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यहीं है बाइक… लेकिन गैंग के सामने बेबस दिखा सिस्टम: जीपीएस ने बताया

KHULASA FIRST

संवाददाता

24 मई 2026, 4:21 pm
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20 हजार की डील कर छुड़ाई आर-15, टांडा तक चोरी, ट्रैकिंग और समझौते की कहानी

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
पॉश इलाके ओल्ड पलासिया से चोरी एक स्पोर्ट्स बाइक ने पुलिसिंग, तकनीक और अपराधियों के नेटवर्क पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं।

आधी रात चोरी, सीसीटीवी में कैद चेहरे, जीपीएस से ट्रेस होती लोकेशन, धार जिले तक पीछा… फिर आखिर में चोरों से कथित डील के बाद बाइक की वापसी।

मामला पलासिया थाना क्षेत्र स्थित नवनीत टॉवर का है। यहां रहने वाले विशाल अरवरे की काले रंग की आर15 वी3 ( आरजे33एसजी7107) कुछ दिन पहले रात करीब 1:40 से 2 बजे के बीच चोरी हो गई।

सुबह जब परिवार को पता चला। पुलिस को सूचना दी गई और प्रकरण दर्ज हुआ। जब सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए तो पूरी वारदात सामने आ गई।

तीन युवक एक अन्य टू-व्हीलर पर आए, कुछ देर इलाके में घूमे फिर मौका देखकर मिनटों में स्पोर्ट्स बाइक लेकर निकल गए।

सूत्र बताते हैं ये संदिग्ध पहले तुलसी विला कॉलोनी में भी दिखाई दिए थे, जहां रेकी करते नजर आए थे।

लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई!
चोरी बाइक में जीपीएस सिस्टम था। जैसे ही ट्रैकिंग शुरू हुई, बाइक की लाइव लोकेशन पुलिस और फरियादी पक्ष के मोबाइल पर चलने लगी।

धार जिले के टांडा क्षेत्र में जाकर रुकी। लग रहा था बस पुलिस पहुंचेगी और बाइक जब्त कर आरोपियों को पकड़ लेगी।

सूत्रों के मुताबिक जब टीम टांडा क्षेत्र पहुंची तो वहां सक्रिय वाहन चोर गैंग का नाम सामने आया। बताया जा रहा है इलाके में गैंग का इतना प्रभाव था कि सीधे दबिश देकर बाइक उठाना आसान नहीं था।

जीपीएस लगातार बता रहा था बाइक कहां है, लेकिन मौके पर हालात ऐसे बने कि कथित तौर पर पुलिस और फरियादी पक्ष को बातचीत का रास्ता अपनाना पड़ा।

चर्चा है कि आखिरकार करीब 20 हजार रुपए में सौदा तय हुआ और उसके बाद चोरों ने बाइक वापस कर दी। यानी जिस बाइक को पुलिस तकनीक के दम पर ट्रेस कर चुकी थी, उसे कानूनी कार्रवाई से नहीं बल्कि कथित डील के बाद हासिल करना पड़ा। फिलहाल बाइक पलासिया थाने में है लेकिन आरोपी अजाद हैं।

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