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नहीं चली गुटखा माफिया और टैक्स चोर की शातिर चाल: केस ट्रांसफर की कोशिश नाकाम; जज ने खुद किया दावा खारिज

KHULASA FIRST

संवाददाता

06 फ़रवरी 2026, 5:12 अपराह्न
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नहीं चली गुटखा माफिया और टैक्स चोर की शातिर चाल

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
चर्चित गुटखा माफिया और टैक्स चोर किशोर वाधवानी की एक बार फिर अदालत में चालाकी बेनकाब हो गई। अपने खिलाफ चल रहे 420 और जालसाजी के मामले की सुनवाई से बचने के लिए वाधवानी ने अदालत में केस ट्रांसफर का आवेदन लगा दिया, लेकिन यह दांव उल्टा पड़ गया।

जज के पिता को बताया अपना दोस्त
चार सौ बीसी के केस (क्रमांक 536/25) की सुनवाई 26वें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शुभ्रा सिंह की अदालत में चल रही है। वाधवानी ने सत्र न्यायाधीश अजय श्रीवास्तव के समक्ष आवेदन देकर दावा किया कि न्यायाधीश शुभ्रा सिंह के दिवंगत पिता न्यायमूर्ति शंभू सिंह से उसके करीबी संबंध रहे हैं।

जज शुभ्रा सिंह ने कोर्ट में रखी सच्चाई
इसी आधार पर उसने निष्पक्षता का हवाला देते हुए मामला किसी अन्य कोर्ट में स्थानांतरित करने की मांग की। केस ट्रांसफर आवेदन पर सुनवाई के दौरान खुद न्यायाधीश शुभ्रा सिंह ने अदालत में स्पष्ट टिप्पणी कर वाधवानी के दावे को तथ्यहीन बताया।

उन्होंने कहा कि उनके पिता का आवेदक से कभी कोई व्यक्तिगत या सामाजिक संबंध नहीं रहा। न तो उन्होंने कभी अपने पिता से उसका जिक्र सुना और न ही उसे पारिवारिक निवास पर आते-जाते देखा।

पहले भी मामले की सुनवाई कर चुकी हैं
उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले भी वह वाधवानी के एक अन्य मामले की सुनवाई कर चुकी हैं। उस समय वे वर्ष 2009 से 2012 के बीच सीबीआई की विशेष न्यायाधीश के रूप में पदस्थ थीं। उस दौरान भी कभी इस तरह की आपत्ति या संदेह नहीं जताया गया था।

सुनवाई टालने की मंशा आई सामने
न्यायाधीश शुभ्रा सिंह ने कोर्ट को यह भी अवगत कराया कि मौजूदा केस में नियमित सुनवाई हो रही है और आरोपों पर बहस के लिए बार-बार दबाव बनाया जा रहा था। लंबी तारीखें नहीं मिलने के कारण ही केस ट्रांसफर का आवेदन लगाया गया है।

अदालत ने याचिका की खारिज
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सत्र न्यायाधीश अजय श्रीवास्तव ने किशोर वाधवानी की केस ट्रांसफर याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया। कोर्ट ने साफ किया कि आवेदन में लगाए गए आधार निराधार हैं और सुनवाई पूर्ववत जारी रहेगी।

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