स्पेशल कोर्ट का बड़ा आदेश: डीआईजी समेत चार पुलिसकर्मियों पर डकैती का मुकदमा दर्ज करने के निर्देश; यह है पूरा मामला
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, ग्वालियर।
विशेष सत्र न्यायालय ने एक बड़े और चौंकाने वाले फैसले में भोपाल के डीआईजी राजेश सिंह चंदेल सहित तीन अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ डकैती, साजिश रचने और साक्ष्य मिटाने का मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। न्यायालय ने यह आदेश एक परिवाद मामले की सुनवाई के दौरान सोमवार को सुनाया। मामला करीब दो साल पुराना है और इसमें धोखाधड़ी के एक केस में समझौता कराने के नाम पर तीस लाख रुपए से अधिक की वसूली का गंभीर आरोप है।
क्या है पूरा मामला
ग्वालियर के थाटीपुर थाने में दिसंबर 2023 में विक्रम राणा और चंद्रलेखा जैन के खिलाफ धोखाधड़ी का एक मामला दर्ज हुआ था। इसी मामले की आड़ में थाटीपुर थाना पुलिस ने कथित तौर पर समझौता कराने का लालच देकर पहले फरियादी पक्ष से पांच लाख अस्सी हजार रुपए ले लिए।
दोनों आरोपियों को थाने बुलाया
इससे बात नहीं बनी तो 24 दिसंबर 2023 को विक्रम राणा और चंद्रलेखा जैन दोनों आरोपियों को थाने बुलाया गया। वहां पुलिस ने पच्चीस लाख रुपए की और मांग रख दी। दबाव में आकर विक्रम राणा से नौ लाख पचहत्तर हजार और चंद्रलेखा के घर से पंद्रह लाख रुपए मंगवाए गए। इस तरह कुल चौबीस लाख पचहत्तर हजार रुपए वसूल किए गए। इसके बाद भी पुलिस ने तीस लाख रुपए और देने का दबाव बनाना जारी रखा।
जब रुपए देने से इनकार किया तो जेल भेज दिया
फरियादी पक्ष ने जब और रुपए देने से मना किया तो पुलिस ने अपना रंग दिखाया। आरोप है कि पुलिस ने विक्रम राणा को ही षड्यंत्रकारी बताकर जेल भिजवा दिया। परेशान होकर विक्रम के भाई अनूप राणा ने तत्कालीन एसपी राजेश चंदेल से मिलकर पूरी आपबीती सुनाई और कार्रवाई की मांग की, लेकिन एसपी ने इस शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया। थक-हारकर अनूप राणा ने फरवरी 2024 में सीधे न्यायालय में परिवाद दायर कर दिया।
सीसीटीवी फुटेज डिलीट-न्यायालय ने जताई नाराजगी
मामले की सुनवाई के दौरान विशेष सत्र न्यायालय ने थाटीपुर थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों का फुटेज साक्ष्य के रूप में तलब किया। इस पर पुलिस ने न्यायालय में हलफनामा दायर करते हुए कहा कि तीन जनवरी 2024 से पहले का सारा सीसीटीवी फुटेज डिलीट हो चुका है। पुलिस के इस जवाब पर न्यायालय ने कड़ी नाराजगी जताई और इसे साक्ष्य मिटाने की कोशिश माना।
किन-किन पर दर्ज होगा मुकदमा
फरियादी के अधिवक्ता अशोक प्रजापति के अनुसार विशेष सत्र न्यायालय ने सभी तथ्यों का संज्ञान लेते हुए तत्कालीन एसपी और वर्तमान डीआईजी आईपीएस राजेश सिंह चंदेल, थाटीपुर थाना के तत्कालीन थाना प्रभारी सुरेंद्र नाथ, उपनिरीक्षक अजय सिंह सिकरवार और आरक्षक संतोष वर्मा के खिलाफ लूट, डकैती, साक्ष्य मिटाने और आपराधिक षड्यंत्र रचने के गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
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