गेहूं खरीदी केंद्रों पर ‘कटौती’ का खेल: किसानों ने लगाया यह आरोप; नमी, सैंपल और तौल के नाम पर हो रही वसूली
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, रीवा।
प्रदेश सरकार जहां समर्थन मूल्य पर खरीदी के जरिए किसानों को राहत देने की बात करती है, वहीं जमीनी स्तर पर कई खरीदी केंद्रों पर उलटी तस्वीर सामने आ रही है। किसानों का आरोप है कि नमी, सैंपल और तौल के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है, जिससे उनकी मेहनत की कमाई पर चोट पड़ रही है।
व्यवस्था परेशानी का कारण
राज्य में फसल खरीदी व्यवस्था किसानों के हित में बनाई गई है, लेकिन कई स्थानों पर यह व्यवस्था उनके लिए परेशानी का कारण बनती नजर आ रही है। किसान बताते हैं कि महीनों की मेहनत के बाद जब वे अपनी फसल लेकर खरीदी केंद्र पहुंचते हैं, तो उन्हें उचित मूल्य मिलने की उम्मीद होती है, लेकिन प्रक्रिया के दौरान कई तरह की बाधाएं सामने आती हैं।
नमी के नाम पर कटौती का आरोप
किसानों के अनुसार खरीदी केंद्रों पर सबसे पहले नमी के नाम पर कटौती की जाती है। कई मामलों में यह कटौती पारदर्शी तरीके से नहीं होती, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
सैंपल प्रक्रिया पर सवाल
किसानों का कहना है कि सैंपल लेने के नाम पर 5 से 10 किलो तक अनाज अलग कर लिया जाता है। आरोप यह भी है कि अलग-अलग किसानों से लिए गए सैंपल को बाद में एक साथ मिलाकर रखा जाता है, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं।
तौल के नाम पर वसूली
सबसे गंभीर आरोप तौल प्रक्रिया को लेकर हैं। किसानों का कहना है कि कुछ केंद्रों पर तौल के नाम पर प्रति क्विंटल राशि वसूली जाती है, जबकि सरकारी नियमों के अनुसार खरीदी केंद्रों पर किसानों से कोई शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए।
मजबूरी में चुप किसान
किसानों का कहना है कि वे इन गड़बड़ियों का विरोध इसलिए नहीं कर पाते, क्योंकि उन्हें डर रहता है कि विरोध करने पर उनकी फसल खरीदी नहीं जाएगी। कई बार उन्हें मामूली कारण बताकर वापस लौटा दिया जाता है।
शिकायतें, लेकिन समाधान धीमा
किसान बताते हैं कि वे हर साल टोल फ्री नंबर 181 पर शिकायत दर्ज कराते हैं, लेकिन कार्रवाई में देरी होती है। कई बार शिकायत के बाद उन्हें दबाव या धमकियों का सामना भी करना पड़ता है, जिससे वे आगे शिकायत करने से कतराने लगते हैं।
हर सीजन में दोहराई जाती समस्या
किसानों के मुताबिक यह स्थिति केवल एक सीजन तक सीमित नहीं है, बल्कि रबी, खरीफ और जायद—तीनों सीजन में खरीदी केंद्रों पर इसी तरह की शिकायतें सामने आती रहती हैं।
जरूरत पारदर्शिता और निगरानी की
विशेषज्ञों का मानना है कि खरीदी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल बनाना, साथ ही सख्त निगरानी व्यवस्था लागू करना जरूरी है। इससे न केवल किसानों का भरोसा बढ़ेगा, बल्कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ भी उन्हें मिल सकेगा।
संबंधित समाचार

राजघराना संपत्ति विवाद:इनकी आपत्ति पर सुनवाई; इस तारीख को पेश करने होंगे सबूत

चर्चित हत्याकांड में फैसला:प्रेमी और प्रेमिका को मिली फांसी की सजा; कोर्ट में आरोपी बोली- मेरी बच्चियों का ध्यान रखना

मेन रोड पर बिना अनुमति पंडाल लगाने पर हाईकोर्ट सख्त:डीसीपी को किया तलब; अदालत ने पूछा- जब मंजूरी नहीं ली तो सड़क कैसे ब्लॉक हुई?

चार महीने से ज्वाइनिंग का इंतजार:अपर कलेक्टर को संभागायुक्त का नोटिस; तीन दिन में जवाब देने के निर्देश

देखिए वीडियो, शराब पीकर गाली-गलौज और महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी करने का आरोप:रहवासियों ने थाने में की शिकायत

आईडीए की इस स्कीम से मुक्त होंगे इतने हजार प्लॉटधारक!:मुख्यमंत्री से होगी जल्द चर्चा, विधायक की पीड़ितों के साथ बेैठक के बाद आंदोलन स्थगित

नए नल कनेक्शन पर रोक:कॉलोनियों को भी नहीं मिलेगा नर्मदा का बल्क कनेक्शन; कम बारिश के बीच नगर निगम का फैसला

देखिए वीडियो, दीपावली से पहले लाड़ली बहनों को तोहफा:सीएम डाॅ. मोहन यादव ने जारी की योजना की किस्त

करोड़पति हेड कांस्टेबल बेनकाब:लोकायुक्त इंदौर-उज्जैन पुलिस की छापेमारी

प्लॉट और फ्लैट के नाम पर 72 लाख की चपत:एरोड्रम में रजिस्ट्री के नाम पर धोखाधड़ी; दोस्त का दिया चेक हो गया बाउंस, फेसबुक लिंक से भी ठगी

12.33 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ पकड़े गए तस्कर का साथी भी हुआ गिरफ्तार:रिषभ से पूछताछ में मयंक उर्फ कृष्णा के नाम का खुलासा

सज्जन वर्मा ने नशे के धंधे पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को दी नसीहत:पद से इस्तीफा दे दो; दोनों मिलकर लड़ेंगे जनता की लड़ाई

सिंधिया राजघराने की 41 हजार करोड़ की संपत्ति का विवाद फिर उलझ गया

मेट्रोपॉलिटन सिटी में बदल रहा है मालवा:मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- सिंहस्थ 2028 के लिहाज से इंदौर-उज्जैन में होटल सुविधाएं जरूरी

माता और महाकाल के जयघोष के साथ महाप्रसादी का वितरण:नवरात्रि महापर्व के पावन अवसर पर 10 दिवसीय महोत्सव

राजस्थानी संस्कृति की झलक:बालिकाओं ने गरबा और नृत्य से दिखाई

इस योजना में जुड़ सकते हैं नए नाम:फिर खुल सकता है पोर्टल; मंत्री ने दिया बड़ा बयान, छूटी हुई महिलाओं की संख्या का आकलन करने के निर्देश

‘खम्मा रे खम्मा’ की धुन पर झूमे गरबा प्रेमी

मां कूष्मांडा:एक मुस्कान; जो अंधकार को सृष्टि में बदल देती है

स्कूली बालिकाओं का किया गया निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण:शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय संयोगितागंज में फैमिली प्लानिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया का आयोजन
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!