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पांच साल की बच्ची के साथ ऐसी हैवानियत: दोषी को किस तरह की सजा पर हाईकोर्ट ने लगाई मुहर

KHULASA FIRST

संवाददाता

24 जनवरी 2026, 8:30 पूर्वाह्न
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पांच साल की बच्ची के साथ ऐसी हैवानियत

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
शहर के शाहजहांनाबाद इलाके में 5 वर्षीय मासूम बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में दोषी अतुल निहाले को दी गई तिहरी फांसी की सजा को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने भी बरकरार रखा है।

फैसले को दी थी चुनौती
जानकारी के अनुसार इस मामले में आरोपी के परिजनों ने विशेष अदालत के फैसले को चुनौती दी थी। इसके बाद जबलपुर स्थित हाई कोर्ट की मुख्य पीठ ने शुक्रवार को यह अहम निर्णय सुनाया है।

घन्य अपराध को “दुर्लभतम मामलों” की श्रेणी में रखा
न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल और न्यायमूर्ति रामकुमार चौबे की डबल बेंच ने इस जघन्य अपराध को “दुर्लभतम मामलों” की श्रेणी में रखते हुए कहा कि यह ऐसा अमानवीय कृत्य है, जिसकी भयावहता शब्दों में बयान नहीं की जा सकती।

अमानवीय और बर्बर अपराध
डबल बेंच ने अपने फैसले में यह भी कहा कि आरोपी अतुल निहाले ने एक निहायत ही अमानवीय और बर्बर अपराध को अंजाम दिया। अदालत के मुताबिक, आरोपी ने बच्ची के साथ दुष्कर्म के दौरान उसके निजी अंगों पर चाकू से कई बार वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

शब्दों में व्यक्त करना असंभव
अदालत ने इस मामले में यह टिप्पणी भी की कि पांच साल की बच्ची ने अपने अंतिम क्षणों में जिस असहनीय पीड़ा को सहा, उसे शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं है। दुष्कर्म के दौरान उसकी बेबसी और दर्द की कल्पना मात्र से ही आत्मा सिहर उठती है। यही कारण है कि यह मामला सामान्य दंड से कहीं आगे जाकर मृत्युदंड की मांग करता है।

शव को तीन दिनों तक पानी की टंकी में छिपाया
बच्ची की मौत के बाद आरोपी ने उसके शव को तीन दिनों तक अपने घर की पानी की टंकी में छिपाकर रखा। अदालत ने इसे आरोपी की मानसिक क्रूरता और अपराध की भयावहता का प्रमाण माना।

छह महीने में आया था फैसला
18 मार्च 2025 को भोपाल की विशेष पॉक्सो कोर्ट ने महज छह महीने के भीतर सुनवाई पूरी करते हुए आरोपी को फांसी की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने उस समय टिप्पणी की थी कि यदि मृत्युदंड से भी कठोर कोई सजा होती, तो आरोपी उसी का हकदार होता। बीएनएस लागू होने के बाद मध्यप्रदेश में यह पहली फांसी की सजा थी।

मां और बहन को भी मिली सजा
अतुल को विभिन्न धाराओं के तहत दोहरे आजीवन कारावास की सजा भी मिली है। दोषी की मां बसंती निहाले और बहन चंचल को साक्ष्य छिपाने के आरोप में दो-दो साल कैद की सजा सुनाई गई थी।

यह है पूरा मामला
मृतक बच्ची 24 सितंबर 2024 को अपने चाचा के फ्लैट से खेलते समय लापता हो गई थी। दो दिन बाद उसका शव आरोपी के घर पानी की टंकी में मिला था।

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