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जादौन से थी बकरी की अदावत: ठाकुर आया बीच में; महाराणा प्रताप जयंती गोलीकांड के आरोपी चार दिन बाद भी गिरफ्त से दूर

KHULASA FIRST

संवाददाता

12 मई 2026, 3:53 pm
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जादौन से थी बकरी की अदावत

गैंगस्टर सतीश भाऊ का साथी था जादौन ग्रुप से जुड़ा और उसी का दुश्मन बन बैठा बकरी

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
चर्चित महाराणा प्रताप जयंती गोलीकांड में चार दिन बाद भी मुख्य आरोपी अमित उर्फ बकरी राजावत और उसका साथी उत्तम उर्फ छोटू पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। इससे तिलक नगर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

हालांकि खुलासा फर्स्ट की पड़ताल में सामने आया है अमित बकरी पहले गैंगस्टर सतीश भाऊ के पीछे-पीछे चला करता था। इस दौरान कमल जौदान ग्रुप से जुड़ गया और उनके लिए सीजिंग करने लगा।

हालांकि बाद में अलग हो गया और दुश्मनी ऐसी पली कि कमल जादौन के बेटे अमित जादौन तक से अदावत हो गई। बकरी अमित को ही मारना चाहता था लेकिन मौसेरा भाई आकाश उर्फ छोटे ठाकुर बीच में आ गया।

9 मई को महाराणा प्रताप जयंती वाले दिन सॉफ्टविजन कॉलेज में सनसनीखेज गोलीकांड हुआ था। फायरिंग के बाद से फरार हिस्ट्रीशीटर अमित बकरी की तलाश में पुलिस जुटी है।

सूत्रों के मुताबिक पुलिस अब आरोपियों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) से जानकारी जुटा रही है। बताया जा रहा है घटना की रात तक अमित बकरी और उत्तम उर्फ छोटू के परिजन अपने घरों में थे, लेकिन अब दोनों ताला लगाकर गायब हो गए हैं।

सतीश भाऊ गैंग से जादौन ग्रुप तक, फिर खूनी रंजिश
सूत्रों के अनुसार हिस्ट्रीशीटर अमित बकरी पहले गैंगस्टर सतीश भाऊ गैंग से जुड़ा था। इसी बीच कमल जादौन और उसके बेटों अमित व अर्पित उर्फ शिबू से पहचान हुई। इसके बाद अमित जादौन ग्रुप के साथ मिलकर गाड़ी सीजिंग का काम करने लगा।

लंबे समय तक वह जादौन ग्रुप के लिए काम करता रहा, लेकिन करीब सालभर पहले ग्रुप से अलग हो गया। इसके बाद उसने ऑर्बिट मॉल में अपना अलग गाड़ी सीजिंग ऑफिस शुरू कर दिया।

बताते हैं अमित पर गैंगस्टर सतीश भाऊ का प्रभाव और दबदबा था, जिसके चलते उसने खुद का नेटवर्क खड़ा करना शुरू कर दिया। यही बात जादौन ग्रुप को नागवार गुजरी और रंजिश बढ़ी।

...और शुरू हो गया खूनी टकराव
जानकारी के मुताबिक घटना से दो दिन पहले अमित जादौन के मौसी के लड़के आकाश उर्फ छोटे ठाकुर निवासी लाल गली (परदेशीपुरा) और अमित बकरी के बीच फोन पर जमकर विवाद और गाली-गलौज हुई थी।

इसी तनातनी ने गोलीकांड का रूप ले लिया। 9 मई को जैसे ही अमित और उसके साथियों उत्तम उर्फ छोटू जाट, बाबू उर्फ बेटी और शिवा को जानकारी मिली कि अमित जादौन और उसका रिश्तेदार ऋषभ सॉफ्टविजन कॉलेज में बापट स्थित महाराणा प्रताप प्रतिमा पर माल्यार्पण के लिए भीड़ जुटा रहे हैं, तो चारों पहुंच गए।

बकरी का असली निशाना अमित जादौन था, लेकिन मौके पर उसकी कहासुनी आकाश ठाकुर से हो गई और उसने पिस्टल निकालकर आकाश पर तान दी।

यह देख भीड़ उसकी तरफ बढ़ी तो बकरी ने फायर कर दिया। गोली आकाश उर्फ छोटे ठाकुर के पैर में जा लगी और भगदड़ मच गई। सूत्रों का दावा है वहां मौजूद अमित जादौन और उसके साथियों ने अमित बकरी और उसके गुर्गों की जमकर पिटाई की।

हालांकि वे हवाई फायर कर भाग निकले। बताया जा रहा है मदद के लिए बाइकर्स तैयार थे। बाबू उर्फ बेटी और शिवा बाइक लेकर पहुंचे और अमित बकरी व उत्तम जाट को बैठाकर फरार हो गए।

घायल आकाश ने भी बयान में लिए नाम
सूत्रों के मुताबिक गोलीकांड में घायल आकाश ठाकुर ने भी पुलिस को दिए बयान में अमित बकरी, उत्तम उर्फ छोटू जाट सहित दो अन्य साथियों के मौजूद होने की बात कही है।

इसके बावजूद चार दिन बाद भी मुख्य आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। शहर के बीचोबीच खुलेआम फायरिंग और उसके बाद आरोपियों का फरार हो रहना तिलक नगर पुलिस की कार्यशैली पर बड़ा सवाल है।

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