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आग लगी जब कुआं खोदने बैठे जिम्मेदार नेता और अफसर: शहर में भीषण जलसंकट के बीच तेज हुई हलचल; पानी की किल्लत दूर करने सरकार से मांगे 50 करोड़

KHULASA FIRST

संवाददाता

22 मई 2026, 1:13 pm
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आग लगी जब कुआं खोदने बैठे जिम्मेदार नेता और अफसर

अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव ने जनप्रतिनिधियों के साथ की बैठक, जरूरत पड़ने पर निजी बोरिंग से भी होगी सप्लाई

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर में भीषण गर्मी के बीच गहराए जलसंकट को लेकर हुई नेताओं और अफसरों की यह आपात बैठक ‘आग लगी जब कुआं खोदने बैठे' की कहावत को चरितार्थ कर गई। जब पानी के लिए हाहाकार मच गया और संकट सिर पर आ गया, तब जाकर जिम्मेदार तंत्र जाग रहा है और बैठकों का दौर शुरू हुआ है।

वर्तमान में पानी की किल्लत को लेकर हर दिन गली-मोहल्लों, चौराहों से लेकर नगर निगम मुख्यालय और जोन कार्यालयों पर उग्र प्रदर्शन हो रहे हैं।

इस जन आक्रोश का असर सत्तापक्ष के भीतर भी देखने को मिला, जब विधायक महेंद्र हार्डिया ने जनता की परेशानी को लेकर महापौर को चेतावनी तक दे डाली थी। हालांकि, इसके अगले दिन ही सत्ता और संगठन के दबाव में सियासी सुर बदलते दिखे।

विधायक महेंद्र हार्डिया खुद महापौर पुष्यमित्र भार्गव के घर पहुंचे और वहां चाय की चुस्कियों के साथ फोटो सेशन कराकर सबको यह संदेश दिया कि महापौर पानी को लेकर अच्छा काम कर रहे हैं।

इस सियासी गर्माहट के बीच गुरुवार को रेसीडेंसी कोठी में जल प्रदाय व्यवस्था को लेकर एक आपात और महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

इंदौर संभाग के प्रभारी और अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख सचिव मनीष सिंह ने यह बैठक ली। इसमें शहर के तमाम जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य गर्मी के इस दौर में उत्पन्न हुए जल संकट से निपटना और हर नागरिक तक पर्याप्त पानी पहुंचाना रहा।

आबादी के मान से नर्मदा से मिलने वाले पानी की मात्रा नहीं बढ़ी- बैठक में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने वस्तुस्थिति सामने रखते हुए बताया कि शहर की आबादी और नए क्षेत्रों का दायरा तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन उस अनुपात में नर्मदा नदी से मिलने वाले पानी की मात्रा नहीं बढ़ी है।

इसके बावजूद नगर निगम पानी की कमी को दूर करने के लगातार प्रयास कर रहा है। पिछले तीन साल में 28 से ज्यादा नई पानी की टंकियों का निर्माण कराया गया है, जिनमें से सात टंकियां पिछले साल ही चालू की जा चुकी हैं।

विशेष आर्थिक पैकेज की मांग- महापौर ने बताया कि जल वितरण नेटवर्क को और मजबूत करने के लिए राज्य सरकार से 50 करोड़ रुपये के विशेष आर्थिक पैकेज की मांग की गई है।

शहर में नए हाईड्रेंट बनेंगे
कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि सभी टंकियों से तय शेड्यूल के अनुसार पानी सप्लाई करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। साथ ही शहर में नए हाईड्रेंट भी बनाए जाएंगे। कलेक्टर ने साफ किया कि अगर किसी इलाके में पानी का गंभीर संकट आता है, तो वहां निजी बोरिंग का अधिग्रहण कर उनका इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि जनता को पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

इस बैठक में विधायक रमेश मेंदोला, विधायक मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़, विधायक गोलू शुक्ला, विधायक महेंद्र हार्डिया, विधायक मधु वर्मा, पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय, नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल और अपर आयुक्त आशीष पाठक सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे। बैठक में गर्मी की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आगे की योजनाओं पर भी विस्तार से मंथन किया गया।

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