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नहीं हटेंगी मार्केट की दुकानें: 126 दुकानदारों को हाईकोर्ट से राहत; बेदखली आदेश पर लगी रोक

KHULASA FIRST

संवाददाता

26 अप्रैल 2026, 4:58 pm
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नहीं हटेंगी मार्केट की दुकानें

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर में निगम मुख्यालय के पास स्थित शिवाजी मार्केट के 126 दुकानदारों को रविवार को बड़ी राहत मिली। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की विशेष पीठ ने एसडीएम द्वारा जारी बेदखली आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है।

हाईकोर्ट में याचिका दायर की
दरअसल, एसडीएम ने लोक परिसर बेदखली अधिनियम के तहत दुकानदारों को दुकानें खाली करने के निर्देश दिए थे। इसके खिलाफ दुकानदारों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की।

एसडीएम के आदेश पर स्टे दे दिया
रविवार को न्यायमूर्ति प्रणय वर्मा की विशेष पीठ में सुनवाई हुई, जिसमें कोर्ट ने आदेश के क्रियान्वयन पर स्टे दे दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि दुकानदार एक सप्ताह के भीतर संभागायुक्त के समक्ष अपील और स्टे आवेदन प्रस्तुत करें।

दुकानदारों ने निगम मुख्यालय पर प्रदर्शन भी किया
जब तक इस आवेदन पर निर्णय नहीं हो जाता, तब तक इंदौर नगर निगम किसी भी प्रकार की बेदखली या हटाने की कार्रवाई नहीं कर सकेगा। सुनवाई से पहले रविवार सुबह दुकानदारों ने निगम मुख्यालय पर प्रदर्शन भी किया।

व्यापार के लिहाज से उपयुक्त नहीं
उनका कहना है कि वे पिछले 40 वर्षों से अधिक समय से शिवाजी मार्केट में व्यापार कर रहे हैं और उन्हें जबरन नंदलालपुरा मार्केट में शिफ्ट किया जा रहा है, जो व्यापार के लिहाज से उपयुक्त नहीं है।

अवकाश के चलते सुनवाई नहीं हो सकी
जानकारी के मुताबिक, 22 मार्च 2026 को एसडीएम ने तीन दिन के भीतर दुकान खाली करने का आदेश दिया था, जिसकी सूचना 24 अप्रैल को दुकानदारों को दी गई। 25 अप्रैल को वे संभागायुक्त कार्यालय पहुंचे, लेकिन अवकाश के चलते सुनवाई नहीं हो सकी।

हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया
इसी बीच उन्हें आशंका थी कि निगम किसी भी समय कार्रवाई कर सकता है, जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। दुकानदारों की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने कोर्ट में दलील दी कि बिना उचित विकल्प और सुनवाई के इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं है।

कानूनी प्रक्रिया का इंतजार
कोर्ट ने प्रारंभिक सुनवाई में ही दुकानदारों को राहत देते हुए फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। घटना के बाद से दुकानदारों में राहत है, वहीं प्रशासन अब आगे की कानूनी प्रक्रिया का इंतजार कर रहा है।

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