किसानों के तालाब फूट गए मंदिर पर भी मंडराया खतरा: अवैध खनन का बड़ा खुलासा
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
जिले के खुड़ैल क्षेत्र में अवैध खनन का बड़ा खुलासा हुआ है। इसमें ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि खनिज विभाग के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत और संरक्षण में लंबे समय से अवैध खनन और खनिज परिवहन किया जा रहा है, जिससे शासन को लाखों करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान हुआ है।
वहीं अवैध खनन से आसपास के किसानों, ग्रामीणों और वन्य जीवों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि अवैध खनन के कारण किसानों के निजी तालाब फूट गए और उनका पानी खदानों में रिस रहा है, जिससे सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है।
इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) खुड़ैल को लिखित शिकायत सौंपकर जल्द कार्रवाई करने की मांग की है।
अनुमति क्षेत्र से बाहर अवैध खनन का आरोप
शिकायतकर्ताओं आत्माराम दांगी, ग्यारसीलाल दांगी, धनसिंह दांगी और कपिल दांगी सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया ग्राम पेड़मी स्थित सर्वे नंबर 98/1/2, 98/2/3 और 98/1 की लगभग 4.900 हेक्टेयर भूमि पर अनूप अग्रवाल को वैध उत्खनन की अनुमति दी गई थी।
ग्रामीणों का आरोप है कि अनुमति प्राप्त क्षेत्र में खनन कार्य पूर्ण होने के बाद भी हरितपाल सिंह होरा द्वारा आसपास की अन्य भूमि पर अवैध तरीके से उत्खनन जारी रखा गया। विरोध करने पर आरोपी द्वारा ग्रामीणों को धमकाने और प्रभाव का डर दिखाने के आरोप भी लगाए गए हैं।
हनुमान मंदिर के पास ब्लास्टिंग से जनहानि की आशंका
ग्रामीणों ने शिकायत में बताया कि अवैध खनन ग्राम तेलियाखेड़ी में हनुमान मंदिर से मात्र 50 से 60 फीट की दूरी तक पहुंच गया है। इस दौरान किए जाने वाले ब्लास्ट से पत्थर उड़कर मंदिर परिसर तक पहुंचते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों के अनुसार आरोपी द्वारा करीब 250 फीट गहराई तक खनन किया जा चुका है, लेकिन सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। खदान के आसपास कृषि भूमि और वन क्षेत्र होने से किसानों और पशुओं की जान जोखिम में है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि कई बार नीलगाय, हिरण, खरगोश, सूअर आदि वन्य जीव के साथ ही ग्रामीणों के पशु भी गहरी खदान में गिरकर मर चुके हैं। ग्रामीणों ने दावा किया कि मृत जानवरों को डंपर से हटाकर दूसरे स्थान पर दफना दिया जाता है।
किसानों की सिंचाई व्यवस्था प्रभावित
अवैध खनन के कारण आसपास बने निजी तालाबों का जल स्तर तेजी से घट रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की अनुदान योजना से बने तालाबों का पानी खदानों में रिसने से खेतों की सिंचाई प्रभावित हो रही है और फसलें खराब हो रही हैं।
शिकायत के बाद भी पुलिस नहीं कर रही कार्रवाई
ग्रामीणों ने शिकायत में आरोप लगाया कि इस संबंध में कई बार पुलिस थाने में भी शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उलटा पुलिस द्वारा शिकायतकर्ताओं पर दबाव बनाया जाता है।
ग्रामीणों ने एसडीएम खुड़ैल से मांग की है कि अवैध खनन तत्काल बंद कराया जाए, आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो, शासन को हुए राजस्व नुकसान की वसूली की जाए तथा प्रभावित किसानों को फसल नुकसान का मुआवजा दिलाया जाए।
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