प्रदेश भाजपा में शहर का बढ़ता प्रभाव: इस नेता के खेमे के नेताओं को अहम जिम्मेदारी; अब भी राजधानी में हो रहे फैसलों पर निगाहें
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मध्यप्रदेश भाजपा के संगठनात्मक फेरबदल में इंदौर का दबदबा लगातार मजबूत होता नजर आ रहा है। हाल ही में प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल द्वारा तीन प्रकोष्ठों के संयोजकों की घोषणा में इंदौर को दो महत्वपूर्ण पद मिलना राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। इन नियुक्तियों के जरिए प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे की संगठन में पकड़ भी एक बार फिर साफ दिखाई दी है। अभी इंदौर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों का फैसला होना है।
धीरज और महेश को जिम्मेदारी
घोषित सूची के अनुसार, इंदौर के धीरज खंडेलवाल को व्यापारी प्रकोष्ठ का प्रदेश संयोजक बनाया गया है, जबकि महेश पालीवाल को शिक्षक प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी सौंपी गई है। खास बात यह है कि दोनों ही नेता रणदिवे के करीबी माने जाते हैं, जिससे इन नियुक्तियों को उनके प्रभाव का परिणाम माना जा रहा है।
संगठन और सत्ता स्तर पर नियुक्तियां
प्रदेश में इन दिनों संगठन और सत्ता स्तर पर नियुक्तियों का दौर जारी है। ऐसे में मालवा-निमाड़ क्षेत्र, खासकर इंदौर के नेताओं की निगाहें भोपाल में हो रहे फैसलों पर टिकी हुई हैं। इस ताजा सूची में इंदौर को मिली प्रमुख भूमिका ने यह संकेत दिया है कि संगठन में शहर का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।
यह है कारण
धीरज खंडेलवाल का व्यापारी वर्ग में मजबूत आधार माना जाता है। वे पहले व्यापारी प्रकोष्ठ के नगर संयोजक रह चुके हैं और शहर में बड़े आयोजनों के लिए पहचान रखते हैं। हाल ही में उन्होंने हजारों व्यापारियों को एक मंच पर लाकर अपनी संगठन क्षमता का प्रदर्शन किया था। इसके अलावा वे खंडेलवाल समाज के नगर अध्यक्ष होने के साथ ही सियागंज किराना बाजार के भी प्रमुख पद पर हैं।
वहीं महेश पालीवाल ने छात्र राजनीति से लेकर विभिन्न संगठनों में सक्रिय भूमिका निभाई है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े रहने के बाद उन्होंने हिन्दू जागरण मंच में भी काम किया और भाजपा संगठन में लगातार सक्रिय रहे। पिछले एक दशक से वे निजी स्कूल संचालन के साथ संगठनात्मक गतिविधियों में भी जुड़े हुए हैं।
इन्होंने की थी अनुशंसा
दिलचस्प पहलू यह भी है कि इन दोनों नामों की अनुशंसा नगर भाजपा अध्यक्ष सुमित मिश्रा द्वारा प्रदेश नेतृत्व को भेजी गई थी, जिसे मंजूरी मिलना स्थानीय नेतृत्व की सक्रियता को भी दर्शाता है।
इंदौर को मिल चुके हैं तीन प्रकोष्ठ
व्यापारी और शिक्षक प्रकोष्ठ से पहले इंदौर को खेल प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी भी मिल चुकी है, जहां मानसिंह यादव को संयोजक बनाया गया है। वे कुश्ती के क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं और शहर में कई बड़े दंगल आयोजित करा चुके हैं।
इसके अलावा भगवान परमार को अनुसूचित जनजाति मोर्चा की कमान सौंपी गई है। किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा भले ही देवास से हैं, लेकिन उनका जुड़ाव भी इंदौर से माना जाता है। इन नियुक्तियों ने साफ कर दिया है कि भाजपा संगठन में इंदौर का राजनीतिक प्रभाव लगातार बढ़ रहा है और आने वाले समय में यह और मजबूत हो सकता है।
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