बुजुर्गों के चेहरे पर लौटी मुस्कान: विशेष जनसुनवाई शिविर में अधिकारियों ने सुनी समस्याएं: मौके पर किया समाधान
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
आज एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जहां प्रशासनिक व्यवस्था केवल औपचारिकता नहीं बल्कि मानवीय संवेदनाओं का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आई। कलेक्टर शिवम वर्मा की पहल पर आयोजित विशेष जनसुनवाई शिविर में बड़ी संख्या में पहुंचे बुजुर्गों के चेहरों पर राहत, विश्वास और संतोष साफ दिखाई दिया।
शिविर में पहुंचे कई वृद्धजन ऐसे थे, जो लंबे समय से पेंशन, भरण-पोषण, स्वास्थ्य सुविधाओं और पारिवारिक समस्याओं को लेकर परेशान थे। लेकिन इस विशेष पहल में उन्हें पहली बार ऐसा महसूस हुआ कि प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुन रहा है। अधिकारियों ने न केवल आत्मीयता से उनकी बातें सुनीं, बल्कि अनेक मामलों में मौके पर ही समाधान भी सुनिश्चित किया।
किसी बुजुर्ग की आंखों में पेंशन शुरू होने की उम्मीद चमकी तो किसी ने पारिवारिक विवाद के समाधान के बाद राहत की सांस ली। शिविर में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी पूरे धैर्य और संवेदनशीलता के साथ प्रत्येक व्यक्ति की समस्या सुनी।
कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि वृद्धजन समाज की अमूल्य धरोहर हैं और उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त आवेदनों पर समय-सीमा में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी बुजुर्ग को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। यह विशेष जनसुनवाई शिविर केवल शिकायतों के निराकरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह प्रशासन और समाज के बीच विश्वास, सम्मान और मानवीय संवेदनाओं का जीवंत उदाहरण बन गया।
विशेष शिविर में कलेक्टर ने सभी वृद्धजनों का तिलक लगाकर उनका स्वागत किया और उन्हें जलपान कराया। इस मौके पर जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी एवं समस्त विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
इसी के तहत कलेक्ट्रेट सभागृह में वृद्धजनों के लिए विशेष शिविर आयोजित किया गया। एक ही स्थान पर वृद्धजनों को विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित इस विशेष शिविर में भरण-पोषण, पारिवारिक विवाद, पेंशन और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के 331 आवेदन आए।
ये सभी आवेदन कलेक्ट्रेट कार्यालय के 33 विभागों से संबंधित थे। इसमें नगर निगम के 87, तहसील मल्हारगंज के 33, तहसील जूनी इंदौर के 35, तहसील राऊ के 27, उपायुक्त सहकारिता विभाग के 22, संयुक्त संचालक सामाजिक विभाग के 18 थे। इसके अलावा रेडक्रास सोसायटी, जिला खाद्य आपूर्ति विभाग सहित अन्य विभागों से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए।
सामाजिक न्याय विभाग द्वारा विशेष जनसुनवाई में वृद्धजनों को विशेष उपकरण वितरित किए गए। वयोश्री योजना के अंतर्गत वृद्धजनों को कान की मशीन (हियरिंग एड), व्हीलचेयर, वाकर, घुटने के पट्टे, सिलीकॉन कुशन, वाकिंग स्टीक और स्पाइनल बेल्ट सहित कुल 111 उपकरण वितरित किए गए। साथ ही 10 वरिष्ठजनों की वृद्धा पेंशन समस्याओं का तत्काल निराकृत किया गया। कलेक्टर द्वारा शिविर में आए 26 वृद्धजनों को भरण-पोषण अधिनियम के तहत आदेश की प्रति दी गई।
वृद्धजनों की सेहत को सर्वोपरि रखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया, जिसमें वरिष्ठजनों को मल्टी स्पेशलिटी, मानसिक, फिजियोथैरेपी स्क्रीनिंग एवं मेडिकल बोर्ड आदि व्यवस्थाएं दी गई। लगभग 100 से अधिक रोगियों ने विशेष उपचार एवं परामर्श उपचार दिया गया। साथ 34 से अधिक वृद्धजनों का विभिन्न बीमारियों की रक्त जांच की गई।
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