इस बहुचर्चित हत्याकांड की जांच अब सीबीआई के हवाले: इस शीर्ष अदालत ने दिया आदेश; बढ़ सकती हैं पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक की मुश्किलें, आरोपियों को संरक्षण देने का है आरोप
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
सागर जिले के बरोदिया नौनागिर में हुए बहुचर्चित अंजना हत्याकांड की जांच अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अहम फैसला सुनाते हुए मध्य प्रदेश पुलिस की जांच पर सवाल उठाए और मामले को सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया। जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस एन.के. सिंह की बेंच ने यह निर्देश जारी किया।
पूर्व गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं
इस फैसले के बाद पूर्व गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि मुख्य आरोपियों को स्थानीय प्रभावशाली लोगों और पूर्व मंत्री का संरक्षण मिला हुआ था, जिसके चलते पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की।
2019 में अंजना के साथ छेड़छाड़ की घटना
पीड़ित परिवार का कहना है कि 2019 में अंजना के साथ छेड़छाड़ की घटना के बाद भी पुलिस ने आरोपियों पर सख्त धाराएं नहीं लगाईं। परिवार का आरोप है कि प्रभावशाली लोगों के दबाव में मामले को कमजोर करने की कोशिश की गई। इसके बाद गवाहों को धमकाने और हमलों का सिलसिला शुरू हो गया।
एक ही परिवार में तीन हत्याएं
मामले में आरोप है कि केस वापस न लेने पर पहले अंजना के भाई नितिन की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इसके बाद गवाह रहे चाचा राजेंद्र की भी हत्या कर दी गई। इन घटनाओं को रोकने में पुलिस पूरी तरह नाकाम रही।
अंजना की मौत को बताया गया था हादसा
चाचा राजेंद्र का शव एम्बुलेंस से लाते समय अंजना की भी मौत हो गई थी। उस समय पुलिस ने इसे सड़क हादसा बताकर मामला खत्म करने की कोशिश की थी। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अंजना के शरीर पर 14 गंभीर चोटें और सिर की हड्डी में करीब 9 सेंटीमीटर का फ्रैक्चर पाया गया, जिससे हत्या की आशंका सामने आई।
सियासत में भी गूंजा था मामला
एक ही दलित परिवार के तीन सदस्यों की मौत के बाद यह मामला प्रदेश की राजनीति में भी गूंजा था। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पीड़िता की मां से राखी बंधवाकर न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया था। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी परिवार से मुलाकात कर सांत्वना दी थी। इसके बावजूद पीड़ित परिवार स्थानीय पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं था।
अब राजनीतिक संरक्षण के आरोपों की भी होगी जांच
सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता अंजना की मां की ओर से वरिष्ठ वकील कोलिन गोंजाल्विस, मीनाक्षी अरोरा और मिनेश दुबे ने पक्ष रखा। कोर्ट के आदेश के बाद अब सीबीआई टीम सागर पहुंचकर अब तक की पुलिस जांच से जुड़े सभी दस्तावेज अपने कब्जे में लेगी। साथ ही गवाहों को धमकाने और राजनीतिक संरक्षण देने के आरोपों की भी जांच की जाएगी।
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