकान ध्वस्त 3 हेक्टेयर जमीन को कब्जा मुक्त; पुलिस बल की मौजूदगी में अभियान चलाया

इस अधिकारी ने बढ़ाया देवी अहिल्या की नगरी का गौरव:ओडिशा के राज्यपाल की एडीसी बनी; ऐसा करने वाली पहली महिला ऑफिसर भी
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!