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'करो या मरो' की जंग: क्या श्रीलंका ले पाएगा पिछली हार का बदला

KHULASA FIRST

संवाददाता

22 फ़रवरी 2026, 1:01 pm
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'करो या मरो' की जंग

खुलासा फर्स्ट, हेमंत उपाध्याय।
टी-20 विश्व कप क्रिकेट टूर्नामेंट के सुपर-8 चरण में आज एक ऐसा मुकाबला होने जा रहा है, जो दोनों टीमों का भविष्य तय कर सकता है। मेजबान श्रीलंका टीम और दो बार की विश्व कप चैंपियन इंग्लैंड टीम पल्लेकेले के ऐतिहासिक मैदान पर आमने-सामने होंगी। इस मैच में जहां श्रीलंका टीम जिम्बाब्वे टीम के हाथों मिली अप्रत्याशित पराजय के जख्मों को भरने का प्रयास करेगी, वहीं इंग्लिश टीम एशियाई सरजमीं पर वर्चस्व कायम करने में कोई कसर बाकी नहीं रखेगी।

जिम्बाब्वे के हाथों हार के जख्म हैं ताजा
पिछले मैचों की अगर हम बात करें तो श्रीलंका ने टीम ग्रुप दौर में अपने अभियान की शुरुआत किसी चैंपियन टीम की तरह की है। इस टीम ने आयरलैंड और ओमान को क्रिकेट का एबीसीडी सिखाने के बाद विश्व कप खिताब की प्रबल दावेदार ऑस्ट्रेलिया टीम को हराकर क्रिकेट की दुनिया में सनसनी भी फैलाई । यह बात और कि ग्रुप के अंतिम मुकाबले में जिम्बाब्वे टीम ने श्रीलंका को हराकर न केवल क्रिकेट पंडितों को चौंका दिया, बल्कि एक बार फिर यह साबित कर दिया कि क्रिकेट अनिश्चितताओं का ही खेल है।

स्पिन गेंदबाजों के लिए अनुकूल हालात
क्रिकेट के जानकारों के अनुसार श्रीलंका टीम की सबसे बड़ी शक्ति अपने घरेलू मैदान पर ऐसे हालात हैं जो स्पिन गेंदबाजों के लिए मुफीद हैं। अब यह बात और है कि बीच में लय गड़बड़ाने से गेंदबाज प्रभावी नहीं रह पाते और टीम को इसका खामियाजा उठाना पड़ता है। बल्लेबाजों ने काफी हद तक अपनी भूमिका के साथ अच्छा न्याय किया है और टीम को सिर ऊंचा करने लायक मुकाम पर पहुंचा ही दिया है।

मिश्रित कामयाबी के साथ सफर
अब अगर हम इंग्लिश टीम पर जाएं तो इस टीम का अब तक का अभियान मिश्रित ही रहा है। नेपाल को बेहद नजदीकी अंतर से परास्त करने के बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबले में टीम के हाथ निराशा लगी, लेकिन स्कॉटलैंड और इटली को हराकर इस टीम ने न केवल अपना आत्मविश्वास फिर हासिल कर लिया, बल्कि सुपर-8 में अपना स्थान तय कर लिया। निचले क्रम तक बल्लेबाजों के दम पर मजबूत इंग्लैंड टीम स्पिनरों का सामना कैसे कर पाती है यह देखना दिलचस्प होगा।

मैच से पहले कप्तानों ने क्या कहा यह जानिये
श्रीलंका टीम के कप्तान दासुन शनाका का कहना है कि जिम्बाब्वे टीम के खिलाफ हार हमारे लिए 'वेक-अप कॉल' है। हमारी कमजोरी यह रही कि हम अंतराल पर विकेट नहीं ले सके। इंग्लैंड टीम के खिलाफ हमें अपनी गेंदबाजी की धार वापस पानी होगी और पावरप्ले से ही दबाव बनाना होगा।
श्रीलंका के सर्वकालिक महान गेंदबाजों में शुमार मुथैया मुरलीधरन के अनुसार  श्रीलंका के गेंदबाजों को अपनी लेंथ पर नियंत्रण रखना होगा। यह केवल मैच ताकत नहीं बल्कि दिमाग की जंग है। यदि हम पावरप्ले में विकेट नहीं लेंगे, तो इंग्लैंड के खिलाड़ी हमसे मैच दूर ले जाएंगे।

दूसरी ओर इंग्लैंड टीम के कप्तान हैरी ब्रूक का कहना है  कि हम अपनी 'निडर क्रिकेट' की पहचान नहीं छोड़ेंगे। श्रीलंका टीम को उनके घर में हराना कठिन है, लेकिन हमारी योजना सरल है—हम अपनी बल्लेबाजी की गहराई का उपयोग करेंगे और शुरू से ही हमला बोलेंगे।"

पूर्व इंग्लिश कप्तान नासिर हुसैन के मुताबिक पल्लेकेले में केवल आक्रामकता काम नहीं आएगी, यहाँ 'स्मार्ट क्रिकेट' और स्पिन के खिलाफ स्ट्राइक रोटेट करना ही जीत की कुंजी होगी।

2022 में आखिरी बार भिड़ी थी ये टीमें
दोनों टीमों के बीच टी-20 विश्व कप में अंतिम बार 5 नवंबर 2022 को सिडनी में टक्कर हुई थी। तब इंग्लैंड ने चार विकेट से जीत दर्ज की थी। इसी वर्ष इंग्लिश टीम ने श्रीलंका को उसके ही मैदान पर टी-20 श्रृंखला के तीनों मैचों में शिकस्त दी थी।

2014 की विश्व कप विजेता श्रीलंका टीम और 2010 और 2022 की चैंपियन इंग्लैंड टीम के बीच यह मुकाबला वाकई दिलचस्प होने वाला है। श्रीलंका के पास न केवल अपनी हार का बदला लेने का मौका है, बल्कि विश्व कप की दौड़ में खुद को साबित करने की चुनौती भी है। अब बारी है इंग्लिश टीम की और उसके मन में क्या है यह फैसला आज पल्लेकेले के मैदान पर हो जाएगा।

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