स्कूल ऑफ एक्सीलेंस फॉर आई के अधीक्षक पर उत्पीड़न का आरोप
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
स्कूल ऑफ एक्सीलेंस फॉर आई अपने कामों से ज्यादा यहां होने वाले विवादों को लेकर चर्चा में रहने लगा है। ताजा विवाद नर्सिंग ऑफिसर और अधीक्षक के बीच सामने आया है।
एमजीएम मेडिकल कॉलेज डीन सहित चिकित्सा विभाग के आला अधिकारियों को शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने पर अब मामला अजाक थाने तक पहुंचा है।
हॉस्पिटल की महिला नर्सिंग ऑफिसर ने आरोप लगाया कि अधीक्षक डॉ. डीके शर्मा लंबे समय से उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। जब वह इस बारे में उनसे बात करने गई तो उसके साथ सार्वजनिक तौर पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर बेइज्जत किया गया।
दरअसल, अक्टूबर 2015 में जब नर्सिंग ऑफिसर बीमार हुई थी, तब उसने सिक लीव ली थी, लेकिन अधीक्षक डॉ. शर्मा ने उसकी सिक लीव अप्रूव नहीं करते हुए एब्सेंट लगा दी थी। इसकी शिकायत नर्सिंग ऑफिसर ने सीएम हेल्पलाइन 181 पर की थी।
इसके बाद से डॉ. शर्मा नर्सिंग ऑफिसर पर सीएम हेल्पलाइन की शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहे हैं, लेकिन वह शिकायत वापस लेने को तैयार नहीं। इस पर अधीक्षक नर्स को अधिक प्रताड़ित करने लगे।
आदिवासी समाज की नर्सिंग ऑफिसर ने इसकी शिकायत हर जगह की, लेकिन कहीं से कोई कार्रवाई नहीं हुई तो पीड़िता ने अजाक्स पदाधिकारियों के साथ अजाक थाने जाकर डॉ. डीके शर्मा की शिकायत की और मामले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
तुम आदिवासी हो, जंगल में रहने लायक हो
पीड़ित नर्सिंग ऑफिस ने शिकायत की है कि संस्थान अधीक्षक डॉ. डीके शर्मा द्वारा मुझे 13 अप्रैल की शाम लगभग 4.30 बजे अपने कैबिन में बुलाया गया, जहां कुछ और लोग भी बैठे थे, जिन्हें मैं नहीं जानती।
उनके सामने मां-बहन की गाली देते हुए कैबिन के बाहर आकर बोले- तुम आदिवासी हो, जंगल में रहने लायक हो। तुझे नौकरी खैरात में मिली है, मैं तेरी नौकरी खा जाऊंगा और बाहर भी मां-बहन की गाली देते हुए सार्वजनिक रुप से अपमानित किया।
इसकी शिकायत 181 सीएम हेल्पलाइन पर की थी, जिसे वापस लेने के लिए डॉ. शर्मा द्वारा मुझ पर अत्यधिक दबाव बनाने के साथ ही विभिन्न प्रकार से प्रशासनिक शक्ति का प्रयोग कर प्रताड़ित किया जा रहा है।
डॉ. शर्मा द्वारा मेरे वैधानिक अवकाश स्वीकृत नहीं किए जाते, वेतन रोका जाता है तथा प्रशासनिक अधिकारों का दुरुपयोग कर मुझे आर्थिक एवं मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। मेरे विरुद्ध दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई कर नौकरी से निकालने की धमकियां भी दी जाती हैं।
जांच के आधार पर होगी कार्रवाई
डॉ. डीके शर्मा के खिलाफ शिकायत आई है। नर्सिंग ऑफिसर ने जातिसूचक अपशब्दों का इस्तेमाल किए जाने की शिकायत की है। इससे संबंधित जो भी साक्ष्य प्राप्त होंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। गिरीश, एसीपी, अजाक
न्याय मिलने तक जारी रखूंगी लड़ाई
डॉ. डीके शर्मा द्वारा मुझे मानसिक तौर पर बुरी तरह से प्रताड़ित किया जा रहा है। हर जगह उनकी शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्हें महिलाओं को परेशान करने में बहुत मजा आता है। लेकिन अब हद हो गई है। उनके खिलाफ अंत तक लड़ाई लड़ूंगी। पीड़ित, नर्सिंग ऑफिसर
नियम से अधिक छुटि्टयां ले चुकी
नर्सिंग ऑफिसर 3 साल में लगभग 250 छुट्टियां ले चुकी है। जितनी लिमिट थी, उतनी छुट्टियां अप्रूव की गईं, लेकिन ज्यादा छुट्टी लेने पर मेट्रन द्वारा वेतन में कटौती की गई थी। अब वह एब्सेंट रहने का भी वेतन मांग रही है, जो दिया नहीं जा सकता।
इसके लिए अस्पताल विरोधी ताकतों को साथ लेकर इस तरह की हरकतें कर रही है। उसकी लापरवाही की पूरी लिस्टिंग की गई है, जिसे सक्षम जगह प्रस्तुत किया जाएगा।
मेरे और उसके बीच में 3 और अधिकारी नर्सिंग इंचार्ज, मेट्रन और सहायक अधीक्षक मौजूद हैं, लेकिन फिर भी मेरी ही शिकायत कर रही है। डॉ. डीके शर्मा, अधीक्षक, एसओई
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