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बंगाल की नई सरकार इस दिन लेगी शपथ: क्यों खास है यह दिन; कौन होगा मुख्यमंत्री इस पर अभी सस्पेंस

KHULASA FIRST

संवाददाता

05 मई 2026, 12:52 pm
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बंगाल की नई सरकार इस दिन लेगी शपथ

खुलासा फर्स्ट, कोलकाता।
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद देश की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार बनाने जा रही है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य के अनुसार नई सरकार का शपथग्रहण 9 मई को होगा।

यह दिन खास इसलिए भी है क्योंकि इसी तारीख को महान कवि रवींद्र नाथ टैगोर की 165वीं जयंती मनाई जाएगी। बंगाली पंचांग के अनुसार यह 25 वैशाख को पड़ती है। फिलहाल मुख्यमंत्री के नाम और समारोह में शामिल होने वाले मेहमानों पर सस्पेंस बना हुआ है। दो सीटों पर जीतने वाले सुवेंद्र अधिकारी प्रबल दावेदार हैं।

दूसरी ओर ममता बनर्जी आज 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी। एक दिन पहले ममता ने भवानीपुर सीट से हारने के बाद वोट लूटने का आरोप लगाया था।

ममता ने कहा था कि निर्वाचन आयोग और भाजपा गड़बड़ी कर रहे हैं। 100 से ज्यादा सीटें लूटी गईं हैं। मेरे एजेंटों को बूथ में घुसने नहीं दिया, मुझे रोका गया व पीटा गया।

तमिलनाडु: स्टालिन ने दिया इस्तीफा, DMK विपक्ष में बैठेगी
तमिलनाडु में मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को भेजा। 59 सीटें जीतने के बाद उन्होंने कहा कि द्रविड़ मुनेत्र कड़गम अब एक मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाएगी।

राहुल गांधी की प्रतिक्रिया: छोटी राजनीति से बचें
राहुल गांधी ने विपक्षी दलों को नसीहत देते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस की हार पर खुश होना उचित नहीं है। यह समय पूरे देश के हित में सोचने का है।

राज्यों में स्थिति एक नजर में
पश्चिम बंगाल: सुवेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी को हराया
तमिलनाडु: विजय की पार्टी ने 107 सीटें जीतीं
असम: हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भाजपा की तीसरी बार सरकार
केरल: वी.डी. सतीशन के साथ कांग्रेस का जश्न
पुडुचेरी: गठबंधन की राजनीति अहम

बदलता राजनीतिक परिदृश्य
इन नतीजों के बाद देश की करीब 78% आबादी और 72% भूभाग पर भाजपा+ का प्रभाव बताया जा रहा है। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में बदलाव से विपक्ष को बड़ा झटका लगा है। जहां विपक्ष के सामने अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने की चुनौती है, वहीं भाजपा के लिए नई सरकारों में स्थिरता और वादों को पूरा करना बड़ी परीक्षा होगी।

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