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प्रशासन की लापरवाही ने 50 हजार लोगों को संकट में झोंका: तीन इमली बस अग्निकांड

KHULASA FIRST

संवाददाता

12 मई 2026, 1:33 pm
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प्रशासन की लापरवाही ने 50 हजार लोगों को संकट में झोंका

3 बसों में भीषण आग के बाद एमआईसी सदस्य का अल्टीमेटम 12 दिन में बसें हटाओ वरना होगा उग्र चक्काजाम

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर के तीन इमली क्षेत्र में सोमवार को हुआ भीषण बस अग्निकांड प्रशासन के उस नकारा तंत्र का सीधा परिणाम है, जिसने एक सघन रहवासी इलाके को अवैध बस डिपो में तब्दील होने दिया।

पवनपुरी की अवैध पार्किंग में वेल्डिंग की चिंगारी से भड़की इस आग ने न केवल तीन बसों और दो बाइकों को खाक कर दिया, बल्कि आसपास रह रहे 50 हजार लोगों की जान जोखिम में डाल दी।

इस गंभीर लापरवाही से भड़के नगर निगम एमआईसी सदस्य मनीष शर्मा ने अब प्रशासन को सीधे निशाने पर लेते हुए 12 दिनों का अल्टीमेटम दिया है कि यदि यहां से इन बसों को नहीं हटाया गया, तो शहर उग्र आंदोलन का गवाह बनेगा।

घटना उस वक्त हुई जब रिहायशी इलाके के बीच खड़ी बसों में नियमों को ताक पर रखकर वेल्डिंग का काम किया जा रहा था। चिंगारी उड़कर दूसरी बस में जा गिरी और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया।

खौफनाक मंजर तब दिखा जब वेल्डिंग के लिए रखे गैस सिलेंडरों में भीषण गर्मी के कारण एक के बाद एक कई धमाके हुए, जिससे पूरी बस्ती में दहशत फैल गई।

गनीमत रही कि उस समय मौके पर मौजूद करीब 20 अन्य बसों को आनन-फानन में वहां से हटा लिया गया, वरना मौतों का आंकड़ा भयावह हो सकता था।

दमकल विभाग ने करीब 65 हजार लीटर पानी डालकर 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

प्रशासन की सुस्ती का आलम यह था कि हादसे के वक्त जब लोग जान बचाने के लिए घरों से बाहर भाग रहे थे, तब स्थानीय पार्षद और एमआईसी सदस्य मनीष शर्मा ने मोर्चा संभाला।

वे बस्ती में पानी सप्लाई करने आए टैंकरों को तुरंत मौके पर ले आए और दमकल के पहुंचने से पहले ही बचाव कार्य शुरू कर दिया।

इस घटना से आक्रोशित शर्मा करीब तीन घंटे तक रहवासियों के साथ सड़क पर धरने पर बैठे रहे और पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को जमकर लताड़ा कि आखिर क्यों बार-बार की शिकायतों के बाद भी इन अवैध पार्किंग और खतरनाक वर्कशॉप को खुली छूट दी गई है।

धरना स्थल पर पहुंचे डीसीपी रावत और तहसीलदार के सामने मनीष शर्मा ने स्पष्ट कर दिया कि यह जनता की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है।

इसके बाद प्रशासन ने 12 दिनों के भीतर इलाके के सभी खाली प्लॉटों और सड़कों से इन बसों को हटाने का लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद ही धरना समाप्त हुआ।

मनीष शर्मा ने चेतावनी दी है कि प्रशासन की यह कागजी खानापूर्ति अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि 12 दिन बाद भी तीन इमली, राजीव गांधी चौराहा, अन्नपूर्णा रोड और भमोरी जैसे इलाकों से बसें नहीं हटाई गईं, तो जनता के साथ मिलकर चक्काजाम किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी इस सोए हुए प्रशासन की होगी।

यह अग्निकांड एक स्पष्ट चेतावनी है कि प्रशासन ने अब भी अपनी आंखें नहीं खोलीं, तो इंदौर किसी बड़े हादसे का साक्षी बन सकता है।

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