9 मई तक बढ़ी स्लॉट बुकिंग अब 6 दिन होगी गेहूं खरीदी: किसानों को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दी सौगात
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज प्रदेशवासियों को दिए अपने लाइव संदेश में कहा कि मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद पूरा मध्यप्रदेश उनका परिवार बन गया है और प्रदेशवासियों का सुख-दुख ही उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश के तेजी से विकास करने का दावा करते हुए किसानों को इस विकास की सबसे मजबूत कड़ी बताया।
सीएम ने कहा कि राज्य सरकार ने रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन को देखते हुए केंद्र सरकार से खरीदी लक्ष्य बढ़ाने का आग्रह किया था, जिसे मंजूरी मिल गई है। अब गेहूं उपार्जन का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है। उन्होंने इसे किसानों की मेहनत का सम्मान बताया। उन्होंने बताया कि अब प्रदेश के सभी छोटे और बड़े किसानों के लिए समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने की स्लॉट बुकिंग पूरी तरह खोल दी गई है। गेहूं खरीदी अब सप्ताह में छह दिन होगी और शनिवार को भी उपार्जन केंद्र खुले रहेंगे। साथ ही स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 30 अप्रैल से बढ़ाकर 9 मई कर दी गई है।
किसानों को उनकी भूमि के बदले देंगे चार गुना मुआवजा
मुख्यमंत्री ने भू-अर्जन को लेकर भी बड़ा फैसला बताते हुए कहा कि अब किसानों को उनकी जमीन के बदले चार गुना तक मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह फैसला किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए लिया गया है। सीएम ने दलहन और तिलहन फसलों को बढ़ावा देने के लिए भी नई घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि उड़द की समर्थन मूल्य पर खरीदी की जाएगी और इसके अलावा किसानों को 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस भी दिया जाएगा, वहीं सरसों पर भावांतर योजना लागू होने के बाद किसानों को बेहतर दाम मिल रहे हैं।
हमारी सरकार का संकल्प ‘सच्चा वादा और पक्का काम’
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार किसानों के हितों के लिए काम करती रहेगी। सच्चा वादा और पक्का काम सरकार का संकल्प है और किसानों की समृद्धि ही विकसित मध्यप्रदेश की नींव बनेगी। हमने किसानों से जो वादा किया वह करके दिखाया है। मध्य प्रदेश का समृद्ध किसान ही विकसित मध्य प्रदेश 2047 में प्रमुख निभाएगा। आपकी समृद्धि ही हमारी बहुत बड़ी ताकत है। हमने बीते दो वर्षों में जो रिश्ता निभाया है, उसे आगे भी निभाएंगे।
प्रदेश को मिल्क कैपिटल बनाने की दिशा में हो रहा काम
दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को मिल्क कैपिटल बनाने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। प्रदेश में 1752 नई दुग्ध समितियों का गठन किया गया है और दूध उत्पादकों को 1600 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। यह मध्य प्रदेश को मिल्क कैपिटल बनाने की पहल है।
कृषि बिजली व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को अब रात की बजाय दिन में सिंचाई के लिए बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। कृषक मित्र योजना के तहत किसानों को 90 प्रतिशत सब्सिडी पर सोलर पंप दिए जा रहे हैं, जिससे वे ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बन सकें।
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