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प्रदेश में गिद्धों की संख्या 14 हजार पार: 10 साल में हुए दोगुने

KHULASA FIRST

संवाददाता

05 मार्च 2026, 3:23 pm
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प्रदेश में गिद्धों की संख्या 14 हजार पार

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
मध्य प्रदेश में अब की बार गिद्धों की संख्या 14 हजार के पार पहुंच गई है। वन विभाग के 3 दिन के सर्वे में ये आंकड़े सामने आए हैं। हालांकि, रिपोर्ट फाइनल होने के बाद संख्या बढ़ सकती है। पिछली गणना में 12 हजार 981 गिद्ध मिले थे। पन्ना में लाल सिर और वन विहार नेशनल पार्क में सफेद पीठ वाले गिद्ध पाए गए हैं। पिछले 10 साल में इनकी संख्या दोगुनी हुई है।

एमपी पहले से चीता, टाइगर, तेंदुआ स्टेट है। अब यहां गिद्धों की संख्या भी बढ़ गई है। इस बार 20 से 22 फरवरी तक हुए सर्वे में गिद्धों की करीब 7 प्रजाति पाई गई हैं। इनमें भारतीय गिद्ध, सिनेरियस गिद्ध, मिस्र गिद्ध (व्हाइट स्कैवेंजेर) और हिमालयन ग्रिफॉन जैसी प्रजातियां प्रमुख हैं। 23 फरवरी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रायसेन जिले के हलाली डैम क्षेत्र में लुप्तप्राय प्रजाति के 5 गिद्धों को प्राकृतिक वातावरण में छोड़ा था। इन पर उच्च तकनीक वाले जीपीएस ट्रैकर लगाए गए हैं। जिससे वन विभाग इनकी निगरानी भी कर रहा है।

प्रदेश में ऐसे बढ़ी गिद्धों की संख्या
जानकारी के अनुसार, प्रदेश में गिद्धों की गणना की शुरुआत वर्ष 2016 से की गई थी। प्रदेश में गिद्धों की कुल 7 प्रजातियां पाई जाती हैं। इसमें से 4 प्रजातियां स्थानीय एवं 3 प्रजाति प्रवासी हैं। गिद्धों की गणना करने के लिए शीत ऋतु का अंतिम समय सही रहता है। इस दौरान स्थानीय एवं प्रवासी गिद्धों की गणना आसानी से हो जाती है।

वर्ष 2019 की गणना में गिद्धों की संख्या 8 हजार 397, वर्ष 2021 में 9 हजार 446, वर्ष 2024 में 10 हजार 845 और 2025 में 12 हजार 981 हो गई थी। इस बार हुई गणना में यह संख्या 14 हजार से ज्यादा पहुंच सकती है।

कभी विलुप्त होने की कगार पर थे गिद्ध
एक्सपर्ट के मुताबिक, गिद्ध जल्दी अपना साथी या मैटिंग पेयर नहीं बनाते हैं। यह पक्षी असल में नर्वस किस्म का जीव है। इस मामले में शर्मिला कहा जा सकता है। गिद्ध कभी विलुप्त होने की कगार पर थे। मप्र सहित देशभर में ‘धरती के सफाई दूत’ की संख्या बुरी तरह घटती जा रही थी, लेकिन अब प्रदेश में इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है।

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