राज्यसभा चुनाव के लिए इस पार्टी की सूची तैयार: जानिये किन नेताओं के नाम हैं चर्चा में; इस दिन होना है मतदान
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
राज्यसभा की 26 सीटों के लिए 18 जून को मतदान प्रस्तावित है। इसी दिन परिणाम आने की भी संभावना है। मध्य प्रदेश की तीन सीटों पर भी चुनाव होना है। इनमें दो सीटें भारतीय जनता पार्टी और एक सीट कांग्रेस के खाते में हैं। बीजेपी की ओर से उम्मीदवारों के नामों का ऐलान अगले तीन से चार दिनों में हो सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा की मध्य प्रदेश इकाई ने संभावित उम्मीदवारों की सूची केंद्रीय नेतृत्व को भेज दी है। इस बार पार्टी सामान्य वर्ग के किसी नेता को राज्यसभा भेजने पर विचार कर रही है, हालांकि सूची में सभी वर्गों के नेताओं को शामिल किया गया है।
संभावित उम्मीदवारों में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, अरविंद भदौरिया, अखंड प्रताप सिंह और जीएस डामोर के नाम प्रमुख हैं। महिला कोटे से पूर्व मंत्री रंजना बघेल का नाम भी चर्चा में है।
वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से दीनदयाल शोध संस्थान के अध्यक्ष अभय महाजन और झाबुआ क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय महेश शर्मा के नाम भी सामने आए हैं।
बताया जा रहा है कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने के इच्छुक हैं और उन्होंने अपनी यह इच्छा केंद्रीय नेतृत्व के सामने रखी है। विजयवर्गीय सात बार विधायक रह चुके हैं और भाजपा संगठन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।
पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया लंबे समय तक संघ और संगठन में सक्रिय रहे हैं। वहीं, डॉ. नरोत्तम मिश्रा पूर्व गृह मंत्री होने के साथ छह बार विधायक रह चुके हैं और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के करीबी माने जाते हैं।
आदिवासी वर्ग से मौजूदा राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी, जीएस डामोर और रंजना बघेल के नामों पर भी चर्चा जारी है। भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मंत्री लाल सिंह आर्य का नाम भी संभावित उम्मीदवारों की सूची में शामिल बताया जा रहा है।
मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट फिलहाल कांग्रेस के पास है, जिस पर दिग्विजय सिंह सांसद हैं। भाजपा फिलहाल इस सीट पर उम्मीदवार उतारने के मूड में नहीं दिखाई दे रही है। पार्टी का मानना है कि कांग्रेस के पास पर्याप्त विधायकों का समर्थन मौजूद है।
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस के पास 63 विधायकों का समर्थन है, जबकि जीत के लिए 58 वोटों की जरूरत होती है। ऐसे में तीसरी सीट जीतने के लिए भाजपा को कांग्रेस के कम से कम 10 विधायकों का समर्थन जुटाना होगा। इसी कारण पार्टी फिलहाल दो सीटों पर ही फोकस करती नजर आ रही है।
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