अपराधियों पर सख्त शिकंजा: इतने बदमाश जिलाबदर; इतने पर थाना हाजिरी की पाबंदी
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने और आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में बड़ा एक्शन लिया गया है। शहर में सक्रिय आदतन अपराधियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए कुल 14 शातिर बदमाशों पर कड़ा शिकंजा कसा गया है। इनमें से 9 कुख्यात बदमाशों को जिलाबदर किया गया है, जबकि 5 अन्य को निर्बंधन आदेश के तहत थाना हाजिरी के लिए पाबंद किया गया है।
पुलिस के अनुसार ये सभी आरोपी लंबे समय से हत्या, लूट, मारपीट, अवैध वसूली सहित विभिन्न गंभीर अपराधों में संलिप्त रहे हैं। इनके खिलाफ शहर के अलग-अलग थानों में कई प्रकरण दर्ज हैं। पूर्व में की गई कार्रवाई के बावजूद इनके आपराधिक कृत्यों में कमी नहीं आई, जिससे आमजन की सुरक्षा और क्षेत्र की शांति व्यवस्था प्रभावित हो रही थी।
9 बदमाशों पर जिलाबदर की कार्रवाई
पुलिस आयुक्त द्वारा म.प्र. राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 के तहत कार्रवाई करते हुए 9 कुख्यात बदमाशों को निर्धारित अवधि के लिए इंदौर शहर, देहात और सीमावर्ती जिलों की राजस्व सीमा से निष्कासित किया गया है।
इन बदमाशों में साहिल उर्फ जाहिद, अमर उर्फ अमान, हर्ष मालवीय, देवेंद्र सरोज, लोकेश उर्फ भांजा, आकाश बौरासी, जीवन कौशल, विनोद जाधव और जीवांशु उर्फ ध्रुव शामिल हैं। सभी को उनकी आपराधिक गतिविधियों की गंभीरता के आधार पर 3 माह से 1 वर्ष तक के लिए जिलाबदर किया गया है।
5 बदमाशों पर निर्बंधन आदेश
इसके साथ ही 5 अन्य आदतन अपराधियों गोलू उर्फ शाहरुख, साजिद उर्फ चेतन लाला, अरुण बोवनिया, राजा वर्मा और कमल उर्फ कम्मू को निर्बंधन आदेश के तहत पाबंद किया गया है। इन पर शर्त लगाई गई है कि वे निर्धारित समय पर संबंधित थानों में हाजिरी देंगे, किसी भी अवैध गतिविधि में शामिल नहीं होंगे और शहर की शांति व्यवस्था भंग नहीं करेंगे। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि इन आरोपियों द्वारा आदेश की शर्तों का उल्लंघन किया जाता है, तो उनके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
लगातार जारी है कार्रवाई
इंदौर पुलिस का कहना है कि शहर में अपराध और अपराधियों पर नियंत्रण के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, ऐसे आदतन अपराधियों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है, ताकि शहर में कानून व्यवस्था मजबूत बनी रहे और आम नागरिकों को सुरक्षित माहौल मिल सके। उक्त प्रकरणों में शासन की ओर से पैरवी एडीपीओ अजय प्रताप बुंदेला द्वारा की गई।
संबंधित समाचार

चर्चित अभि तोमर हत्याकांड की आग भिंड तक जा पहुंची:इंदौर की गैंगवार का बदला लेने चली गोलियां

शौक पूरे करने के लिए करता था चोरी:दो ऑटो किए बरामद; रात के अंधेरे में उड़ाता था वाहन, पुलिस ने किया गिरफ्तार

सिंहस्थ की जमीन से हटाया अतिक्रमण:20 अवैध मकान ध्वस्त 3 हेक्टेयर जमीन को कब्जा मुक्त; पुलिस बल की मौजूदगी में अभियान चलाया

इस अधिकारी ने बढ़ाया देवी अहिल्या की नगरी का गौरव:ओडिशा के राज्यपाल की एडीसी बनी; ऐसा करने वाली पहली महिला ऑफिसर भी
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!