13 साल के सत्यम का साहस: तेंदुए से भिड़कर बचाई अपनी जान; खेलते समय किया था अचानक हमला
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, नर्मदापुरम।
जिले से साहस की एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से सटे पिपरिया के कुर्सीखापा गांव में 13 वर्षीय सत्यम ठाकुर ने जानलेवा हमले के दौरान तेंदुए का डटकर सामना किया और उसे पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।
खेलते समय हुआ अचानक हमला
शनिवार देर रात सत्यम अपने घर के पास खेत में बने कुएं के पास खेल रहा था। तभी झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने अचानक उस पर झपट्टा मार दिया। आमतौर पर ऐसे हमले में लोग घबरा जाते हैं, लेकिन सत्यम ने हिम्मत नहीं हारी।
तेंदुए की गर्दन पकड़कर किया पलटवार
हमले के दौरान सत्यम ने फुर्ती दिखाते हुए तेंदुए की गर्दन पकड़ ली और पूरी ताकत से उसे पीछे धकेल दिया। इस प्रतिरोध से तेंदुआ घबरा गया।
ग्रामीणों के पहुंचते ही भागा तेंदुआ
सत्यम की चीख सुनकर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। भीड़ और शोर बढ़ता देख तेंदुआ जंगल की ओर भाग निकला। हालांकि इस दौरान सत्यम के पेट, हाथ और पैरों पर तेंदुए के नाखूनों से गहरे घाव आए हैं।
वन विभाग ने संभाली जिम्मेदारी
घटना के बाद सत्यम को तुरंत पिपरिया के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इलाज की पूरी जिम्मेदारी ली और परिजनों को राहत राशि भी उपलब्ध कराई। अधिकारियों के अनुसार बच्चे की हालत फिलहाल स्थिर है।
इलाके में चर्चा, लोगों को सतर्क रहने की सलाह
सत्यम की बहादुरी की चर्चा पूरे इलाके में हो रही है। उसके पिता ने बताया कि उनका घर जंगल के करीब है, जहां जंगली जानवरों की आवाजाही आम बात है। वन विभाग ने ग्रामीणों को रात में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
यह घटना न सिर्फ एक किशोर की अदम्य हिम्मत को दिखाती है, बल्कि जंगल से सटे इलाकों में मानव–वन्यजीव संघर्ष की गंभीरता को भी उजागर करती है।
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