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खेत में बनी गुप्त लैब में पक रहा था नशा: ऐसे हुआ चौंकाने वाला खुलासा; राजस्थान की टीम ने मंदसौर में पकड़ा इतने किलो ड्रग्स, चौकी प्रभारी पर गिरी गाज

KHULASA FIRST

संवाददाता

09 मई 2026, 5:35 pm
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खेत में बनी गुप्त लैब में पक रहा था नशा

खुलासा फर्स्ट, मंदसौर।
जिले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। राजस्थान से आई केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो यानी CBN की टीम ने दलौदा तहसील के लसूड़िया इला गांव में खेती की जमीन पर बने एक कमरे में चल रही गुप्त मेफेड्रोन लैब का भंडाफोड़ किया है।

मौके से 21 किलो से अधिक मेफेड्रोन, अफीम, रसायन और ड्रग्स बनाने का पूरा सेटअप जब्त किया गया है। दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और स्थानीय पुलिस की चूक उजागर होने पर कचनारा चौकी प्रभारी समेत कुछ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। शनिवार दोपहर CBN ने इस पूरे ऑपरेशन का खुलासा किया। पूरी कार्रवाई उप नारकोटिक्स आयुक्त कोटा, राजस्थान, नरेश बुन्देल के मार्गदर्शन में अंजाम दी गई।

कैसे मिली सुराग और कैसे हुई कार्रवाई
CBN को गोपनीय और विश्वसनीय सूचना मिली थी कि दलौदा क्षेत्र के लसूड़िया इला गांव के बाहरी इलाके में खेती की जमीन पर बने एक कमरे में अवैध रूप से सिंथेटिक ड्रग्स बनाई जा रही है।

सूचना की पुष्टि के बाद CBN की चित्तौड़गढ़-I, II और III डिवीजन के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने कई घंटों तक इलाके की निगरानी की, जमीन की मैपिंग की और संदिग्ध स्थान की पहचान की। पूरी तसल्ली होने के बाद दबिश दी गई।

क्षेत्र की संवेदनशीलता और पुराने रिकॉर्ड को देखते हुए मध्यप्रदेश यूनिट से अतिरिक्त मदद भी मांगी गई। इसके बाद CBN जावरा निवारक सेल की टीम भी मौके पर पहुंची और संयुक्त रूप से ऑपरेशन को अंजाम दिया गया।

कमरे में मिला ड्रग्स बनाने का पूरा कारखाना
तलाशी के दौरान कमरे और आसपास के पूरे इलाके की सघन जांच की गई। जो सामग्री बरामद हुई वह किसी बड़े संगठित नेटवर्क की ओर इशारा करती है। मौके से 21.189 किलोग्राम मेफेड्रोन, 0.487 किलोग्राम अफीम और एचसीएल सहित अन्य रसायन 30.800 लीटर की मात्रा में मिले। इसके अलावा ड्रग्स निर्माण में उपयोग होने वाले उपकरण और 10 बैग में भरी लैब सामग्री भी जब्त की गई।

दो गिरफ्तार, नेटवर्क की जांच जारी
कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद दो व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। बाद में दोनों को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट 1985 के तहत औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। CBN अब इस पूरे नेटवर्क के तार-तार को खंगालने में जुटी है। जांच में प्रीकर्सर केमिकल्स के स्रोत, वित्तीय लेनदेन और अंतरराज्यीय कनेक्शन को खंगाला जा रहा है।

स्थानीय पुलिस पर उठे सवाल, चौकी प्रभारी निलंबित
इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स और एक पूरी लैब जब तक चलती रही और स्थानीय पुलिस को भनक तक नहीं लगी यह सवाल स्वाभाविक रूप से उठा। CBN की इस कार्रवाई के बाद मंदसौर एसपी विनोद कुमार मीना ने तत्काल एक्शन लेते हुए कचनारा चौकी प्रभारी पूर्णिमा सिंह सिरोहिया सहित कुछ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।

CBN अधिकारियों ने कहा कि इतनी बड़ी बरामदगी और गुप्त लैब का ध्वस्तीकरण क्षेत्र में सक्रिय संगठित नारकोटिक्स नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता है और नशा मुक्त भारत अभियान के तहत इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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