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मौसी के घर जाता था सोनू: हो गई राजपाल से दोस्ती; लारेंस बिश्नोई गैंग के आरोपियों से पूछताछ जारी

KHULASA FIRST

संवाददाता

01 मई 2026, 5:27 pm
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मौसी के घर जाता था सोनू

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नेटवर्क को लेकर क्राइम ब्रांच की एसआईटी की जांच जारी है। क्राइम ब्रांच ने गैंग के सदस्य राजपाल चंद्रावत निवासी रत्नाखेड़ी, नागदा को गिरफ्तार किया है। उसकी निशानदेही पर भंवरकुआ थाना क्षेत्र के हिस्ट्रीशिटर सोनू सोलंकी को भी हिरासत में लिया गया है। सोनू ने ही राजपाल के इशारे पर बिल्डर विवेक दम्मानी के घर की रैकी की थी। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आधा दर्जन गंभीर अपराधों से लदे सोनू की पहचान राजपाल से उसकी मौसी के घर नागदा जाने के दौरान हुई थी।

बिल्डर विवेक दम्मानी से 5 करोड़ रुपए की फिरौती मांगने का मामला सामने आया था। क्राइम ब्रांच ने 14 अप्रैल को केस दर्ज किया था। पेट्रोल पंप संचालक चेतन पंवार और कुंवर सिंह को 15 अप्रैल को व्हाट्सऐप नंबर से धमकी देकर 10 करोड़ की मांग की गई।

वहीं, इससे पहले एक कॉलेज संचालक और तुकोगंज थाना क्षेत्र के बिल्डर को भी निशाना बनाते हुए करोड़ों रुपए की फिरौती लॉरेंस विश्नोई के नाम पर हैरी बॉक्सर ने मांगी थी। जांच में सामने आया कि इंदौर के कारोबारियों को धमकी देने का कनेक्शन राजपाल चंद्रावत निवासी रत्नाखेड़ी, नागदा से जुड़ा है। राजपाल पर पहले भी भीकनगांव के बायो कॉटन व्यापारी के घर फायरिंग कर 10 करोड़ की फिरौती मांगने का आरोप है। उस मामले में भी विदेशी नंबर से विश्नोई गैंग के नाम पर धमकी दी थी।

क्राइम ब्रांच ने एसआईटी गठित करने के बाद जांच में तेजी लाते हुए राजपाल को प्रोडक्शन वारंट पर इंदौर लाकर पूछताछ की। उसने बताया कि बिल्डर विवेक दम्मानी की जानकारी सोनू सोलंकी निवासी जीत नगर, भंवरकुआ की मदद से जुटाई थी। इसके बाद उक्त जानकारी विदेश में हैरी बॉक्सर को भेजी।

सोनू पर चाकूबाजी, कातिलाना हमला, बलात्कार और घर में घुसकर धमकी देने जैसे छह केस दर्ज है। पुलिस ने सोनू को भी हिरासत में ले लिया है। पूछताछ में यह भी सामने आया कि राजपाल और सोनू की पहचान नागदा में रिश्तेदारी के दौरान हुई, जिसके बाद दोनों गैंग के नेटवर्क का हिस्सा बन गए। गैंग ने इंदौर के कई बिल्डरों और कारोबारियों को निशाना बनाया।

हाईटेक तरीके से काम करती है गैंग... एसआईटी की जांच में ये भी सामने आया कि इंदौर में अंडरवल्र्ड की परछाई अब सिर्फ धमकियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि करोड़ों की असली वसूली तक पहुंच चुकी है। गांधी नगर क्षेत्र के एक बिल्डर ने तो हैरी बॉक्स को क्रिप्टोकरेंसी के जरिए फिरौती की रकम विदेश तक भेज दी थी।

हालांकि एसआईटी के संपर्क करने पर उसने केस दर्ज कराने से इनकार कर दिया। धमकी देने के लिए गैंग के गुर्गे फेसटाइम और सिग्नल जैसे एन्क्रिप्टेड ऐप का इस्तेमाल करते थे, ताकि उनकी लोकेशन और बातचीत ट्रैक न हो सके।

बिल्डर विवेक दम्मानी के ऑफिस नंबर पर आए कॉल में खुद को ‘हैरी बॉक्सरÓ बताकर बेटे को गोली मारने की धमकी दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य जुटाए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की पुष्टि हो रही है।

राजपाल बड़े लेवल का हिस्ट्रीशिटर... क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया कि राजपाल चंद्रावत का आपराधिक इतिहास भी बेहद गंभीर है। उसके खिलाफ नांदेड़ में हत्या, दिल्ली में अपहरण और लूट, बिहार के बेतिया में अपहरण जैसे कई मामले दर्ज हैं।

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