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सॉफ्टवेयर इंजीनियर से इतने लाख की साइबर ठगी: बिन मांगे लोन का झांसा; किस्तों में लुटाए पैसे

KHULASA FIRST

संवाददाता

07 मई 2026, 12:51 pm
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सॉफ्टवेयर इंजीनियर से इतने लाख की साइबर ठगी

खुलासा फर्स्ट, ग्वालियर।
बेंगलुरु की नामी कंपनी में काम करने वाला सॉफ्टवेयर इंजीनियर साइबर ठगों की चिकनी-चुपड़ी बातों में आ गया और 7 लाख से ज्यादा रुपए गंवा बैठा। ठगों ने खुद को बैंक कर्मचारी बताकर पहले भरोसा जीता, फिर अनचाहे लोन को बंद कराने का झांसा देकर किस्तों में मोटी रकम ऐंठ ली।

कैसे बिछाया जाल
मुरार के त्यागी नगर निवासी 32 वर्षीय विपिन कुमार सिंह ने अगस्त 2025 में एचडीएफसी बैंक में लोन के लिए आवेदन किया था। आवेदन होते ही उनका डेटा लीक हो गया और अनजान नंबरों से कॉल्स की बाढ़ आ गई। इसी दौरान 'दिव्यांशु हंस' नाम के एक युवक ने खुद को आईसीआईसीआई बैंक का कर्मचारी बताकर उनसे संपर्क किया।

विपिन ने पहले लोन लेने से मना कर दिया, क्योंकि उनका काम एचडीएफसी से हो चुका था। लेकिन ठग ने भविष्य का वास्ता देकर उन्हें 'Track My Loan' नामक ऐप पर दस्तावेज अपलोड करवा दिए। कुछ ही दिनों में उनके खाते में बिन मांगे आईसीआईसीआई बैंक से ₹24.91 लाख का लोन क्रेडिट हो गया।

घबराहट का फायदा उठाया
अचानक खाते में इतनी बड़ी रकम देखकर विपिन बुरी तरह घबरा गए। उन्होंने दिव्यांशु से संपर्क किया तो उसने बड़ी चतुराई से भरोसा दिलाया कि वह लोन को सिस्टम से क्लोज करा देगा। इसके बाद 'प्रोसेसिंग चार्ज' और 'क्लोजर फीस' के नाम पर किस्तों में पैसे मांगे जाने लगे। सितंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच विपिन से कुल ₹7,09,691 रुपए ठग लिए गए। इतनी बड़ी रकम देने के बाद भी लोन बंद नहीं हुआ और ठग ने उनका नंबर ब्लॉक कर दिया।

3 महीने बाद दर्ज हुई FIR
पीड़ित विपिन पिछले तीन महीनों से थाने के चक्कर काट रहे थे, लेकिन मामला दर्ज नहीं हो रहा था। अंततः वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद बुधवार को मुरार थाने में अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया। पुलिस अब उन बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है, जिनमें ठगी की राशि ट्रांसफर हुई।

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