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अभी से रिकॉर्ड तोड़ने में जुटी गर्मी: कई शहरों में पारा 40 डिग्री के पार; जानिए क्यों बढ़ रहा तापमान

KHULASA FIRST

संवाददाता

11 मार्च 2026, 12:10 pm
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अभी से रिकॉर्ड तोड़ने में जुटी गर्मी

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
देश में इस साल गर्मी ने समय से पहले ही तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। फरवरी 2026 पिछले करीब 125 वर्षों में सबसे गर्म और शुष्क महीनों में दर्ज की गई। अब मार्च की शुरुआत में ही तापमान तेजी से बढ़ने लगा है। कई राज्यों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जबकि दिल्ली में मार्च के पहले सप्ताह में ही पिछले कई वर्षों का रिकॉर्ड टूट गया।

कई राज्यों में तेजी से बढ़ा तापमान
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक मार्च के शुरुआती दिनों में ही देश के कई हिस्सों में अप्रैल-मई जैसी गर्मी महसूस की जा रही है। नई दिल्ली में 2011 के बाद पहली बार मार्च के पहले सप्ताह में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया। सफदरजंग वेदर स्टेशन ने 35.7°C दर्ज किया, जो इस महीने के लिए असामान्य रूप से अधिक माना जा रहा है।

बाड़मेर में पारा 40 डिग्री के पार
राजस्थान के बाड़मेर में पारा 40 डिग्री के पार चला गया, जबकि जयपुर में तापमान करीब 37.8°C दर्ज किया गया। मध्यप्रदेश में रतलाम में 39.2°C तापमान रिकॉर्ड किया गया, वहीं भोपाल में भी तापमान 36.8°C तक पहुंच गया। गुजरात के अहमदाबाद, राजकोट, डीसा और कांडला में तापमान 41°C के आसपास दर्ज हुआ है।
महाराष्ट्र के जलगांव में 39.6°C तापमान दर्ज किया गया, जबकि मुंबई और पुणे में भी तेज गर्मी महसूस की जा रही है।

जल्दी गर्मी बढ़ने के मुख्य कारण

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस बार तापमान तेजी से बढ़ने के पीछे कुछ प्रमुख कारण हैं।
1. वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का कमजोर होना
पश्चिमी विक्षोभ यानी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस हिमालयी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी लाकर उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में ठंडक बनाए रखते हैं। लेकिन नवंबर 2025 के बाद से इनकी सक्रियता काफी कम रही है, जिससे तापमान में तेजी से वृद्धि हुई है।

2. पश्चिम से आ रही गर्म और शुष्क हवाएं
पिछले कुछ दिनों से राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में गर्म और शुष्क हवाएं चल रही हैं। बारिश या बादलों की कमी के कारण सूर्य की सीधी किरणें जमीन को ज्यादा गर्म कर रही हैं।

3. एंटी साइक्लोन सिस्टम का असर
राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों में एंटी साइक्लोन सिस्टम सक्रिय है। यह प्रणाली चक्रवात के विपरीत होती है और आमतौर पर साफ आसमान तथा अधिक गर्मी की स्थिति पैदा करती है।

आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के मुताबिक 14 मार्च के आसपास उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय हो सकता है, जिससे तापमान में हल्की गिरावट आने की संभावना है। हालांकि गुजरात, मध्यप्रदेश और उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में अगले कुछ दिनों तक तापमान सामान्य से 4-6°C ज्यादा रह सकता है।

अप्रैल-मई में और बढ़ सकती है गर्मी
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुमान के अनुसार मार्च से मई 2026 के बीच देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से ज्यादा रह सकता है। इस दौरान हीटवेव यानी लू के दिनों की संख्या भी सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में गर्मी का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है।

फसलों पर भी पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च में बढ़ती गर्मी गेहूं की फसल के लिए चुनौती बन सकती है। अधिक तापमान के कारण दाने बनने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है, जिससे उत्पादन पर असर पड़ सकता है। हालांकि जिन क्षेत्रों में गेहूं की कटाई शुरू हो चुकी है, वहां नुकसान की आशंका कम बताई जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस साल गर्मी का असर सामान्य से ज्यादा रहने की संभावना है, इसलिए लोगों को गर्मी से बचाव और जल संरक्षण जैसे उपायों पर अभी से ध्यान देने की जरूरत होगी।

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