अवैध गर्भपात कांड के 6 दिन बाद भी टीआई को न कार दिखी, न आरोपी: महू पुलिस की सुस्त मेहरबानी
KHULASA FIRST
संवाददाता

क्या सिस्टम ही बना रहा बचाव का रास्ता?
अमीषा को अस्पताल से छुट्टी, पर पुलिस पुख्ता सुरागों के बाद भी बेबस
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
महू शहर के बीचोबीच स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर चल रहे अवैध गर्भपात के काले कारोबार को सील हुए 6 दिन हो चुके हैं, लेकिन पुलिसिया कार्रवाई अब तक फाइलों और कागजी खानापूर्ति से बाहर नहीं निकल पाई है। इस जघन्य अपराध से जुड़े मामले में जिस तरह की सुस्ती बरती जा रही है, वह सीधे तौर पर महू पुलिस की पुलिसिंग को कलंकित कर रही है।
प्रशासन ने 26 फरवरी को काली माता मंदिर के पीछे जिस मकान में दबिश देकर मिनी ऑपरेशन थिएटर और प्रतिबंधित दवाओं का जखीरा पकड़ा था, उसमें सबसे बड़ा सुराग वह संदिग्ध कार है, जिसका रजिस्ट्रेशन खरगोन का मिला है।
हैरानी की बात यह कि घटना के दिन इसी संदिग्ध कार से युवती को लाने-ले जाने और जागरूक लोगों की पूछताछ के दौरान कार से शातिर तरीके से आरोपियों के फरार होने के पुख्ता इनपुट पुलिस के पास हैं, फिर भी मुख्य चेहरे अब तक महू पुलिस की पहुंच से दूर हैं।
मामले में मुख्य आरोपी महिला अमीषा को सोमवार को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। अब तक वह बीमारी का बहाना बनाकर पूछताछ से बच रही थी, लेकिन अब पुलिस पर सबकी नजरें टिकी हैं। टीआई राहुल शर्मा और उनकी टीम के पास इस गोरखधंधे में शामिल गाड़ी के नंबर से लेकर तमाम पुख्ता साक्ष्य मौजूद हैं,
इसके बावजूद जिस तरह से अमीषा के मोबाइल की कॉल डिटेल (सीडीआर) खंगालने और इस घिनौने खेल में शामिल अन्य मुख्य आरोपियों को नामजद करने में ढिलाई बरती जा रही है, वह सीधे तौर पर पुलिस की संदिग्ध भूमिका पर सवाल खड़े करती है। आखिर पुलिस उस कार मालिक और फरार चेहरों तक पहुंचने में इतनी सुस्ती क्यों दिखा रही है?
एसडीएम राकेश परमार और बीएमओ डॉ. योगेश सिंगारे की छापेमारी में जिस तरह का साजो-सामान मिला, उसने साफ कर दिया था कि यहां बड़े पैमाने पर गर्भपात करने का खेल चल रहा था। इस बड़ी कार्रवाई के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि महिलाओं के गर्भपात से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का खुलासा होगा, लेकिन टीआई राहुल शर्मा के नेतृत्व में चल रही पुलिस की कार्यप्रणाली ने इस पूरे मामले का खुलासा करने के बजाय उसे संरक्षण देने जैसी स्थिति पैदा कर दी है।
जांच को जिस तरह से दबाने की कोशिश की जा रही है, उससे स्पष्ट है कि कहीं न कहीं आरोपियों को बचाने का खेल पर्दे के पीछे जारी है।
संबंधित समाचार

जहरीली शराब केस में तीन बरी:रतलाम में कोर्ट ने कहा- पुलिस की जांच में खामियां

बायपास पर DRI का बड़ा एक्शन:करोड़ों की एम्फेटामाइन के साथ तस्कर गिरफ्तार; बस में बैठा था आरोपी, सलवार सूट के अंदर छिपाकर रखी थी 2 किलो से ज्यादा ड्रग्स

IRCTC केस:लालू, तेजस्वी और राबड़ी समेत 9 पर आरोप तय;7 आरोपी बरी, अगली सुनवाई 3 अक्टूबर को

खड़े हनुमानजी पर प्रशासन का यू-टर्न:बिना सहमति नहीं हटेगी प्रतिमा

10 बाय 10 के चबूतरे पर बैठकर पढ़ रहे नौनिहाल

आरोपियों पर उम्रकैद व फांसी की धाराओं में कार्रवाई की जाएगी:जहरीली शराब कांड पर बोले सीएम डॉ. मोहन यादव

बीजेपी नेत्री के बेटे पर चल रहे रेप केस को वापस लेने का दबाव:हेलमेट पहने आरोपी ने रोका; कहा- प्रकरण वापस नहीं लिया तो अगली बार समझाने नहीं आऊंगा

दुबई में सनपाल का रिमोट:जबलपुर में गुरुमुख का नेटवर्क; अब ईडी की बारी कब

घर में घुसकर मां-बेटी पर धारदार हथियार से हमला:मां की मौत; बेटी गंभीर, 4 साल की बच्ची सुरक्षित बाहर निकली तो हुआ खुलासा

जिलाबदर किया नहीं, केवल थाने में हाजिरी:हो गई चंदर की हत्या

इस फोरलेन पर अब NHAI संभालेगा टोल:मेंटेनेंस के लिए भी शुरू हुई टेंडर प्रक्रिया

600 दुकानों वाले अपोलो टॉवर समेत रेस्टोरेंट,शोरूम हॉस्टल, प्रिंटिंग प्रेस और कोचिंग पर सीलिंग की हुई कार्रवाई

मुआवजे के दस्तावेज बनाने पटवारी मांग रहा था रिश्वत:रुपए लेते लोकायुक्त ने दबोचा

मठ के एक पते से 40 पासपोर्ट जारी:बांग्लादेशी नागरिकों को भारतीय बनाने वाले गिरोह का खुलासा

थाली में कीड़े कमरों में चूहे:सेज यूनिवर्सिटी हॉस्टल की बदइंतजामी पर चार घंटे आंदोलन

एडिशनल डीसीपी को दिया धक्का 14 नामजद समेत अन्य पर केस दर्ज:रिमूवल कार्रवाई के विरोध में हंगामा

विवाद में फायर ब्रांड नेता की एंट्री:सीएम डाॅ. मोहन यादव को लिखा पत्र; मंदिर को बचाते हुए विकास कार्य आगे बढ़ाने का सुझाया रास्ता

मुक्तिधामों में बदहाली:अफसरों की शह पर चल रही अवैध वसूली

अब 225 करोड़ से बदलेगा बैगा बहुल 100 गांवों का चेहरा:सीएम डाॅ. मोहन यादव ने पीड़ित परिवारों को दी 2-2 लाख की मदद

मुक्ति की राह खुली:6000 से ज्यादा प्लॉटधारकों का फूटा गुस्सा; सैकड़ों लोग आईडीए कार्यालय पहुंचे; CEO ने लिखित आश्वासन दिया-अक्टूबर के दूसरे सप्ताह या उससे पहले बैठक
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!