दिल दहला देने वाले हादसे में अब तक इतनी मौतें: सर्च ऑपरेशन जारी; चाचा-भतीजे का शव मिलने से गहराया शोक, उजड़ गया परिवार
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, जबलपुर।
बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे में चौथे दिन भी रेस्क्यू और सर्च ऑपरेशन जारी रहा। रविवार सुबह राहत टीम को बड़ी सफलता मिली, जब लापता कामराज आर. का शव सुबह करीब 9:40 बजे बरामद किया गया। इससे कुछ घंटे पहले ही सुबह लगभग 6 बजे उनके 8 वर्षीय भतीजे मयूरन की डेडबॉडी भी पानी से निकाली गई थी। दोनों के शव मिलने के साथ ही हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है।
तीन दिन बाद मिला पूरा परिवार का दर्दनाक अंत
हादसे में कामराज आर. और उनके परिवार को लेकर जो जानकारी सामने आई है, उसने पूरे मामले को और भी भावुक बना दिया है। इससे पहले शनिवार शाम को भी दो बच्चों के शव बरामद हुए थे, जिनकी पहचान 5 वर्षीय श्रीतमिल (कामराज के बेटे) और 5 वर्षीय विराज (कृष्ण सोनी के बेटे) के रूप में हुई थी। अब चाचा, भतीजे और बेटे तीनों की मौत ने परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया है।
दिनवार मिला शवों का विवरण
पहले दिन: 4 शव, दूसरे दिन: 5 शव, तीसरे दिन: 2 शव और चौथे दिन: 2 शव। इस तरह कुल मृतकों की संख्या 13 पहुंच गई है। इनमें 4 बच्चे और 8 महिलाएं शामिल हैं। एक शव की अभी भी पहचान नहीं हो सकी है।
हादसे की भयावहता और रेस्क्यू ऑपरेशन
सीएसपी अंजुल अयंक मिश्रा के अनुसार, हादसे के बाद से ही लगातार सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा है और आज भी पूरे दिन ऑपरेशन जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। बरगी डैम में पानी की गहराई और तेज बहाव के कारण रेस्क्यू कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
कैसे हुआ हादसा
यह दर्दनाक हादसा 30 अप्रैल की शाम करीब 5 बजे हुआ था, जब MP टूरिज्म का पर्यटकों से भरा क्रूज बरगी डैम में पलट गया। क्रूज में लगभग 47 पर्यटक सवार थे, जबकि टिकट केवल 29 लोगों की ही बुकिंग की गई थी। हादसा किनारे से लगभग 300 मीटर दूर हुआ और उस समय हवा की रफ्तार करीब 74 किमी/घंटा बताई जा रही है।
शवों को गृह राज्य भेजा गया
हादसे में मारे गए तमिलनाडु के पर्यटकों के शवों को जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट से कार्गो विमान के जरिए त्रिची भेजा गया। तकनीकी दिक्कत के कारण शुरुआत में विमान बदलना पड़ा। परिजन भी शवों के साथ रवाना हुए हैं। प्रशासन अन्य शवों को भी उनके गृह राज्यों तक पहुंचाने की व्यवस्था में जुटा है।
हादसे के पीछे क्या कारण?
MP टूरिज्म के सलाहकार कमांडर राजेंद्र निगम के अनुसार, हादसे का कारण अचानक आया मिनी बवंडर और तेज हवाएं थीं, जिनसे ऊंची लहरें उठीं और क्रूज का संतुलन बिगड़ गया। हालांकि, बड़ा सवाल यह है कि मौसम विभाग द्वारा येलो अलर्ट जारी होने के बावजूद क्रूज संचालन क्यों नहीं रोका गया। इसके अलावा यह भी जांच का विषय है कि क्या उस समय कोई रियल-टाइम मौसम निगरानी या अलर्ट सिस्टम सक्रिय था या नहीं।
अब भी कई सवाल अनसुलझे
इस हादसे ने प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच जारी है, लेकिन 13 लोगों की मौत के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।
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