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ड्रग्स सिंडिकेट में खाकी की एंट्री!: महिला माफिया अलका दीक्षित से पूछताछ के बाद पुलिसकर्मी के घर छापा

KHULASA FIRST

संवाददाता

18 मई 2026, 2:58 pm
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ड्रग्स सिंडिकेट में खाकी की एंट्री!

आज तड़के जब शहर गहरी नींद में था, उसी वक्त कमिश्नरेट पुलिस ने एक ऐसा सीक्रेट ऑपरेशन शुरू किया, जिसने पुलिस महकमे से लेकर अपराध जगत तक सनसनी फैला दी। शहर में सक्रिय ड्रग्स और अवैध कारोबार के नेटवर्क पर शिकंजा कसने निकली पुलिस ने इस बार सिर्फ अपराधियों को ही नहीं, बल्कि वर्दी के भीतर छिपे संदिग्ध चेहरे को भी अपने रडार पर ले लिया।

ड्रग्स नेटवर्क पर हुई पुलिस की गुप्त कार्रवाई ने सिर्फ अपराध जगत ही नहीं, बल्कि पुलिस व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। महिला माफिया से लेकर खाकी तक पहुंचे इस मामले ने संकेत दिए हैं कि अवैध कारोबार का नेटवर्क भीतर तक जड़ें जमा चुका है।

खुलासा फर्स्ट…इंदौर।
इस हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पुलिस ने कथित महिला माफिया अलका दीक्षित के साथ एक प्रधान आरक्षक को भी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि आरोपी प्रधान आरक्षक लंबे समय तक क्राइम ब्रांच में पदस्थ रहा और वर्तमान में इंटेलिजेंस शाखा में तैनात है। उसके खिलाफ कार्रवाई की खबर सामने आते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया।

सूत्रों के मुताबिक यह ऑपरेशन इतना गोपनीय था कि कई अधिकारियों को भी अंतिम समय तक इसकी भनक नहीं लगने दी गई। पूरी कार्रवाई की मॉनिटरिंग खुद पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह कर रहे थे, जबकि एडिशनल पुलिस कमिश्नर राजेश कुमार सिंह भी लगातार अपडेट लेते रहे।

क्राइम ब्रांच के साथ शहर के छह थानों की विशेष टीमों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। सभी टीमों को साफ निर्देश थे कि कार्रवाई से जुड़ी जानकारी किसी भी स्तर पर लीक नहीं होनी चाहिए। यहां तक कि ऑपरेशन में शामिल पुलिसकर्मियों को भी अंतिम लोकेशन और टारगेट मौके पर पहुंचने से ठीक पहले बताए गए। जानकारी के मुताबिक ऑपरेशन में क्राइम ब्रांच के साथ छह थानों की पुलिस टीमों को लगाया गया था।

आरोपियों से ड्रग्स नेटवर्क और उससे जुड़े कारोबार को लेकर पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के अनुसार सबसे पहले क्राइम ब्रांच ने द्वारकापुरी थाना क्षेत्र में रहने वाली अलका दीक्षित को हिरासत में लिया। उसे गुप्त स्थान पर ले जाकर पूछताछ की गई। इसके बाद दूसरी टीम को अलर्ट किया गया और अलका के बेटे जयदीप को अहिरखेड़ी इलाके से हिरासत में लिया गया।

जयदीप से पूछताछ जारी थी, तभी एमजी रोड थाना प्रभारी विजयसिंह सिसोदिया के नेतृत्व में पुलिस टीम ने प्रधान आरक्षक विनोद के घर पर छापा मारा। बताया जा रहा है कि विनोद भी इस कारोबार से जुड़ा है। वह लंबे समय तक क्राइम ब्रांच में पदस्थ रहा और वर्तमान में इंटेलिजेंस शाखा में तैनात है। कार्रवाई के दौरान उसके परिजन ने विरोध भी किया। पुलिस ने विनोद के बेटे का लैपटॉप और मोबाइल भी जब्त किया है।

अवैध शराब से ड्रग्स नेटवर्क तक पहुंची अलका
अहिरखेड़ी निवासी अलका दीक्षित लंबे समय से अवैध शराब कारोबार से जुड़ी बताई जा रही है। स्थानीय स्तर पर उसका प्रभाव इतना था कि कई थाना प्रभारी बदलने के बावजूद उसका नेटवर्क सक्रिय बना रहा। पुलिस सूत्रों का कहना है कि शराब कारोबार की आड़ में उसने अनैतिक गतिविधियों और ड्रग्स सप्लाई के धंधे में भी पैर पसार लिए थे। उसका बेटा जयदीप भी इस कारोबार में उसकी मदद करता था। गौरतलब है कि कुछ समय पहले जयदीप को द्वारकापुरी पुलिस ने जानलेवा हमले के मामले में गिरफ्तार किया था। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

एक टीम पीथमपुर हुई रवाना
पूरे ऑपरेशन को बेहद गोपनीय रखा गया। सभी आरोपितों से अलग-अलग स्थानों पर पूछताछ की जा रही है। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह और एडिशनल पुलिस कमिश्नर राजेश कुमार सिंह लगातार कार्रवाई की मॉनिटरिंग कर रहे थे। वहीं पूछताछ की जिम्मेदारी डीसीपी क्राइम राजेश त्रिपाठी को सौंपी गई थी। टीम को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि ऑपरेशन से जुड़ी जानकारी किसी से साझा न की जाए। सूत्रों के मुताबिक देर रात एक टीम को पीथमपुर भी भेजा गया, जहां ड्रग्स कारोबार से जुड़े कुछ और लोगों को हिरासत में लिया गया। उनसे खजराना थाने में पूछताछ की व्यवस्था की गई है।

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