बिल्डर पर फायरिंग से पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ा शूटर लॉरेंस-हैरी गैंग के इंदौर कनेक्शन का खुलासा: करोड़ों के रंगदारी नेटवर्क पर बड़ा प्रहार
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर में बिल्डरों और कारोबारियों से करोड़ों की रंगदारी वसूलने की साजिश रच रही अंतरराज्यीय गैंग पर पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। क्राइम ब्रांच की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने गैंग के एक अहम गुर्गे को गिरफ्तार किया है, जो एक बड़े बिल्डर पर फायरिंग करने की तैयारी में था। इस गिरफ्तारी के साथ ही कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके सहयोगी हैरी बॉक्सर के नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी रितेश उर्फ सोनू को बिल्डर की रेकी और हमले की जिम्मेदारी दी गई थी। वह पेशे से ड्राइवर है, लेकिन उसके तार देश के बड़े गैंगस्टर्स से जुड़े मिले हैं। पुलिस अब उससे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है। क्राइम ब्रांच ने एसआईटी का गठन किया था।
इस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए पहले से गिरफ्तार आरोपी राजपाल कसरावद को रिमांड पर लिया। राजपाल से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। जांच में सामने आया कि राजपाल का सीधा संपर्क हैरी बॉक्सर से था और वह तिहाड़ जेल में लॉरेंस बिश्नोई से भी मिल चुका है। इसी कड़ी में एसआईटी ने रितेश उर्फ सोनू की पहचान की, जिसे बिल्डर पर हमले की जिम्मेदारी दी गई थी।
लॉरेंस गैंग का एमपी में बढ़ता असर
इंदौर सहित मध्य प्रदेश में लॉरेंस बिश्नोई गैंग की सक्रियता लगातार बढ़ रही है। पिछले कुछ महीनों में रंगदारी, धमकी और फायरिंग के कई मामले सामने आए हैं। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह गैंग अब बड़े शहरों के बिल्डर्स और कारोबारियों को टारगेट बना रही है।
गौरतलब है कि लॉरेंस बिश्नोई का नाम सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड सहित कई बड़े मामलों में सामने आ चुका है। वहीं, उसका करीबी सहयोगी हैरी बॉक्सर विदेश में बैठकर नेटवर्क ऑपरेट करता है और भारत में अपने गुर्गों के जरिए वारदातों को अंजाम दिलाता है।
सोशल मीडिया और टेक्नोलॉजी से चल रही गैंग: जांच में यह भी सामने आया है कि गैंग नेटवर्क को चलाने के लिए एन्क्रिप्टेड एप्स और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करती है। कॉल और मैसेजिंग के लिए वर्चुअल नंबरों का उपयोग किया जाता है, जिससे पुलिस को ट्रैक करने में मुश्किल होती है।
क्राइम ब्रांच ने दिल्ली पुलिस की सोशल सेल से भी संपर्क किया है।
पुलिस का दावा: जल्द होंगे और बड़े खुलासे: क्राइम ब्रांच के अधिकारियों का कहना है कि रितेश की गिरफ्तारी इस पूरे केस में गेम चेंजर साबित हो सकती है। उससे पूछताछ में कई और नाम सामने आ उम्मीद है। पुलिस अब उन लोगों की पहचान कर रही है, जो स्थानीय स्तर पर गैंग की मदद कर रहे थे।
बिल्डर और कारोबारी बने निशाना... जांच में यह भी खुलासा हुआ कि गैंग का टारगेट शहर के बड़े बिल्डर और कारोबारी थे। रेसकोर्स रोड निवासी बिल्डर विवेक दम्मानी को भी धमकी दी गई थी। इसके अलावा बायो कॉटन कारोबारी दिलीप सिंह राठौर पर पहले ही हमला कराया जा चुका है।
सूत्रों के अनुसार दिलीप राठौर से हैरी बॉक्सर ने करीब 10 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी थी। पैसे न देने पर उनके घर पर फायरिंग करवाई थी। इस हमले में देवास के युवकों का इस्तेमाल किया गया, जिन्हें राजपाल के इशारे पर भेजा गया था।
संबंधित समाचार

चर्चित अभि तोमर हत्याकांड की आग भिंड तक जा पहुंची:इंदौर की गैंगवार का बदला लेने चली गोलियां

शौक पूरे करने के लिए करता था चोरी:दो ऑटो किए बरामद; रात के अंधेरे में उड़ाता था वाहन, पुलिस ने किया गिरफ्तार

सिंहस्थ की जमीन से हटाया अतिक्रमण:20 अवैध मकान ध्वस्त 3 हेक्टेयर जमीन को कब्जा मुक्त; पुलिस बल की मौजूदगी में अभियान चलाया

इस अधिकारी ने बढ़ाया देवी अहिल्या की नगरी का गौरव:ओडिशा के राज्यपाल की एडीसी बनी; ऐसा करने वाली पहली महिला ऑफिसर भी
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!