अतिक्रमण हटाने गई टीम पर पथराव: टीआई सहित 12 घायल; तहसीलदार की गाड़ी के शीशे टूटे
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, धार।
जिले के धामनोद थाना क्षेत्र के सिरसोदिया गांव में अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। इस हमले में धामनोद थाना प्रभारी प्रवीण ठाकरे और एक महिला पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायल थाना प्रभारी को इलाज के लिए इंदौर रेफर किया गया है।
तहसीलदार की गाड़ी के शीशे टूटे
पथराव के दौरान तहसीलदार की गाड़ी के शीशे भी तोड़ दिए गए। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए प्रशासन को आसपास के थानों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा। मौके पर मनावर एसडीएम भी पहुंच गए और हालात को संभाला गया।
अतिक्रमण हटाने पहुंची थी टीम
जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 10 बजे सिरसोदिया गांव में शासकीय जमीन पर बने अवैध मकान को हटाने के लिए प्रशासनिक टीम पहुंची थी। टीम में तहसीलदार कुणाल अवासिया, नायब तहसीलदार कृष्णा पटेल, धामनोद एसडीओपी मोनिका सिंह, थाना प्रभारी प्रवीण ठाकरे और पटवारी राहुल ठाकुर समेत करीब 25 अधिकारी-कर्मचारी शामिल थे।
कार्रवाई शुरू होते ही कुछ ग्रामीणों ने विरोध करते हुए पथराव शुरू कर दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
विधायक की जमीन से जुड़ा विवाद
बताया जा रहा है कि जिस मकान को हटाने टीम पहुंची थी, उसका करीब 25 प्रतिशत हिस्सा क्षेत्रीय विधायक कालू सिंह ठाकुर की कृषि भूमि में आता है, जबकि 25 प्रतिशत हिस्सा किसी अन्य व्यक्ति की जमीन पर है। इसी को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है।
महिला ने लगाए आरोप
मकान में रहने वाली पिंकी ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने उन्हें जबरन गाड़ी में बैठाकर मेडिकल के लिए अस्पताल पहुंचाया। उसने कहा कि उसकी मां, दो बहनों और भाभी की हालत गंभीर है और परिवार की इस स्थिति के लिए विधायक कालू सिंह ठाकुर जिम्मेदार हैं।
पिंकी ने कहा कि यदि उसकी मां को कुछ हुआ तो वह इसके लिए विधायक को जिम्मेदार ठहराएगी।
प्रशासन का पक्ष
धामनोद के नायब तहसीलदार कृष्णा पटेल ने बताया कि सिरसोदिया गांव में अनिल, अनीता, धर्मेंद्र और पल्लवी की निजी जमीन का सीमांकन कराया गया था। जांच में सामने आया कि कुछ लोगों ने जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है।
आपत्ति खारिज हो गई
इसके बाद जमीन मालिकों ने कब्जा हटाने के लिए राजस्व न्यायालय में धारा 250 के तहत मामला दर्ज कराया। सुनवाई के बाद फैसला अनिल, अनीता और पल्लवी के पक्ष में आया।
कब्जाधारियों ने इस आदेश के खिलाफ सिविल कोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन वहां भी उनकी आपत्ति खारिज हो गई। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि संबंधित लोगों का जमीन पर कोई अधिकार नहीं है।
ऐसे में अब राजस्व न्यायालय के आदेश के पालन में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है।
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